एक नवागत काव्यकार, जो वरिष्ठ रचनाकारों की संगति में सीखने का इच्छुक है।

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महिला

?? *अंतराष्ट्रीय महिला दिवस पर मातृशक्ति को नमन करते हुए एक रचना प्रस्तुत करता हूं.* ?? *जिस कोख से सबने जन्म लिया, मैं उसकी बात... Read more

चुनाव

*एक गीतिका....* *शीर्षक  -  चुनाव* *चुनावों के बहाने से हमें नेता लुभाते हैं।* *दिखा मीठे सपन सबको गरीबो को पटाते हैं।1* *... Read more

एक खुद पसंद ग़ज़ल

एक खुद पसंद ग़ज़ल... काफ़िया "अर" का स्वर रदीफ़ देखते रहे बह्र 221 2121 1221 212 वो जिस पे' आएं'गे वो' डगर देखते रहे... Read more

विधाता छंद पर आधारित एक गीतिका

किनारे इक समंदर के निशा के ज्वार को देखा। पटकती सर किनारे पर लहर के प्यार को देखा।1 ज़माने में जिधर देखो वहीं शक्लें बदलती हैं। ... Read more