PUNIT TRIPATHI

GORKHPUR

Joined February 2019

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' मानवता '

*ब्रिटेन के स्कॉटलैंड में फ्लेमिंग नाम का एक गरीब किसान था!* एक दिन वह अपने खेत पर काम कर रहा था। अचानक पास में से किसी के चीखने... Read more

' कोरोना से लड़ाई '

*महाभारत युद्ध में अपने पिता द्रोणाचार्य के धोखे से मारे जाने पर अश्वत्थामा बहुत क्रोधित हो गये। उन्होंने पांडव सेना पर एक बहुत ही भ... Read more

,' कर्मयोग '

कर्मयोग से रावण था, कर्मयोग से श्रीराम भी, कर्मयोग सबसे बड़ा, कर्मयोग से भगवान भी... Read more

वफादार कुत्ता ' मार्शल '

गोपाल किशन जी एक सेवानिवृत अध्यापक हैं । सुबह दस बजे तक ये एकदम स्वस्थ प्रतीत हो रहे थे । शाम के 7 बजते-बजते तेज बुखार के साथ-साथ व... Read more

अमित की ' लगन'

बिहार के गया जिले के छोटे से गांव डाबर में रहने वाले ईश्वरी खेतों में मजदूरी कर अपना पेट भरते थे। शादी हो गई, चार बच्चे हुए, लेकिन म... Read more

'माता के नव स्वरूप '

1- गिरिराज हिमालय की पुत्री ' पार्वती देवी ' । यद्यपि यह सब की अधिश्चरी हैं , तथापि हिमालय की तपस्या और प्रार्थना से प्रसन्न हो कृ... Read more

'लक्ष्मण - रेखा'

लक्ष्मण रेखा के जो गए पार, हो जाएगा जीवन रेखा से उद्ध्यार.. और 18 दिन शेष हैं देश का रख ध्यान, इसीलिए सभी लक्ष्मण रेखा में ही... Read more

'कोरोना वायरस और हक़ीक़त'

#सतर्क_रहें_स्वस्थ_रहें... ☺🙏 #कोरोना_वायरस_और_हकीकत चीन में हज़ारों शवों को, उनके परिवारों से पूछे बिना कहाँ दफनाया गया, ये केवल ... Read more

' यादें '

दूर देश से आते बादल , ना जाने कुछ कहते हैं, मन के इतिहास में दब गए, बहुत सारी मीठी यादें, बीता पल हम सब फिर न पा सकें, बस, याद... Read more

'प्रेम की होली '

न आलोचक हूं, न पाठक हूं, न साहित्यकार हूं और न ही रचनाकार हूं । मैं अनुभव का साधारण सा विद्यार्थी हूं और मैं लोगों की तरह सबके सम्... Read more

"वह अबला ही कहलाती"

सुबह आंगन बुहारती , सबकों चादर हिलाकर जगाती, कटोरी से दूध पिलाती , चूल्हे की रोटी खिलाती , कभी सर्दी में लकड़ी सुलगाती, कभी बारिश... Read more

'मन'

मनुष्य के लिए उसका जीवन इच्छाओं की नदी में तैरती हुई नाव की तरह है। मांझी रूपी मन उस नाव को संचालित करता है। कुशल मांझी मौसम और हवाओ... Read more

'आजाद' को नमन

चंद्रशेखर आज़ाद भारतीय स्वतंत्रता-संग्राम के अप्रतिम योद्धा और अपने समकालीन क्रांतिकारी साथियों के लिए आदर्श थे। महात्मा गांधी द्वारा... Read more

ख़ुद में ख़ास

उम्मीदों पर कभी भरोसा नहीं करना, जो लम्हें बुरे लगें उन्हें सोचा न करना, कमी महसूस हो जिसकी उसका ख़्याल मत करना, आप ख़ुद में ख़ास... Read more

दोस्ती

दोस्ती किसी से कुछ यूं निभा लों, कि उसके दिल के सारे गम चुरा लो, इतना असर छोड़ जाओ किसी पर दोस्ती का, खुदा भी यह कहें हमें भी अपन... Read more

दो हजार बीस

अपनेपन की दोस्तो, लाज़ बचाए ईश! दस्तक देकर आ गया, दो हज़ार बीस!! दो हज़ार बीस, आपको खुशियां लेकर! विदा हो गया , उन्नीस तोहफ़े देक... Read more

आशा-दीप

जलाओ तुम दीप आशा का, निराशा के अंधेरे में, मुस्कुराओ तुम आज फिर से, फूल की खुशबू -सा बनके, आँसू पोछ लो अपने , सहारा कमज़ोर का ब... Read more

मुक्तक

जाति-पाति के भेद की ऐसी है दीवार, इसे तोड़ने में स्वयं प्रेम गया है हार । किन्तु मानूंगा नहीं मेरा ये है विचार , इसे हराने के लिए... Read more

प्रिय ! तुम्हारी याद में

क्या लिखूं, कैसे लिखूं, कैसा हमारा , हाल है ? प्रिय! तुम्हारी याद में , यह मन बड़ा बेहाल हैं । जाने क्या घटना घटी, यह मन तुम्ह... Read more

गांधी- विचार के आदर्श जीवन को फिर राजनीतिक रूप से सक्रिय होने की आवश्यकता हैं..

महात्मा गांधी समय की कसौटी पर जितना खरा उतरते जा रहें हैं, वैसी मिसाल मिलना मुश्किल है । उनकी 150 वीं जयंती पर उनका स्मरण करते हुए य... Read more

होली पर बिशेष

जिसका स्मरण करते ही कण-कण में बिजली का स्पन्दन हो जाता है,नस-नस में लालसा की लहर दौड़ जाती है,मन प्राणों पर भावों का सम्मोहक इन्द्रध... Read more

मेरी ख्वाहिश है !

मेरी ख्वाहिश है! सूरज की पहली किरण,आकर बिखरे मेरे आँगन मे झूमते हुए बादलों से,चुपके से कुछ कहे धरती इंद्रधनुष के रंगो जैसा हो सब... Read more