Priyanka_Priya

Aligarh

Joined December 2017

Books:
*आखर (काव्य संग्रह)
मृगनयना( प्रेम काव्य संग्रह)

Awards:
काव्य सागर

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तुम जैसे बस तुम ही हो

तो क्या कि तुम चुपचाप दबे पांव आते हो तो क्या तुम मुझे संबरने मौका तक नहीं देते तो क्या कि तुम गले नहीं मिलते मुझसे तो क्या क... Read more

कल किसकी बारी होगी?

रात बेचारी सोच रही अब कल किसकी बारी होगी..... मेरा क्या है मै तो गुज़री सूरज तेरी ख्वारी होगी रात बेचारी सोच रही अब कल किसक... Read more

बलात्कार बाकी है

वो जो जंगलों में रौंदी गई है सबकी निगाह मे अब उससे यही सवाल कि वो घर से बाहर क्यों गई हां मगर मेरा भी एक सवाल है जहां से नह... Read more

"हिदायत" इतनी सी

वो जो बैड़ पर पड़ा ब्लेंकेट तह करना नहीं जानते वे जो गीला तौलिया बिस्तर पर पड़ा छोड़ देते हैं वो जो चीखकर सामने वाले की आवाज दबा... Read more

शोक गीत

मै चिल्लाई बहुत चिल्लाई या खुदा जो नजरों मे मेरी फ़वता नहीं नजरों से मेरी उसे काफूर कर मुझे हुस्नो तकदीर से नवाज़ा ही है तो ... Read more

चांदनी....

करोड़ों दिलों को धड़काने वाली तुम्हारे दिल ने किस लम्हे धड़कना बंद किया सब अवाक् हैं सशंकित हैं और तुम से शिकायत है रिटेक पस... Read more

मां की "आह"

मां तू मेरी फिक्र न करना पहर ढले आ जाऊंगा मुझको सारी उम्र जगाकर चला गया बेटा मेरा.... महज तिरंगा लहराने पर गद्दारों की तबियत... Read more

नज़र आये हैं

खुद न आये कभी न खबर लाये हैं बाद मुद्दत के मुझको नज़र आये हैं कैसे कह दूं कि मुझको मिला कुछ नहीं यार यारी से बढ़ के सदा पाये ह... Read more

नज़रों की रेंती पर "बेटी"

गुजरी रात कहा मन ने....... कोहरे की चादर ओढे़ एक और सुबह कल फिर होगी गणतंत्र मनाया जायेगा दिल्ली की सह भगवा होगी गिद्ध दरि... Read more

ढूंढ़ेंगे तुम्हे.....

गुम गये हो पर यकीं है खुश हो तुम जहां भी हो.. कितना शोरगुल है यहां शहर की हर गली मे चीत्कार ख़ौफ है ... तुम्हारा अब होना न हो... Read more

दोहा

-------------------------------------------------- चारण इस संसार में, धावें चारों ओर। तारण भी पावें नहीं, ढोंगी कपटी चोर।। ----... Read more

#नव वर्ष पहले तुम्हे मुबारक#

नये साल मे क्या बदलेगा ??? सिर्फ कलेंडर बदलेगा या ... सरहद का माहौल भी , गया साल जो छीन ले गया उसकी भरपाई होगी या यही सिलसिला... Read more

#तुझे खोकर#

तुझे खोने का रंज नहीं है मुझे तुझे खो कर पाया है बहुत कुछ पायी है दर्द से निज़ात एक सुकूं की रात लवों पे औरों की बात तुझे खो... Read more

वो अज़ब सी लड़की ....

"वो "अकेली है भी और नहीं भी वो सागर सी टकराई मुसीबतों से और दरिया बन बही भी वो वक्त के पन्ने पलटती है पर उलझती नही है वो ... Read more

तुम हो "अटल"

तुम थे अटल तुम हो अटल इस पार भी, उस पार भी , वक्त को डिगना ही था तुम नाव थे मझधार भी! था लोभ सत्ता का नहीं ... Read more