मैं रामस्वरूप उपनाम प्रीतम राठौर भिनगाई S/o श्री हरीराम निवासी मो०- तिलकनगर पो०- भिनगा जनपद-श्रावस्ती। गीत कविता ग़ज़ल आदि का लेखक ।

मानव धर्म सर्वोच्च धर्म है मानवता की सेवा सबसे बड़ी सेवा है। सर्वोच्च पूजा जीवों से प्रेम करना ।
प्रीतम राठौर भिनगाई

Books:
कहकशाँ

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दोहे

1- प्रेम जगत में उच्च है, निम्न घृणा का रूप। प्रेम वृक्ष विश्राम दे, जब हो दुःख की धूप।। प्रेम दिवस को आइए, कर दे यूँ साकार। ... Read more

ग़ज़ल

------ग़ज़ल----- ग़हन कौन सा लग गया ज़िन्दगी को छुपी है कहाँ ढूँढ़ता हूँ ख़ुशी को रहे तीरग़ी का बसेरा ही दिल में तर... Read more

मौसम बसंती आ गया

सज गयी है ये धरा मौसम बसंती आ गया बाग वन सुरभित हुआ मौसम बसंती आ गया पीत पट ओढे धरा सोलहो सिंगार कर लग रही है अप्सरा मौसम बसं... Read more

ग़ज़ल

-----ग़ज़ल----- ग़मों से उबरने को जी चाहता है ख़ुशी दिल में भरने को जी चाहता है तुम्हारी निगाहों में ही देख कर अब क़सम स... Read more

ग़ज़ल

मुझको खुलूस ने वो अता मर्तबा किया दुश्मन ने भी अदब से मेरा तज़किरा किया क़िरदार की बुलंदी ----------उड़ा ले गयी मुझे जब बंद ग़... Read more

ग़ज़ल

-------ग़ज़ल----- जिसे अपनी हम ज़िन्दगी जानते हैं उसे चश्म की रौशनी जानते हैं जो सीखे हैं जीना यहाँ मुश्क़िलों में ख़ु... Read more

मुक्तक

दिल का चैनों-क़रार खोया है मेरा बरसों का प्यार खोया है ढूँढ़ता हूँ मैं कू-ब-कू उसको कौन दुनिया में यार खोया है प्रीतम रा... Read more

मुक्तक

दिल को लुभा रहा है ये मनुहार आपका किसके नसीब में है लिखा प्यार आपका कहने लगी चमन की कली फूल और सबा दीवाना बन गया है ये संसार आप... Read more

ग़ज़ल

-----ग़ज़ल---- बू-ए-गुल से आज घबराता हूँ मैं खुद को काँटों से ही बहलाता हूँ मैं फेर लेती हर कली मुझसे नज़र गुलसितां मे... Read more

जब बंद ग़र्दिशों ने हरिक रास्ता किया

[15/1, 11:15 pm] Pritam Rathaur: मुझको खुलूस ने वो अता मर्तबा किया दुश्मन ने भी अदब से मेरा तज़किरा किया क़िरदार की बुलंदी उ... Read more

बसंती रंग तब देखा गया है

---ग़ज़ल--- 1222-1222-122 तिरंगा जब गगन ---पर छा गया है तो चेहरा देश का- खिल सा गया है कई कुर्बानियाँ ------देनी पड़ी ह... Read more

व्यंग्य रचना

-------ग़ज़ल------ कल तुम्हारे घर भी नेता जाएगा प्यार से फिर हाल पूछा जाएगा वोट की खातिर -----सुनों ऐ दोस्तों हाथ जोड... Read more

हास्य रचना

----ग़ज़ल---- होकर रहेगी अपनी अब जग हँसाई शायद आफ़त है जिसको हमनें समझा लुगाई शायद जब से वो आई घर में ख़ामोश हर ज़बां ... Read more

मुक्तक

मुक्तक दिल ये क्यों """बे क़रार रहता है क्यों नहीं """इख़्तियार रहता है कौन है वो कि हर घड़ी जिसका आज़ """"""भी इन्तजार... Read more

मुक्तक

ज़िन्दगी इस तरह भी बिताया हूँ मैं हर घड़ी मौत को पास पाया हूँ मैं दोस्त अहबाब सब दूर जाने लगे फिर अकेले ही खुद को रुला... Read more

ग़ज़ल

------ग़ज़ल------ क्या नहीं मुल्क़ में ख़ुशियों का सबेरा होगा कब तलक यूँ ही तनफ़्फ़ुर का अँधेरा होगा आए गा शम्स कोई ताब से जि... Read more

ग़ज़ल

फ़जां की तरह से ----बदल जाओ गे तुम मुझे छोड़ तन्हा ----निकल जाओ गे तुम मेरी बात मानों ------------रहो दूर मुझसे तपिश से हमारी--... Read more

ग़ज़ल

-------ग़ज़ल------ चलो मिल के उल्फ़त की शम्मा जलाएँ दिलों से हसद ------ --के अँधेरे मिटाएँ अगर आप चाहो किसी से दुआएँ कभी ... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल ----////---- न बाज़ आएँ कभी दिल -------- मेरा जलाने से ख़ुदा ही जाने वो क्या --------पाते हैं सताने से ये ब... Read more

मुक्तक

उस ख़ुदा पर मुझे बहुत है यकीं जिसने ये आसमां बनाया ज़मीं ये यक़ीनन क़रम उसी का है मेरे अंदर जो बोलता है कहीं प... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल ****** अब नहीं ---दिल ये नादान है हो गई सबकी ---पहचान है दोस्त है ------कौन है बेवफ़ा अब समझना ------आसान ह... Read more

ग़ज़ल

---------ग़ज़ल-------- माँ की दुआओं के बिन क़िस्मत नहीं बदलती ये वो ख़ज़ाना जिसकी क़ीमत नहीं बदलती बदले ज़माना लेकिन बेटों के... Read more

मुककतक

चार मिसरे अल्लाह जाने अब क्या हरज़ाई चाहता है अब और कैसे मेरी रुसवाई चाहता है दिल डूब जाए इसमें बस देखते ही तुमको आँखों की त... Read more

ग़ज़ल

------ग़ज़ल------ सीख माँ ने दिया सबकी कर बंदना दिल दुखाने की करना नहीं कल्पना बा समर हो दरख़्तों की डाली अगर झ... Read more

मुक्तक

मिसरे ज़िन्दगी इस तरह भी बिताया हूँ मैं हर घड़ी मौत को पास पाया हूँ मैं दोस्त अहबाब सब दूर जाने लगे फिर अकेले ही खु... Read more

नव वर्ष में एक संकल्प

-----ग़ज़ल------ आइये हम सब ख़ुदा से मिल के ये मिन्नत करें दिल से ईर्ष्या द्वेष मिट जाए सभी उल्फ़त करें हर तरफ खुशियाँ ही बरसें... Read more

ग़ज़ल

------ग़ज़ल---- इस नये साल में ----------संकल्प उठाया जाए साथ मुफ़लिस के भी त्योहार मनाया जाए फ़र्ज़ इंसान ----का --- होत... Read more

मुक्तक

देश के जो भी -------परस्तार बने बैठे हैं ये फ़क़त कुर्सी ----के दिलदार बने बैठे हैं धर्म की आँड़ में हम सबको लड़ाते हैं जो मेर... Read more

ग़ज़ल

---------ग़ज़ल------- कुछ पास हो न हो मेरे लेकिन वफ़ा तो है इन्सानियत का फ़र्ज़ है क्या ये पता तो है कुछ और पा सका न... Read more

ग़ज़ल

--------ग़ज़ल-------- 212-212-212--2 हिज़्र की -----रात सोने न देती ख़्वाब कोई-- --सँजोने न देती दिल की धड़कन भी रूठी है ऐसे... Read more

मुक्तक

न काला धन ही आया है न पंद्रह लाख आया है न जाने आए कब वो दिन जिसे अच्छा बताया है जरा समझो वतन के हुक्मरां की इस ... Read more

रोमांटिक गीत

--------गीतिका------ दिलरुबा दिलरुबा ऐ मेरी दिलरुबा हर शै में तुम्हारा ही मैं दीदार करूँगा जब तक के जियूँगा मैं तुझे प्यार करूग... Read more

गीत

-------गीत------ साजना ओ मेरे साजना साजना०--- 1- मन्दिर में बिठा मन के तेरी पूजा करूँगी झिलमिल दिये की लौ में तुम्हें देखा क... Read more

बिरह गीत

-----गीत---- जल न जाएँ - दिये की तरह हम, मेरे साजन तू ---जल्दी से आजा देखती हूँ तेरी राह निशदिन सूना मन का है आँगन ... Read more

हास्य कविता

खुशी को नहीं ग़म --को लाया हुआ है रचा कर वो शादी--- जो आया हुया है क़यामत की सूरत---- में आई है बीवी ज़ुबाँ पर भी ताला--- लगाया ... Read more

बताओ जुल्फ़ में बादल ठहर गया कैसे

-----ग़ज़ल---- 1212--1122--1212--22/112 ग़मों का दौर ये -------मेरा गुज़र गया कैसे ये आँसुओं का-----समुन्दर उधर गया कैसे ... Read more

शेर

1- शेर वक़्त की आँधी ने जड़ ------से उखाड़ डाला है छाँव मिलती थी कभी हमको --जिन दरख़्तों से 2- हर गुनाहों ---------को ख़ुदा बख्... Read more

ग़ज़ल

------ग़ज़ल------ अब मेरी क़ौम को तू न-------- इतना जवाल दे सबको मिले उरूज ---------ख़ुदा वो कमाल दे भूखे हैं कबसे बच्चे ----... Read more

अतिश्योक्ति अलंकार

अतिश्योक्ति अलंकार पुष्प पग पर """"""""गिरे पाँव काले पड़े जिस्म पर """""""चाँदनी से थे छाले पड़े आँख चुँधियाए उस कामिनी की अगर... Read more

नाते शरीक़

आ गये आ गये ------रहनुमा आ गये दो सलामी ------हबीबे-ख़ुदा आ गये ज़िन्दगी को -------बक़ा देनेे के वास्ते, दर्द मंदों के ग़म --... Read more

ग़ज़ल

-----ग़ज़ल---- गर निगाहों में """""प्यार आएगा दर्दे दिल""""" बेशुमार आएगा होश कर लो """ जरा ऐ दीवानों रंज और दुख """"हजार... Read more

हास्य कविता

स्कूटी अपनी चाल पर---------बहुत रही मदहोश। पाला पडा जब बाइक --से तब आवा ऊ का होश बाइक बोली सुन ---------गौरैया मान ले हमरी बात ... Read more

ग़ज़ल

-----ग़ज़ल---- उठा के हाथ ख़ुदा ------से करे दुआ कोई वतन को मेरे लगे ----अब न बद्दुआ कोई बहुत ही टूटा है ये ----क़हरे आसमानी ... Read more

ग़ज़ल

-----ग़ज़ल----- वो कहती मुझे बे-मज़ा आदमी हूँ उसे क्या पता है मैं क्या आदमी हूँ इसी वास्ते मैं"""""डरूँ लड़कियों से कि बीवी ... Read more

ग़ज़ल

-------ग़ज़ल----- मैं दुनिया-ए-उल्फ़त पला आदमी हूँ ये किसने""" कहा मैं बड़ा आदमी हूँ कोई हँस के बोले तो हो जाऊँ उसका मैं हर त... Read more

ग़ज़ल

----ग़ज़ल---- मेरा तो कोई अभी "----"इम्तिहान बाक़ी है जो चश्मे-नाज़ में ----ताज़ा उफान बाक़ी है पनाह दर पे तुम्हारे----- नहीं त... Read more

नाते शरीफ़

@@@@@@@ मुस्तफ़ा की उल्फ़त ही ---मेरा हर ख़ज़ाना है उनके पाॅय अक़्दस में --अब मिरा ठिकाना है दोस्ती ज़माने की अब----- समझ नही... Read more

माँ

-------ग़ज़ल------ ( माँ ) माँ की दुआ ने आज -----बनाया निडर मुझे हर आफ़तो बला ------भी लगे बे असर मुझे जब ... Read more

मुक्तक

चार मिसरे माँ के चरणों में समर्पित रिश्तों ने जब भी छोड़ दिया रूठ कर मुझे माँ ने दिया है आसरा हर राह पर मुझे "प्री... Read more

ग़ज़ल

-----ग़ज़ल---- आप बुद्धू हमें ------मत बनाया करो जो भी वादे करो -----तो निभाया करो पीटिए मत""""--"" ढिंढोरा करेंगे ये हम ज... Read more