नमसकर दोस्तो,
मेरा नाम प्रवीण कुमार सोलंकी है, उम्र है 24 वर्ष। साहित्य के प्रति मेरी भी रुचि है। मुझे गीत ग़ज़लों,शेर-ओ-
शायरी सुनने का भी बहुत शौक है। मै भी कविताये, शायरियां, कथा कहानियां लिखता हु।
मै लिखने मै ज्यादा अच्छा तो नहीं हु, लेकीन कोशिश करता हु लिखने की। इस मंच के सभी सदस्यो को मेरा
नमन है और आपसे गुजारिश है की आपका साथ मेरे साथ बनाए रखे।

धन्यवाद।

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पिता का पत्र

प्रिय पुत्र इसमें कोई नयी बात नहीं है, जो मैं तुम्हें बताने जा रहा हुं। ये तो दुनिया में आम बात हो चुकी है, की लोग अपने पिता को ... Read more

वो एक पेड़ था ......

पंछी को बसेरा देता , पंथी को छाया देता, किसी से पैसा नहीं लेता था, ऐसा भी एक सेठ था | वो एक पेड़ था ........(1) ... Read more

माँ

१) नौ माह पाला गर्भ मे, मिली है तुझसे श्वास रब को कभी देखा नहीं, तुझमे है विश्वास २) तिल तू मरती रही, पल पल निकली जान, ... Read more