Senior consultant incharge blood bank distt hospital sitapur.born1july1961 .intersts in litrature.science.social works&pathologyµbiology.

Books:
Katha Anjali,(kathasangrah).

Copy link to share

हम सब को अवसर मिला,रखें शहर को स्वच्छ।

हम-सब को अवसर मिला,रखे शहर को स्वच्छ । दूर करें सब गन्दगी, यही पाजटिव पक्छ । यही पॉजटिव पक्छ , स्वच्छता से हो यारी। रोग आदि हो द... Read more

तुम्हारे प्यार का आँचल, हमेशा सिर पे मेरा हो

मित्रों माँ को समर्पित है मुक्तक । गुरूःब्रह्मा गुरुःविष्णु गुरूः देवा महेश्वरः ।मित्रों माँ का स्वरूप इन तीनों देवो मे प्रकाशित... Read more

भाषा चुनिए वोट से, लोक तंत्र दरबार ।

मित्रों सादर समर्पित है कुण्डलिया भाषा चुनिए वोट से,लोक तंत्र दरबार । डाले मत अपना सभी, प्रजातंत्र आधार । प्रजातंत्र आधा... Read more

मदर्स-डे पर समर्पित

ये मेरी माँ का आंचल है, लजाने हम नही देंगे । पिया जो माँ का पय हमने,गँवाने हम नही देंगे । वतन के ही लिये जीना ,वतन के ही लिये म... Read more

आज की कुण्डलिया ,रक्त दान महादान

मित्रो आज की कुण्डलिया सादर समर्पित है । आया अवसर दान का, करें रक्त का दान । सुगर व बी पी सन्तुलित, सधे लिपिड का मान । सधे ल... Read more

ये परचम जो थमाया है, उसे झुकने नही देंगे ।

जो परचम ये थमाया है, उसे झुकने नही देगें। लगी जो आग सीने में, उसे बुझने नहों देगें। ये छलिये देश को छलकर कहां जायेंगे बचकर के ... Read more

मौका ब्लड के दान का, बहुत कमाये पुण्य ।

मित्रों सादर समर्पित है आज की कुण्डलिया । मौका ब्लड के दान का,बहुत कमायें पुण्य । पाप पुण्य के बीच में, मानव हुआ नगण्य । मानव ... Read more

अवसर आया है अभी, करें रक्त का दान

अवसर आया है अभी, करें रक्त का दान । रक्त दान परहित करें,जीवन दान महान । जीवन दान महान, प्रेम जनहित में करिये। हो बी पी कन्ट्रो... Read more

रक्त दान करें।

मित्रो सादर समर्पित है, कुण्डलिया । आया अवसर दान का,करें रक्त का दान । रक्त दान परहित करें,जीवन दान महान । जीवन दान महान, खु... Read more

सहमत हों सब राज्य मिल

सहमत हो सब राज्य मिल, आवश्यक यह कार्य । पूर्ण राष्ट्र भाषा बने, हिन्दी ही स्वीकार्य । हिंदी ही स्वीकार्य, राष्ट्र अपना ये माने... Read more

अवसर आता वोट का, बारम्बार न भाय ।

अवसर आता वोट का,बारम्बार न भाय। सांझ सकारे रात दिन, रहिये ध्येय बनाय। रहिये ध्येय बनाय,वोट इक इक है थाती। प्रजातंत्र का कर्ज, ... Read more

घनघोर घटा छाये

घनघोर घटा छायें, तो दुती दामिनी दमकाये । जब महके केसर क्यारी , सब मंद मंद मुस्कायें। डा प्रवीण कुमार श्रीवास्तव 26*04*2019 Read more

जीवन ये व्यापार हो गया -मुक्तक

दाना –दाना तरसे भाई , कातर नयना ताके ताई , कृषक मौन , घर द्वार बह गया । जीवन ये व्यापार हो गया । सुविधायें सब नौ दो ग्यारह ... Read more

दो मुक्तक

“ वृद्ध, चने बेचने वाला “ रोज ही रोग से मर रहे काँपते , बोझ पर बोझ ले दौड़ते हाँफते , सांस भी थी उखड़ते –उखड़ते बची , बेच कर... Read more

दो कुण्डलिया -होली पर्वपर काव्य नाटिका

होली का उल्लास है , खुशियों का त्योहार , रंग बिरंगे हो गए , जीवन के व्यापार । जीवन के व्यापार , यार सब खेलें होली , फगुआ गायें... Read more

बेघर हैं श्री राम , अवध पति क्यों कर बेघर

बेघर हैं श्री राम , अवध पति क्यों कर बेघर ? माँ भारती के लाल माता सीता की संताने हैं। माता सीता ने अपने सम्पूर्ण जीवन में हमेशा दु... Read more

बने साहब जी एजेंट ।

साहब जी खुश हो गए , जब शिक्षक हों एबसेंट । परसेंटेज पाकर, बने साहब जी एजेंट॥ डाप्रवीणकुमारश्रीवास्तव सीतापुर 15 -02 2019 Read more

अति हर्षित होकर चले, सब बारिश में स्कूल ।

अति हर्षित होकर चले , सब बारिश में स्कूल , टीचर बच्चे कह रहे , मौसम है प्रतिकूल , मौसम है प्रतिकूल , सभी वाहन अब गायब, बिन बस ... Read more

मेधावी विद्यार्थी के लक्षण

मेधावी विध्यार्थी के लक्षण मेरे विचार से मेधावी छात्रों की मुख्यत : तीन श्रेणियाँ होती हैं । प्रथम श्रेणी उन विध्यार्थियों की है ज... Read more

पाकर लॉलीपॉप है, खुशी मनाते लोग ।

पाकर लॉलीपॉप है,खुशी मनाते लोग । कुपित कृषक वर्ग है,रहम करेंगे लोग? Read more

सरकारी आया बजट ।

सरकारी आया बजट, रोष जताते लोग । पन्द्रह रूपये प्रति दिवस, कोस रहे है लोग ।। Read more

सुन्दर दोहे आपके ।

सुन्दर दोहे आपके, खुशी मनाते लोग । धन्यवाद है आप को, बना रहे ये जोग । Read more

स्पन्दन करते मित्र वर

स्पन्दन करते मित्र वर, पढे आपके छन्द । है अति उत्तम सुयोग अब, रोज मिले ये बन्ध।। Read more

न रेट मिले न खाद मुफ्त ।

न रेट मिले न खाद मुफ्त, है ये कैसी रीति। बात करे सब भाव की, है ये कैसी प्रीति। Read more

हिंदी को अपनाइए,

हिन्दी को अपनाइए, जनता की यह मांग । यही राष्ट्र भाषा बने,नही अड़ायें टांग । नही अड़ायें टांग, देश हित में यह भाषा, । बचे मान सम... Read more

मेधावी विध्यार्थी

मेधावी विध्यार्थी के लक्षण मेरे विचार से मेधावी छात्रों की मुख्यत : तीन श्रेणियाँ होती हैं । प्रथम श्रेणी उन विध्यार्थियों की है ज... Read more

बेघर हैं श्री राम अब , जनता मांगें न्याय

बेघर हैं श्री राम अब , जनता मांगें न्याय । जन नायक के नाम पर , कैसा है अन्याय? कैसा है अन्याय ?आज वादी यह सोचें। प्रतिवादी हि... Read more

करते सब मनुहार हैं , वोट बैंक हित यार ,

करते सब मनुहार हैं , वोट बैंक हित यार, सारी जनता त्रस्त है , प्रजातंत्र बेकार । प्रजातंत्र बेकार , करें जनता से मस्ती , राजन... Read more

गुट बंदी के भेद में , घिरे वीर हनुमान

गुटबन्दी के भेद में , घिरे वीर हनुमान , नेता जी अब कर रहे , वर्गीकृत भगवान वर्गीकृत भगवान , खेल तो नेता खेलें , घातक हों परिणा... Read more

हुस्न पर छा गया चंद्रिका का नशा

हुस्न पर छा गया चंद्रिका का नशा , इश्क पर छा गया भावना का नशा । होठ बेताब हैं सुर्ख महताब हैं , प्रेम पर छा गया कामना का नशा ।... Read more

भारतीय रेल यात्रा (एक व्यंग्यात्मक यात्रा संस्मरण )

रात्रि के प्रथम प्रहर में, लखनऊ स्टेशन से रेल गंतव्य की ओर प्रस्थान करती है । रेल द्रुत गति से आगे बढ़ती है , कोच के कुछ यात्री वार्... Read more

क्लास मॉनिटर (बाल कहानी )

रमेश एक अत्यंत मेधावी छात्र था , उसने इसी वर्ष विद्यालय परिवर्तन करके महा नगर के विद्यालय में प्रवेश लिया । रमेश आज्ञाकारी छात्र होन... Read more

चोरी से जब नान वेज , ,

चोरी से जब नानवेज , खाने को मिल जाय। लाख बहाना कर भले , झूठ जाय पकड़ाय । झूठ जाय पकड़ाय , व्यर्थ चोरी की बोटी , फूटे मित्र नसीब म... Read more

साली बन कर हुस्न ने

साली बन कर हुस्न ने , चूना दिया लगाय। जीजाजी को इश्क ने, भूखा दिया सुलाय । भूखा दिया सुलाय , रात भर नींद न आयी , चढ़ा इश्क का ... Read more

रिश्तों की महिमा अजब

रिश्तों की महिमा अजब , जाने कब बन जायें, लाख बनायें न बनें , पल में ही जुड़ जाए । (1) अम्मा जब नाराज हों , उनको धता बतायें, घरव... Read more

लतीफे सुनाते मियां मित्र मिट्ठू

लतीफे सुनाते मियां मित्र मिट्ठू , रुला कर हंसाते मियां मित्र पिट्ठू । जरा मुस्कराओ हमें गुदगुदा कर , गजल फिर सुनाओ मियां मित्र... Read more

गले से लगा के वो फिर मुस्कराये

“ गले से लगा के वो फिर मुस्कराये “ गले से लगा के वो फिर मुस्कराये , दिलों को मिला के सभी को मनाये । रुबाई रचाते मियां मित्र म... Read more

है कहां नौकरी ये अजब राज है

मुक्तक ना हमें काम है ना तुम्हें काज है , है कहाँ नौकरी ये अजब राज है । राज की बात है राज जिसने किया , दांव पर दांव दे , ना... Read more

प्यार का सार है त्याग की भावना

श्रृंगार गीत(मुक्तक ) प्यार का सार है त्याग की भावना , प्रेम रस धार है प्रीत की कामना । जिंदगी मिल गयी प्यार जिसने किया , प... Read more

रात की कालिमा छा गयी थी जहां

श्रृंगारिक मुक्तक रात की कालिमा छा गयी थी जहां , प्रात की लालिमा छा गयी थी वहाँ । चाँद का नूर खोया कहीं गुम हुआ , ढूंढते ढूं... Read more

अश्रु आंखो में छलके सदा सर्वदा

मुक्तक देखते आ रहे दृश्य ये सर्वदा , अश्रु आँखों में छलके सदा सर्वदा । बाढ़ लीला मचाये भयंकर प्रलय , स्वप्न हैं टूटते झेलकर... Read more

एड्स रोग एक सामाजिक ज्वलंत प्रश्न व स्थिति का आकलन

एड्स रोग –सामाजिक ज्वलंत प्रश्न व स्थिति का आकलन एक दिसंबर को समस्त विश्व मे विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है ।यह ज्वलंत प्रश्न हर श... Read more

भूखा कूड़ेदान

भूखा कूड़ेदान प्रथम प्रहर में स्वास्थ्य लाभ हेतु भ्रमण के लिए मनोज निकला । उसने देखा कि , रोज की तरह उपेक्षित कूड़ादान आज भी मुंह... Read more

मुक्तक - मां

कहानी सुनाती ,सुलाते -सुलाते , बहाना बनाती ,रिझाते - मनाते । मां, तू है ममता की देवी रिचा की, सुनाती है ,लोरी ह्रदय से लगा के... Read more

बाल श्रम संवैधानिक अपराध

बाल श्रम संवैधानिक अपराध समाज में बाल श्रमिक मान्य नहीं है । बाल श्रम अपराध की श्रेणी में आता हैं । बालक जब अपने बौद्धिक , शारीर... Read more

न्याय की है तुला ,-मुक्तक

मित्रों ,मैं माननीय उच्चतम न्यायालय के एडल्ट्री पर फैसले का सम्मान करता हूं, आशा करता हूं कि, इससे हमारा समाज सुसंगठित व सुसंस्कारी... Read more

माँ की अभिलाषाऔर पुत्र की जिज्ञासा

माँ की अभिलाषा व पुत्र की जिज्ञासा उक्तदिवस महा शिव रात्रि का पर्व था , लोग सोमवार का व्रत रखकर, अनुष्ठान कर रहे थे ।कांवड़िए, ... Read more

दीदी नींद नहीं आ रही.....

दीदी ! नींद नहीं आ रही ...... माँ की ममता का कोई मोल नहीं है । ममता अप्रतिम , अविस्मरणीय एवं मातृ ऋण है । ईश्वर ने मातृ शक्ति को... Read more

देश में एकता अब सलामत रहे।

जाति बन्धन हमेशा सलामत रहे, भेदभाव की मंशा नदारद रहे, मित्र मिल जुल रहें प्यार उनमें अमिट, देश में एकता अब सलामत रहे ।1। म... Read more

दोहा मुक्तक -अब मजहब के नाम पर हुए मतलबी लोग

अब मजहब के नाम पर हुए मतलबी लोग , संविधान को पी गए , सभी मजहबी लोग प्रश्न सेक्यूलर का उठा , नजर चुराते आज नियतमें ही खोटधर , ... Read more