Priyanka Saurabh ( प्रियंका सौरभ )

परी वाटिका, कौशल्या भवन (भिवानी)

Joined November 2019

दोहा लेखिका/कवयित्री ।
भारत और ग्लोबल स्तर की हजारों पत्रिकाओं में प्रकाशित, टेलीविजन और रेडियो पर निरंतर प्रसारण। दो पुस्तकें प्रकाशित; यादें और तितली है खामोश। काव्य और सामाजिक कार्यों में सैकड़ों पुरस्कार जीते हैं !

Email: priyankasaurabh9416@gmail.com

सम्पर्क: परी वाटिका, कौशल्या भवन , बड़वा (सिवानी) भिवानी, हरियाणा – 127045
मोबाइल :9466526148,01255281381

Copy link to share

बने भेड़िये मंत्री

बने भेड़िये मंत्री लूट-खून दंगें कहीं, चोरी भ्रष्टाचार !! ख़बरें ऐसी ला रहा, रोज सुबह अखबार ! पीड़ित पीड़ा में रहे, अपराधी हो ... Read more

चुप क्यूँ वो दरबार

सही जगह पर है हुआ, सही वक्त पे काम ! देखेंगें शैतान अब, खुद का ये अंजाम !! लाज कृष्ण ने तब रखी, जुटी पुलिस इस बार ! लु... Read more

लुटती हर पल द्रौपदी,

लुटती हर पल द्रौपदी, जगह-जगह पर आज ! दुश्शासन नित बढ़ रहे, दिखे नहीं ब्रजराज !! ✍ प्रियंका सौरभ Read more

घर-घर तुलसीदास

रामायण से हो गए, घर-घर तुलसीदास ! लिखकर सच्चे भाव ही, बनते लेखक खास !! ✍ सत्यवान सौरभ Read more

हैवानों के हाथ !!

हैवानों के हाथ !! सिसक रही हैं बेटियां, ले परदे की ओट ! गलती करे समाज है, मढ़ते उस पर खोट !! खेले कैसे तितलियाँ, अब बगिय... Read more

महक उठे कैसे भला

डाक्टर प्रियंका रेड्डी ने कल रात अपने घर फोन करके बताया कि उनकी स्कूटी शमसाबाद, हैदराबाद में पंक्चर हो गई है... यह क्षेत्र अल्पसंख्य... Read more

वाहियात के बीज !!

'दामण नीचे पहरी जूती, बणगी देखो चीज कसूती। गज़बन..." यह वाहियात हरयाणवी गाना आजकल खूब बज रहा है और लोग नाच रहे हैं। नाचिए खूब नाचिए... Read more

वाहियात के बीज !!

दामण नीचे पहरी जूती, बणगी देखो चीज कसूती। गज़बन..." यह वाहियात हरयाणवी गाना आजकल खूब बज रहा है और लोग नाच रहे हैं। नाचिए खूब नाचिए ... Read more

बेला आधी रात !

महक उठे कैसे भला, बेला आधी रात ! मसल रहे हैवान जो, पल-पल उसका गात !! Read more

सूख गया अनुराग !

सूख गया अनुराग ! भाई-भाई में हुई, जब से है तकरार ! मजे पड़ोसी ले रहें, काँधे बैठे यार !! लुप्त हुई संवेदना, सूख गया अनुराग ! ... Read more

नफरत के पैगाम !

मंदिर-मस्जिद बांटते, नफरत के पैगाम ! खड़े कोर्ट में बेवज़ह, अल्ला और' श्री राम !! हमने भी कब बेवजह, खींचा उससे हाथ ! मन ... Read more

बूढा बरगद है कहाँ,

हरियाली को खा रहे,पत्थर होते गाँव ! बूढा बरगद है कहाँ,गायब पीपल छाँव !! ------------------------------------- पशु-पक्षी सब ढूं... Read more

बंद कभी संवाद

लड़े भला हम रोज ही, हज़ार करे विवाद ! मन से मन का हो नहीं, बंद कभी संवाद !! दर्द बताते पेट में, सिर होता हलकान ! बोलो कैसे... Read more

यादों का गुलज़ार !!

मैं प्यासा राही रहा , तुम हो बहती धार! भर-भर अंजुली बाँट दो, मुझको साथी प्यार !! तुमने जब यूं प्यार से, देखा मेरे मीत ! थिरकन प... Read more

नई एक कहानी बन !

यार तू जिगर एक आसमानी बन ! आंधी की ना बात कर तूफानी बन !! क्यों जला रहा खुद से ही खुद को , अगर वो आग है तू तो पानी बन ! ... Read more

बचपन का वो गाँव !

स्याही-कलम-दवात से, सजने थे जो हाथ ! कूड़ा-करकट बीनते, नाप रहें फुटपाथ !! बैठे-बैठे जब कभी, आता बचपन याद ! मन चंचल करने लगे, परि... Read more

इबै न मारै मने !

हाथ जोड़ कहूं अम्मा मेरी मैं हूँ बिन जन्मी नादान, इबै न मारै मने ! सै छह महीने का गर्भ तेरा ना छिनै माँ तू नसीब मेरा अम्मा ... Read more

माँ वीणा की झंकार भर दो

माँ वीणा की झंकार भर दो ! माँ वीणा वादिनी, मधुर स्वर दो ! हर जिह्वा वैभवयुक्त कर दो !! मन सारे स्नेहमय हो जाये, जीवन में वो अ... Read more

एडजस्टमेंट

मोहन के पास एक भैंस थी जिसका नाम मांडी था। सारे परिवार के लोग इसी का दूध पीते थे। दूध भी तो ढ़ेर सारा देती थी । घर के सदस्यों के साथ... Read more

लड़की

नहीं जी इस सांवली लड़की से मेरे बेटे की शादी थोड़ी ही होने दूँगी। चाँद जैसी बहू चाहिए मेरे बेटे को तो चलो जी दुनिया में लड़कियों की ... Read more

कैसे हैं कानून !

कैसी ये सरकार है, कैसे हैं कानून ! करता नित ही झूठ है, सच्चाई का खून !! ✍ प्रियंका सौरभ Read more