पृथ्वीराज चौहान
शिक्षा- B.Ed. M.A. ( हिन्दी साहित्य, राजस्थानी)
राजस्थानी नेट
व्यवसाय- अध्यापक
प्रकाशित पुस्तक- राजस्थान री बातां न्यारी (बाल साहित्य राजस्थानीराजस्थानी भाषा में)
पता- ग्रामपोस्ट- जानकीदासवाला
त. सूरतगढ
जिला- श्री गंगानगर (राज.)
सम्पर्क- 8003031152

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मदहोश घटा

•मदहोश घटा• °°°°°°°°°°°°° थारै बाळां री घटा अर काळी घनघटा दोनुआं में घणो अंतर तो नीं है दोनूं ई मदहोशी ई ल्यावै थूं म्हारै मे... Read more

दिवानगी

°°°°°°°°°°° थां सूं दूरी घणी मजबूरी हियो री हिलोर नै जै लेवण दूं हिलोर समंदर बण जावै धरा री कोर कोर गौरी म्हारो तन बैचैन मन ... Read more

जलन/ पृथ्वीराज चौहान

कुछ लोग मुझसे इस कदर जलते हैं, साथ अगर मैं उनके चलूं, तो वो फासला लेकर चलते हैं, मैंने हमेशा अपना समझा है, कभी जिनको खुद से कम न... Read more

बेटियां

घर स्वर्ग हो जाता है जब घर में आती है बेटियां कण कण सुवासित होता जब घर में वास कर जाती है बेटियां रौनक आती खुशहाली आती जब घर मे... Read more

मेरे लाल

तेरे जोर से सिसकने भर से मेरी सांसों की डोर कमजोर सी होने लगती है तेरी एक चिल्लाहट भर से दिल की धड़कनें दौड़ती सी लगती है मेर... Read more