रचनाकार- संतोष बरमैया”जय”,
पिताश्री – श्री कौशल किशोर बरमैया,
कोदाझिरी,कुरई, सिवनी,म.प्र.।
शिक्षा-बी.एस.सी.,एम ए, डी.ऐड,।
पद- अध्यापक ।
साझा काव्य संग्रह – 1.गुलजार 2.मधुबन, 3.साहित्य उदय, 4.अभिव्यक्ति, 5. अर्पण, 6. काव्य किरण, 7.पत्रिका मछुआ संदेश, तथा वर्तमान मे साहित्य-नवभारत अखबार में प्रकाशित होती रहती है। मेरी कलम अधिकांश समय प्रेरणा गीत तथा गजल लिखती है। मेरी पसंदीदा रचना “नमन बेटियों” ।

Awards:
“कानन साहित्य सम्मान”पेंच लिटरेचर साहित्य सम्मेलन मप्र.।
“काव्य सागर सम्मान” राष्ट्रीयसाहित्यिक मंच साहित्य सागर दिल्ली।
“दस्तक” राष्ट्रीय साहित्य संगम संस्थान तिरोड़ी मप्र.।

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शिव महिमा

शिव महिमा ★★★★★■■ देवों के भी देव कहाते, भोले से पर नाथ कहाते। दर्शन कठिन तपस्या इनकी, जो मा... Read more

जूते की अभिलाषा

पढ़िए पैरोडी शीर्षक - #जूते_की_अभिलाषा ★★★★ चाह नहीं, चरनन देवों की, बन, चरण-पादुका तर जाऊँ। विश्व-सुंदरी ... Read more

।।चल एक छोटा सा घर बनाते है।।

चल एक छोटा सा घर बनाते हैं इस लाल काले हरे नीले आसमान के नीचे, पेड़ों की पत्तियों के झुरमुट के पीछे, चल एक छोटा सा घर बनाते है, ... Read more

।। क्या होता है भाई माँ ।।

निःशब्द निरूत्तर पाई माँ। है आज तलक घबराई माँ। बच्चे का छोटा प्रश्न सुनो, कहता क्या होता भाई माँ? बहुत सुना मैंने शाला ... Read more

#इस तरह बेटी बिदा हो जाती है#

# इस_तरह_बेटी_बिदा_हो_जाती ★★★★★ आज दशा पर बेटी की यह, बाबुल नीर बहाये। ब्याह रचाने बेटी का खुद, ... Read more

????बेटी की व्यथा????

???तुम्हारी परवरिश में कमी नहीं है माँ??? बेटी की व्यथा???????? माँ! तेरी ये बेटी आज बड़ी हो गई जिन रास्तों पर तूने चलना सिखाया... Read more

???#" सुहागरात एक एहसास"#???

????? "सुहागरात एक एहसास"???? ?दाम्पत्य जीवन की पवित्र, पहली सीढ़ी , पहली बात। उलझन में दिल, अजीब ख्याल, ... Read more

◆◆◆◆◆जुगाड़◆◆◆◆◆

जैसे ही शीर्षक श्री ने पटल विषय जुगाड़ बताया। हमने भी बेहतर कविता प्रेषित करने मन बनाया। चलने लगी दिमाग पर सोच की तेजधार की आरी। श... Read more

नारी की गौरव गाथा

नारी पर गीत गजल कविता, शायरी करते रहे। रह-रह बात सशक्तिकरण पे, जोर दें कहते रहे।। नारी बल को कम ना कहना, पाठ सब पढ़ते रहे। नारी... Read more

******भाव कलम के******

छटा प्रातः की देख कर मन भाव ऐसे उठ गये। इंद्रधनुष रंगों ने मानो, नभ में रंग भर गये।। रंग सिंदूरी सजा है यों, धरा मांग... Read more

***** पेट अग्नि*****

●★●★●★●★●★●★● जला नहीं है आज फिर, चूल्हा गरीब घर का। है चर्चा लाचार, बेबस, गरीब की गुजर का।। दे दिया है लकड़ी उसने, औरों को जला... Read more

मानव की मनमानी का

प्रकृति चिट्ठा खोल रही यहाँ, है मानव की मनमानी का। धूप की तपन, बढ़ती गर्मी, असर है... Read more

जिंदादिल वीर जवान

उठो, बनो शोले हे ! वीरों, अब वतन ए राह बुलाती है। दिखलाओ जिंदादिली प्यारों, अब वतन ए चाह बुलाती है।। खौलता है नहीं क्या खूँ... Read more

माँ वंदना

?????मातृदिवस की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ????? ★ माँ वंदना ★ माँ के चरणों में समर्पित हे ! जन्मदात्री,... Read more

आ अब लौट चले उस गाँव

आ अब लौट चले उस गाँव। जहाँ माँ के आँचल की छाँव।। करघा, आँगन बैठ के माँ, सपने बुनती है बेटे तेरे। जीवन के दिन चार रहे, ... Read more

वीर शौर्य

माँ की कोख में पलता यहाँ बच्चा शौर्यमय हो जाता है। तन मन वचन से सज-धज, बच्चा, इस पुण्य धरा... Read more

??गरीबी का श्रृंगार??

माँ ने दिया जन्म, इन सीढ़ियों में, माँ की ये मजबूरी थी। गरीबी ने घेरा, इस कदर, तकदीर से ही दूरी थी।। पर सपने, माता पिता के, ... Read more

""""""नेता जी """"""

व्यंग्य ********* मेरे देश का दुर्भाग्य, यहां नेता बूढ़ा होता है। नवयुवक बूढ़ा होते तक, नेता को ढोता है ।। सोच पर न जा... Read more

प्रकृति का निराला खेल

(दृश्य-:- एक परिवार जिसमें माता-पिता-डॉक्टर,3 बच्चे, डॉक्टर साहब घर पर नही है। दो बच्चे घर के अंदर खेल रहे , एक माँ के साथ.........आ... Read more

धर्म के ठेकेदार

इतिहास के पन्नों में, मिलती गवाही जहाँ। धर्म ठेकेदारो ने , ..…की सदा तबाही यहाँ ।। युद्ध परिणामों पे, ..........बहू प्रमाण है य... Read more

"" मैं और मेरी पायल""

मैं, और मेरी पायल, अक्सर, एक बात कहा करते है, कि, शायद, तुम न मिलते, तो ,मैं कभी, पायल का दिया, अहसास, तुम संग बिताया, मधुम... Read more

गर्मी

जब गर्मी का मौसम आता है । मुझे गाँव मेरा याद आता है ।। गर्मी का मौसम, खुली आजादी । खाने पीने की , चिंता हो आधी । खुले पेड़ के न... Read more

महिला शिक्षा की करामात

अभी नींद भी न खुली थी!और जोर की आवाज आई! ऐ मिस्टर! हैलो, गुड मॉर्निंग! आपके लिए है ये वॉर्निंग! मुझे जल्दी है ऑफिस जाना। खाना... Read more