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राजस्थान री बातां न्यारी (बाल साहित्य)

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तू मिला

अब तलक था मैं जुदा जुदा हां जुदा जुदा तुम मिले जो मुझको तो मिल गया है खुदा खुदा हां खुदा खुदा । था मैं अकेला था मैं तन्हा ... Read more

तू चल

तू चल चलता ही चल मन में रख विश्वास- अटल और अडिग, विघ्न बाधायें खड़ी अनेक मत हो विकल, तू चल चलता ही चल । मन में धैर्य धार ... Read more

बुलबुला

................................... पानी का बुलबुला है इंसां सुना है हर रोज, पानी ही में मिल जायेगा किसी रोज, बेशक क्षणभंगुर है ... Read more