Punam Sinha

Joined April 2017

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"तुम्हारा परिचय "

तुम भीड़ भरी गलियों से गुजर जाते हो सिसकती जिंदगियों से रूबरू होते हो दर्द की करूण पुकार सुन परेशान होते हो गंदी नजर आती नंगी असलि... Read more

स्मृति शेष

वो पके फल सी थीं।कभी भी जीवन रूपी वृक्ष से टपकने को थीं।भला कोई अमरत्व का पान कर इस दुनिया में थोड़े ही आता है।अतः उनका जाना तो तय था... Read more

"कार्यकुशलता"

जिला में मतदाताओं के लिए "ईपिक"(मतदाता पहचान पत्र)बनाने का कार्य आरम्भ होना था।सतीश झा कार्य कुशल अधिकारी थे।उन्हें निर्वाचन प्रभ... Read more

उत्कोच कवच

हामिद साहब की पोस्टिंग करीमगंज थाना में थानाध्यक्ष के रुप में हुई।उनकी पदस्थापना से इस इलाके में रहने वाले उनके समुदाय के बहुत सारे ... Read more

अब क्या होगा

सीपियों में नाग छूपे मुक्ता को पहचाने कौन चकाचौंध की दुनिया में अपनों को सब भूल रहे अब क्या होगा नीला थोथा आसमान का बादल... Read more

आदमी

आदमी सोचता है कुछ लिखे....... जिंदगी के अ०यावहारिक होते जा रहे समस्त शब्द से सार्थक वाक्य बना दे मुक्त हो जाए उन आरोप से जिसे स... Read more

'कमोड कथा

नमिता अपने मम्मी-पापा के साथ तीन कमरों के मकान में आराम से रहती थी।कभी-कभी आतिथियों के आगमन से असहज भी हो जाया करती थी।अपनी चीजों को... Read more

अपराध बोध

"आर्दश वृद्धाश्रम" हाँ यहीं नाम था। वृद्धा ने चश्मा लगा कर बड़े ध्यान से पढ़ा। ठीक पैंतीस साल पहले पति एवं सास के साथ यहाँ आई थी।... Read more