Priyanshu Kushwaha

Satna, Madhya Pradesh

Joined August 2016

निवास- आर . के. मेमोरियल स्कूल के पास हनुमान नगर नई बस्ती सतना (म.प्र)

शिक्षा- अपनी विद्यालयी शिक्षा सतना जिले में स्थित केन्द्रीय विद्यालय क्र.१, से प्राप्त की।
वर्तमान में शासकीय स्वशासी स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बी.एस.सी.(प्रथम वर्ष)के छात्र हूं ।

विधा- मुख्य रुप से श्रृंगार रस पे लिखना पसन्द करता हूं परन्तु वर्तमान परिदृश्य को देख लगभग सभी विधाओ पर कलम को मोड़ना पड़ता है ।

संपर्क -९९८११५३५७४

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इंसानों की बस्ती

इंसानों की बस्ती में अब हैवानों का पहरा है,, नफरत का रंग अबकी यहाँ बहुत गहरा है,, ईर्ष्या की नदियाँ तो जोरो-शोरों से बहती हैं,, प... Read more

इंतजार मान के बैठे हैं

मुक्तक नाज़ुक सी बातों को हम भी प्यार मान के बैठे हैं,, उनके दिल में जो अपना अधिकार मान के बैठे हैं,, भूल गए वो हमको जीवन भर के... Read more

शहीद जवान

देख शहादत उनकी अब आँखें भी कुछ न कहती हैं, जुल्म पाप न जाने क्यों सब ये रो रो के ही सहती हैं, अचानक सुन के खबरें एेसी ढेरों सांसे ... Read more

गजल - वादा निभाना पड़ेगा

गजल - ---------------------------- जो किया था वादा वो निभाना पड़ेगा। दिल के जख्मों पे मरहम लगाना पड़ेगा॥ जहां जाना है तुम चल... Read more

मुक्तक

भूल जाओगी जब हमें हमसे दूर जाने के बाद,, याद आएँगे हम तुम्हारा साथ छूट जाने के बाद,, बड़ा नाजुक है ये दिल, पत्थरों से तोड़ो न इसे,... Read more

इस दिवाली पर

*** इस दिवाली पर ** ————————— प्रेम का एक दीपक जलाना , इस दिवाली पर । रोशनी को छोड़ना तू, किसी बेबस की थाली पर । आज जो महलों म... Read more

" वो कल भी प्यार लाया था,आज भी प्यार लाया था "

मुक्तक - कोई दिल जीत लाया है, कोई दिल हार लाया है..... कोई ग़म के आसुओं को, किसीसे उधार लाया है.... हमारे और तुम्हारे बीच... Read more

" तेरी जुल्फों की महकन से दूर हम जा नहीं सकते "

तेरी जुल्फों की महकन से दूर हम जा नही सकते.. जो बालों पे लगे है फूल कभी मुरझा नहीं सकते...न्योछावर कर दी तुझपे अपनी सारी जिन्दगानी.... Read more

माँ की याद

तेरी यादों की छाओं में, मै सोया भी करता था। तेरे आंचल में अपने आंसू, मै धोया भी करता था। तेरी उन लोरियों को मां, बहुत अब याद कर... Read more

" उसको ही मंजिल मिलती है "

कविता- " उसको ही मंजिल मिलती है " --- हार मान कर बैठ गए जो , कभी नहीं वो बढ़ते है । उसको ही मंजिल मिलती है , जो कठिन राह... Read more

भीड़ में तुम दिख जाते हो...

बगिया में अपनी जब कुछ फूल सजाता हूं, भीड़ में तुम दिख जाते हो। अपनी कलम से जब कुछ शब्द बनाता हूं, भीड़ में तुम दिख जाते हो। ... Read more

नमन है तुझको हिन्दुस्तान

कविता- " नमन है तुझको हिन्दुस्तान " ---- नव प्रभात की स्वर्णिम किरणें , करती नित्य श्रंगार । ऊंचे-ऊंचे पर्वत सुंदर, बने... Read more

बेवजह ही हम उन्हें मनाने जा रहे थे ।

न जाने क्यों बेवजह ही उन्हें मनाने जा रहे थे । वो तो किसी और से ही दिल लगाने जा रहे थे । मोम जा दिल हो गया, जबसे मोहब्बत की उनसे ।... Read more