एक हिन्दी कवि एवं लेखक जो कविता, गीत, गजल, मुक्तक, दोहा, छंद रचनाकार श्रंगार रस एवं युगधर्म प्रधान कवि | हिन्दी साहित्य विद्यार्थी|

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राज दोहावली से - ( गुस्ताखी माफी सहित )

पांच तारा होटल में, नाचे नग्न दिखाय| कहे दुशासन द्रोपदी, तुझे लाज न आय || Read more

राज दोहावली से:-

तुकबंदी से तुकबनी, कविता लई बनाय | भाषा के दुश्मन यहां, कविराज कहलाये || Read more

राज दोहावली से -

जब अंधियारा था रमां, राम रमाया नाय| विकट अंधेरा पायके , रमा रमा चिल्लाय || Read more