मैं रामस्वरूप उपनाम प्रीतम राठौर भिनगाई S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक ।

मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। सर्वोच्च पूजा जीवों से प्रेम करना ।
प्रीतम राठौर भिनगाई

Books:
कहकशाँ

Copy link to share

ग़ज़ल

++++++ग़ज़ल+++++++ दर्द सीने में दबाना सीखिए ग़म को सहकर मुस्कुराना सीखिए हाथ तो मिलते हैं लेकिन दोस्तों ... Read more

ग़ज़ल

-------ग़ज़ल----- हो जिसका बागबां दुश्मन वो हर बागान ख़तरे में कली की कमसिनी फूलों की है मुस्कान ख़तरे में भला बरसेंगी कैसे र... Read more

ग़ज़ल

----ग़ज़ल---- देश के जो हैं परस्तार बदल कर देखें इस इलेक्शन में वो सरकार बदल कर देखें ओढ़ रक्खी जो रिदा हमनें गु़लामों वाली ... Read more

ग़ज़ल

--------ग़ज़ल------ मेरी शायरी को पढ़ा क्या करोगे ग़ज़ल जो सुनाऊँ सुना क्या करोगे सितम करने वाले तुझे जानता हूँ... Read more

ग़ज़ल

------ग़ज़ल---- तेरा चेहरा गुलाब हो जैसे एक शायर का ख़्वाब हो जैसे इस तरह मदभरी है आँख तेरी इक पुरा... Read more

ग़ज़ल

--------ग़ज़ल----- आदमी की ये बची पहचान है शक़्ल इंसां की मगर हैवान है रख के ये इंसानियत को ताख़ पर आज कितना गिर गया ... Read more

ग़ज़ल

--------ग़ज़ल------ [3/9, 6:57 PM] प्रीतम राठौर भिनगाई: न कोई शहर में अपना दिखाई देता है हरेक शख़्स पराया दिखाई देता है करूँ ... Read more

कुण्डलियाँ

रोज बढातीं नारियाँ पुरुषों का ---*सम्मान । फिर भी ये क्यों सह सह रहीं, पग पग पर अपमान ।। पग पग पर अपमान, पीर न जाने कोय। ... Read more

कविता

शेरे हिन्दुस्तान के सम्मान में भारतीयों के उद्गार बिंग कमाण्डर अभिनन्दन का स्वागत है अभिनन्दन है पाकिस्तान की धरती को जो कर के आ... Read more

गीतिका

ख़ुशियों की लक़ीरों को ये किसने मिटाया है जब देखा हथेली तो बर्बादी ही पाया है मैं कैसे करूँ कोई दुनिया से शिक़ायत भी हमनें तो म... Read more

ग़ज़ल

-----ग़ज़ल----- आ गया मैं तेरे ठिकाने पर रख दिया दिल तेरे निशाने पर अब चलाएगा कितना तीरों को दिल हुआ ज़ख़्मी मुस्कुरान... Read more

मुक्तक

कितना प्यारा मेरा हिन्दुस्तान है आन है ईमान मेरी जान है हम यहाँ पैदा हुए ये है नसीब दिल फ़िदा भारत पे जां कुर्बा... Read more

ग़ज़ल

रिश्ता भी आज दिल से निभाता नहीं कोई दिल में छुपे हसद को मिटाता नहीं कोई ख़ुशियाँ अमीरों की है ज़माने में इसलिए मुफ़लिस को महफ़... Read more

ग़ज़ल

------ग़ज़ल----- तुम्हारे वास्ते दुनिया भुलाए बैठे हैं ये रोग इश्क़ का दिल को लगाए बैठे हैं तुम्हारे पाँव में काँटा न चुभने ... Read more

ग़ज़ल

----- ग़ज़ल ------- ख़ुश हुआ कौन और ग़मज़दा कौन है दुनिया ख़ुदग़र्ज़ है सोचता कौन है मेरे ख़्वाबों में ये आ रहा कौन है च... Read more

ग़ज़ल

* ------- ग़ज़ल ------ दिलों में प्यार की शम्मा जलाने हम चले आए मुहब्बत ही करो सबसे जताने हम चले आए न हासिल कुछ तुम्हें हो... Read more

ग़ज़ल

------ग़ज़ल----- इश्क़ में आज मुझे हद से गुज़र जाने दे हुस्न की दरिया में प्यासे को उतर जाने दे एक मुद्त से मेरी ज़िन्दगी है सह... Read more

ग़ज़ल

------ग़ज़ल---- चलो आज कर दें उजाला यहीं पर है टूटा किसी का सितारा यहीं पर किसी ने तो खोया है बेटा यहीं पर कोई ... Read more

ग़ज़ल

चलो आज कर दें उजाला यहीं पर था टूटा किसी का सितारा यहीं पर किसी ने तो खोया है बेटा यहीं पर कोई उम्र भर का सहारा यहीं पर वत... Read more

ग़ज़ल

------ ग़ज़ल----- सबपे रहमत ख़ुदा कीजिएगा दिल की दौलत अता कीजिएग डूब जाए न क़श्ती भँवर में ऐसा मत नाखुदा कीजिएगा दोस्ती ... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल दुश्मन से भी अब छेड़ दो तक़रार अनोखी या तो मेरे हाथों में दो तलवार अनोखी ख़ामोशी से कुछ बात बनेगी न यहाँ पर कहत... Read more

14 फरवरी 9 बजे शाम को पुलवामा कश्मीर में आतंकी हमले में वीर सपूतों की अश्रुपूरित श्रद्धांजली

--------ग़ज़ल------ कौन कहता आदमी वह तो इक शैतान है जो वतन के इस चमन को कर रहा वीरान है देखकर ग़मगीन मंज़र आज फिर कश्मीर का... Read more

दोहे

1- प्रेम जगत में उच्च है, निम्न घृणा का रूप। प्रेम वृक्ष विश्राम दे, जब हो दुःख की धूप।। प्रेम दिवस को आइए, कर दे यूँ साकार। ... Read more

ग़ज़ल

------ग़ज़ल----- ग़हन कौन सा लग गया ज़िन्दगी को छुपी है कहाँ ढूँढ़ता हूँ ख़ुशी को रहे तीरग़ी का बसेरा ही दिल में तर... Read more

मौसम बसंती आ गया

सज गयी है ये धरा मौसम बसंती आ गया बाग वन सुरभित हुआ मौसम बसंती आ गया पीत पट ओढे धरा सोलहो सिंगार कर लग रही है अप्सरा मौसम बसं... Read more

ग़ज़ल

-----ग़ज़ल----- ग़मों से उबरने को जी चाहता है ख़ुशी दिल में भरने को जी चाहता है तुम्हारी निगाहों में ही देख कर अब क़सम स... Read more

ग़ज़ल

मुझको खुलूस ने वो अता मर्तबा किया दुश्मन ने भी अदब से मेरा तज़किरा किया क़िरदार की बुलंदी ----------उड़ा ले गयी मुझे जब बंद ग़... Read more

ग़ज़ल

-------ग़ज़ल----- जिसे अपनी हम ज़िन्दगी जानते हैं उसे चश्म की रौशनी जानते हैं जो सीखे हैं जीना यहाँ मुश्क़िलों में ख़ु... Read more

मुक्तक

दिल का चैनों-क़रार खोया है मेरा बरसों का प्यार खोया है ढूँढ़ता हूँ मैं कू-ब-कू उसको कौन दुनिया में यार खोया है प्रीतम रा... Read more

मुक्तक

दिल को लुभा रहा है ये मनुहार आपका किसके नसीब में है लिखा प्यार आपका कहने लगी चमन की कली फूल और सबा दीवाना बन गया है ये संसार आप... Read more

ग़ज़ल

-----ग़ज़ल---- बू-ए-गुल से आज घबराता हूँ मैं खुद को काँटों से ही बहलाता हूँ मैं फेर लेती हर कली मुझसे नज़र गुलसितां मे... Read more

जब बंद ग़र्दिशों ने हरिक रास्ता किया

[15/1, 11:15 pm] Pritam Rathaur: मुझको खुलूस ने वो अता मर्तबा किया दुश्मन ने भी अदब से मेरा तज़किरा किया क़िरदार की बुलंदी उ... Read more

बसंती रंग तब देखा गया है

---ग़ज़ल--- 1222-1222-122 तिरंगा जब गगन ---पर छा गया है तो चेहरा देश का- खिल सा गया है कई कुर्बानियाँ ------देनी पड़ी ह... Read more

व्यंग्य रचना

-------ग़ज़ल------ कल तुम्हारे घर भी नेता जाएगा प्यार से फिर हाल पूछा जाएगा वोट की खातिर -----सुनों ऐ दोस्तों हाथ जोड... Read more

हास्य रचना

----ग़ज़ल---- होकर रहेगी अपनी अब जग हँसाई शायद आफ़त है जिसको हमनें समझा लुगाई शायद जब से वो आई घर में ख़ामोश हर ज़बां ... Read more

मुक्तक

मुक्तक दिल ये क्यों """बे क़रार रहता है क्यों नहीं """इख़्तियार रहता है कौन है वो कि हर घड़ी जिसका आज़ """"""भी इन्तजार... Read more

मुक्तक

ज़िन्दगी इस तरह भी बिताया हूँ मैं हर घड़ी मौत को पास पाया हूँ मैं दोस्त अहबाब सब दूर जाने लगे फिर अकेले ही खुद को रुला... Read more

ग़ज़ल

------ग़ज़ल------ क्या नहीं मुल्क़ में ख़ुशियों का सबेरा होगा कब तलक यूँ ही तनफ़्फ़ुर का अँधेरा होगा आए गा शम्स कोई ताब से जि... Read more

ग़ज़ल

फ़जां की तरह से ----बदल जाओ गे तुम मुझे छोड़ तन्हा ----निकल जाओ गे तुम मेरी बात मानों ------------रहो दूर मुझसे तपिश से हमारी--... Read more

ग़ज़ल

-------ग़ज़ल------ चलो मिल के उल्फ़त की शम्मा जलाएँ दिलों से हसद ------ --के अँधेरे मिटाएँ अगर आप चाहो किसी से दुआएँ कभी ... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल ----////---- न बाज़ आएँ कभी दिल -------- मेरा जलाने से ख़ुदा ही जाने वो क्या --------पाते हैं सताने से ये ब... Read more

मुक्तक

उस ख़ुदा पर मुझे बहुत है यकीं जिसने ये आसमां बनाया ज़मीं ये यक़ीनन क़रम उसी का है मेरे अंदर जो बोलता है कहीं प... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल ****** अब नहीं ---दिल ये नादान है हो गई सबकी ---पहचान है दोस्त है ------कौन है बेवफ़ा अब समझना ------आसान ह... Read more

ग़ज़ल

---------ग़ज़ल-------- माँ की दुआओं के बिन क़िस्मत नहीं बदलती ये वो ख़ज़ाना जिसकी क़ीमत नहीं बदलती बदले ज़माना लेकिन बेटों के... Read more

मुककतक

चार मिसरे अल्लाह जाने अब क्या हरज़ाई चाहता है अब और कैसे मेरी रुसवाई चाहता है दिल डूब जाए इसमें बस देखते ही तुमको आँखों की त... Read more

ग़ज़ल

------ग़ज़ल------ सीख माँ ने दिया सबकी कर बंदना दिल दुखाने की करना नहीं कल्पना बा समर हो दरख़्तों की डाली अगर झ... Read more

मुक्तक

मिसरे ज़िन्दगी इस तरह भी बिताया हूँ मैं हर घड़ी मौत को पास पाया हूँ मैं दोस्त अहबाब सब दूर जाने लगे फिर अकेले ही खु... Read more

नव वर्ष में एक संकल्प

-----ग़ज़ल------ आइये हम सब ख़ुदा से मिल के ये मिन्नत करें दिल से ईर्ष्या द्वेष मिट जाए सभी उल्फ़त करें हर तरफ खुशियाँ ही बरसें... Read more

ग़ज़ल

------ग़ज़ल---- इस नये साल में ----------संकल्प उठाया जाए साथ मुफ़लिस के भी त्योहार मनाया जाए फ़र्ज़ इंसान ----का --- होत... Read more

मुक्तक

देश के जो भी -------परस्तार बने बैठे हैं ये फ़क़त कुर्सी ----के दिलदार बने बैठे हैं धर्म की आँड़ में हम सबको लड़ाते हैं जो मेर... Read more