आपका प्यार ही काफी है।

Books:
प्रताप सहस्त्र (दोहा छंद), मेरी बगिया के फूल (कविता संग्रह) (….जल्द ही आ रही है)

Awards:
दोहा शिरोमणि, काव्य-साधक, कव्य-सम्मान।काव्य-रत्न, मुक्तक-साधक, और काव्य-जिज्ञासा सम्मान ( हैदराबाद हिंदी साहित्य विभाग से अंतिम तीनों सम्मान)

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कह मुकरी

रहूँ अकेले सदा सताए। ऐसी हरकत मुझे न भाए। करता रहता मुझे ये तंग क्या सखि साजन? नहिं सखि "पलंग"। ०१।। Read more

संस्मरण- विदाई

शीर्षक- विदाई ----------------------------------- विदाई सदैव ही आँखें नम कर जाती है।😭😭😭😭😭😭😭😭 बहुत दुःखी हूँ एक साथ दो विद्यालयो... Read more

होली विशेषांक

सभी विज्ञजनों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई सहित स्वरचित होली के दोहे तरह-तरह के रंग ले, खेलो तुम अब खेल। रंग... Read more

सौंदर्य से भरपूर

#सौंदर्ययुक्त_आशुचित्र_को_देख_कर_उपजे_नवीन_शब्द_की_शब्दावली *********************************************************** *दोहावली* ... Read more

दोहा छंद के माध्यम से स्ववृत्त(परिचय)

दोहा छंद के माध्यम से स्ववृत्त(परिचय) =================== प्रथम चरण में नाम का, दूजे में निज काम। लिखता आज प्रताप फिर, दोहा छंद स... Read more

मुक्तक०१-

#एक_मुक्तक_ऐसे_ही दुखों में रोकर मिलता है, सुखों में हँसकर मिलता है क्षुधा-पीड़ित हो प्राणी जो, उसे तो खाकर मिलता है। जगत में ... Read more

यात्रा वृत्तांत

मेरी प्रथम वायुमार्ग यात्रा ********************* मैं राहुल प्रताप सिंह "प्रताप" आप सभी को अपनी वायुमार्ग से की गई प्रथम यात्र... Read more

परिचय

#छंद_मुक्त_एक_और_प्रयास #स्वावृत (परिचय) दे रहा हूं परिचय अपना, आप सबके सामने । कुछ कहते हैं #राहुल मुझको कुछ ने कहा #प्रता... Read more

परिचय_दोहे

दोहा छंद के माध्यम से स्वावृत =================== प्रथम चरण में नाम का, दूजे में निज काम। लिखता आज प्रताप फिर, दोहा छंद स्वनाम।।०... Read more

शरद_ऋतु

दोहावली ******** ================================ तुहिन कणों को देखकर,आया एक विचार। शरद ऋतु पर सृजन करूँ,सोच समझ कर यार।।०१।। ==... Read more

दोहे_@

दिनांक- ०२-०१-२०१८ दिन- मंगलवार #स्वरचित_दोहे *********** ०१ हुई कुहासा धुंध से,आज नयी पहचान धीरे-धीरे पग बढ़े,दिखे राह तब ज... Read more

विधाता छंद_2_संहार बाकि है

विधाता छंद मापनी १२२२१२२२, १२२२१२२२ सामंत - आर , पदांत बाकी है भटकते नामुरादों का अभी सत्कार बाकी है, जलाते राष्ट्र ध्वज जो... Read more

मनोरम छंद

मनोरम छंद ************ मापनी - 2122 2122 गालगागा गालगागा फाइलातुन फाइलातुन *********************** दर्शन शशि विकल में हो, उत्... Read more

चुनाव आयोग

०१ हिमाचल व गुजरात में, गणना जारी आज। कौन कहां विजयी हुआ, किसके सिर पर ताज।।०१।। ०२ वैद्युत यंत्र चुनाव का , शुरू हुआ आलाप। दो... Read more

आज की उपज

मुझे लोग अनेक नामों से बुलाते हैं ,जब मुझे लगता है कि कोई मुझे पुकार रहा है तो मैं अवश्य ही उसकी पुकार सुनाता हूँ , कुछ प्रेम से बुल... Read more

पक्षी

०१ पर होते जिस जंतु के, छुयें सदा आकास। रख मत इनकों कैद में , कैदी रहे उदास।।०१ ०२ हंसा में गुण होत है , कहे प्रताप कबीर। द... Read more

मौलिक दोहे -4

०१ आज हृदय में जल उठी , बड़ी भयानक आग। बंद करूँ गृह द्वार अब , रात्रि बिताऊँ जाग।।०१।। ०२ पहले जानो द्वार तुम, तब गृह करो प्रवेश।... Read more

मौलिक दोहे-३

स्वरचित मौलिक त्रयी ***************** ०१ हार, हार से नहिं मिले, हार जीत का मान। एक मिले दुख होत है, एक देत मुस्कान।।०१।। ०२ दे... Read more

मौलिक दोहे-२

०१ सुंदर मुखड़े से मिली, आज नयी पहचान। सुंदरता तो क्षणिक हो, वाणी सब कुछ जान।।०१।। ०२ बड़ी बात मत कीजिए, बड़े कीजिए कर्म। ... Read more

गौ-माता

1 पञ्चगव्य यदि चाहिए, पालें गाय हजार। संस्कृति को लो तुम बचा , दो सुन्दर उपहार।। 01।। 2 गायों को ही जानिए, चौपाए सरदार। देकर म... Read more

मौलिक दोहे

०१ कैसे सब कुछ जानकर, बनते हैं अंजान। खबर हमारी है उन्हे, जो हैं मेरी जान।।०१।। ०२ थोड़े से ही ज्ञान में ,करते हैं अपमान। करें ... Read more

प्रेरक प्रसंग

चक्रव्यूह हो या अक्षर व्यूह हमें सदैव प्रयास करना चाहिए; स्वयं को कायर कहने से अच्छा होगा कि कुरुक्षेत्र में वीरगति को प्राप्त हो ... Read more

कुंडलिनी छंद

कुंडलिनी छंद *********** शिक्षा मिले गरीब को, करें गरीबी दूर। बिन शिक्षा के कुछ नहीं, सपने चकनाचूर। सपने चकनाचूर, न देता कोई भिक... Read more

कुंडलिया छंद

कुंडलिया छंद *********** जप-तप पूजा पाठ कर,करूँ याद मैं नित्य। भगवन दर्शन दे रहें, रूप चंद्र आदित्य। रूप चंद्र आदित्य, देख मन हर... Read more

शे'र

शे'र ज़िंदगी जीत की मोहताज़ नहीं दोस्तों, हार में भी वो पैगाम देती है। समझ जाते हैं समझने वाले, वरना जान भी ये ही लेती है। ___... Read more

विजात छंद

विजात छंद ******** मापनी - १२२२ १२२२ ******************** सुहानी शाम है आई, गगन पर लालिमा छाई। सुधाकर है दिखा अब तो , सुहान... Read more

ग़ज़ल का प्रयास

दूसरी ग़ज़ल का प्रयास मापनी --- २२ २२ २२ २२ माँ से जब मैं सब कहता हूँ, माँ को ही मैं रब कहता हूँ।।०१ ।। दे कर माँ ने जीवन पियारा, ... Read more

मुक्तक-दोहा

मुक्तक-दोहा ********** मुक्तक हो या छंद हो, पढ़ कर लें आनंद। रचनाएं ऐसी करें, जिनमें रसधार अमंद । जांचे मात्रा भार को, तुला तौल ... Read more

कह-मुकरी

शब्द - विवाह विधा - कह-मुकरी ************************************* 1 . आयाम (15x4) जिसके आने से सुख मिले। जिसके जाने से दुख मिल... Read more

शीत का मौसम

शीत का मौसम ============= स्वेटर टोपा पहन लीजिये। मफलर ले कर बांध दीजिये। ठंड बड़ी बिकराल यहाँ है- मौसम के अनुकूल कीजिये। __... Read more

शक्ति छंद

शक्ति छंद ******** विधा आज तुम ही चुनोगे अगर। रचोगे नया कुछ लिखोगे अगर। विषय आज का तुम प्रतिष्ठा चुनो। लिखो फिर अभी जो हकीकत सु... Read more

मदिरा

मदिरा मादक पेय है ,रखे सदा यह ध्यान। भूल गया पीकर मनुज ,करना भी सम्मान।।०१।। हाला मिलती हर जगह ,बैठ सभी पी जाय। मधुशाला में आ ग... Read more

तुलसी माँ के लिए

हर आँगन तुलसी लगी, तन-मन रखे निरोग। फल-फूल और पत्तियाँ , सबका है उपयोग।।०१।। जग जननी जन जानते,आँगन लिया सजाय। घर की शोभा भी बढी, ... Read more

रिश्ते

०१ गिरे वारि में जो कभी, एक तेल की बूँद। कहै संधि संपर्क में,रखिए आँखें मूँद।। ०२ गिर यों पानी में कभी, मिले दूध की बूँद। नाम द... Read more

राजनीति

त्रयी आने वाला है कहीं,लगता पुनः चुनाव। नेताओं के दिख रहे,बदले अतः स्वभाव।।०१।। राजनीति फिर दिख रही, नेताओं का खेल। लूटेंगे ... Read more

दोहे

मां भारती की लाडली मानुषी छिल्लर को विश्व सुंदरी के खिताब से नवाजा गया है उसके लिए हार्दिक शुभकामनाएं और बधाई दोहे **** १. बन ... Read more

मुक्तक-२

मुक्तक ****** मुक्तक हो या छंद हो, पढ़ कर लें आनंद। रचनाएं ऐसी करें, जिनमें रसधार अमंद । जांचे मात्रा भार को, तुला तौल की भाँति-... Read more

मुक्तक

आज वो मेरे नाम की, मेंहदी लगाए बैठी थी। पहुंचा नहिं था ,वो खुद को सजाए बैठी थी। प्यार मेरा भीख में मिल जाए इस उम्मीद में- वो अपने... Read more

मिलाद-उन-नबी पर एक छोटी मुक्तक

मुक्तक #### गमों ने छुआ नहीं कभी दोस्तों। आप जैसे दोस्त हों सभी दोस्तों। सब मिलकर मनाते हैं ईद-ए-नबी - सुन लो आप सब मुझे अभी दो... Read more

विधाता छंद में लिखा एक गीत

विधाता छंद *********** 14-14 पर यति = २८ मात्राएँ 1, 8,15,22 पर लघु 1222 1222, 1222 1222 ********************** लगागागा लगागा... Read more

गुरु-शिष्य संबंधी

1. बच्चों में दिखता सदा, ईश्वर का ही रूप। बच्चों से ही छाँव है, बच्चों से ही धूप।। 2. नमन करूँ शत बार मैं, दिशा दिखाई आज... Read more

बल-श्रम

१ बच्चे पावन पुष्प हैं, पायें पालनहार। विद्यालय भेजें इन्हें , दें इनका अधिकार।। २ बाल श्रमिक का अर्थ है , बचपन से मजदूर। शि... Read more