प्रवीण शर्मा

ताल ,जिला रतलाम

Joined January 2018

बी एस सी, एम् ए (हिंदी ,राजनीति)

Awards:
सामाजिक ,सांस्कृतिक रुचिप्रद सेवा कार्य

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मंजिल

कविता ---मंजिल मंजिल पाने का ना कोई मुमकिन जब नींव, इरादें की ईट से मजबूत हो , पाने का मन मे एक प्रलय की तरह बहता एक ... Read more

आँचल

इसमे थोड़ा सुधार किया विषय-- आँचल आज मेरी माँ की कमी हर पल सताती रही , जब मैं धूल से खेलता वो आकर कान झाड़ती रही । ... Read more

राह /राहें

विषय राह/राहें राहें की पगडंडी पर चला जो मुझे प्यारे मिलने चला कांटे होंगे ,होंगे संघर्ष पर, फिर भी हटे पीछे क्यो भला। बनाए... Read more

भोले नाथ शब्द पिरामिड

शब्द पिरामिड में कविता हे शिव शंकर भोले नाथ भस्म रमैया बम बम बोले छत्तीस भोग नहीं वो खुश होते है बेलपत्र भांग ... Read more

कलम आज उनकी जय बोल

विषय--कलम आज उनकी जय बोल भारती माँ की गोद अनमोल जब जब क्रूर आंतकी पिपाषा बढ़ाए तब तब वीर जवान बन्दूको से आंतकवादियो को मार ... Read more

नयन

विषय,,, नयन कान्हा ने राधिका को निहारा भाव आसमां को नयनो मे उतारा फूलो की बगिया,, ऊपर भवँरा, मन्द मन्द मुस्काय ,राधे पुकारा... Read more

अभिनंदन

धरा की गोद मे बसा कैसे वीरो की गाथा का डगर है शौर्य वीर के सीने में अभी भी आंतकियो से निडर है । वो दुष्ट, वीर की आंखों से ... Read more

सुंदर पावन धरा भारती

आज की कविता विषय,,, सुंदर पावन धरा भारती सूर्य की रश्मियां प्रफुलित हुई भोर चन्द्र जाने को लज्जित हुई मस्त धरा पर जैसे... Read more

आंतकी को सबक

जंगल मंगल में बसा वीर हनुमान , मेरा प्यारा जगमगाता हिन्दुस्थान। धूल चटाना था आतंकिय्यो को विजय पथ पर बड़ा फ्रॉग विमान छप्पन... Read more

प्रिय को मनाना

न करती तुम बात ओर न ही मुलाकात , क्यों रूठी हो हमसे बिन नही ढलती रात। बता दो जरा हमसे क्या हो गई भूल दूर है हम तुमसे पर... Read more

वीर पुरूष की वीर नार

उन आँशुओ से समंदर भी हारा गले से मंगलसूत्र जब तुमने उतारा न कभी मानी जीवन से यह हार तुम वीर पुरुष की वीर नार । तुम वीरो ... Read more

शहीद की पत्नी

शहीद की पत्नी हाथों में कंगन बिखर गई माथे की बिंदिया उतर गई बहते नीर नयनो से थिरकते चहरे से मुस्कान उतर गई । इंतजार मे... Read more

सुन पाक

पाक गंदी हरकते ढोल रहा है मेरे भारत के लाल का खून बोल रहा है । मेरे वीरो को तूने ऐसे पछाड़ा देख तेरी धरती पर हम कैसे बनाएंग... Read more

इश्क ,मोहब्बत ,प्यार

मेरी आज की रचना इश्क ,मोहब्बत ,प्यार पर तुम जानती हो , मैं कौन हूँ । यह मत समझना कि मैं नही जानता पर , मैं अभी मोन हूँ। ... Read more

भरोसा

कविता मुश्किलों से हर मोड़ पर टकराव मिलेगा , यहां कांटो का भरपुर बहाव मिलेगा । डरना नही कठिनाईयो के कसाव में, रायसुमार... Read more

उनमें कोई तो बात है

उनमें तो कोई बात है उसकी हस्ती में कुछ देखा है इसलिए तो कुछ लिखा है जरूर मेरे भाव के द्वार खोले जरुर उनमें कोई तो बात है... Read more

बारिश से पुकार

धरा ने काले बादलों को पुकारा झूम कर आया जो ललकारा ,, फैली है सोंधी सोंधी खुशबू , हुई धूल जलबून्दों से रूबरू। लगी रखी प्रा... Read more

मेरा गाँव मेरा बचपन

मेरा गांव मेरा बचपन मेरे गाँव मे क्या भैसें गाय , बेल की ही हलकार यही है ,मेरी सरकार । गांव भोर में महकती दुग्ध ,छाछ ,दह... Read more

बेटी पर हाईकू

बेटी पर हाइकु नन्ही कली है घर घर मे बेटी वन्दनीय है प्यारी परी है चम चम पायल नन्दनीय है । गुलाबी चन्दा महकी दु... Read more

हाइकु नारी ,

हाइकु नारी ,स्त्री है कुदरती रचना सौंदर्य मूर्ति पुरुष की है अर्धगाह्नि वसना प्रेमीतुल्यनी लगाती ऐसी माथे पर सिंदू... Read more

देश भक्ति

मेरे प्यारे हिंद गगन में फैली है मेरी भक्ति भारत माँ के आशीष से बाहों में जागी शक्ति । कुछ करना है तो कांटो की राहपर आगे बढे, ... Read more

मेरी इच्छा

मेरी इच्छा मुझे कुछ संगीत की लहरिया सुनाए मुझे प्रकृति की अनुपम छटाओं में कोई गुनगुनाए ।। यह पते ,रस्सी खीचकर ढपली बजाकर ... Read more

बहन, भाई

भाई पर कविता में सुबह से मिठाई, नारियल लाई भैया के लिए चन्दन राखी की थाली सजाई । लगाया मेने फोन ,, आया दरवाजे पर कौन ? ... Read more

सहारा

साथिया एक सहारा है , जब बेबसी बगावत करती है और आंधी, अंधी गलियों से गुजरता है । साथिया एक सहारा है , जब विचार हवा में उड़ता है ... Read more

पिता

रिश्तो का मिठास सबन्ध है पिता परिवार का गृह बंधन है । परिवार की हिम्मत और आस है पिता एक उम्मीद और विश्वास है । पिता ... Read more

नारी शक्ति

नारी शक्ति पर कविता कोमल है कमजोर नही नारी मौत सदा नारी से हारी । शक्ति का अपार नाम ही नारी जग को जीवन देने वाली ,, सँघर... Read more

वीर

हे भारत माँ ,, तेरे लाडले वीर । चले तुझे रिझाने , तेरी माटी का कर्जा चले वीर उठाने । वीरों की जिंदगी अपने कन्थो पर उठा करती ... Read more

बेटी

बेटी पर कविता सदियां बीत गई ,युग बदल गये ,, फिर भी कोई न समझ पाये ,,, बेटी ही कल है ,बेटों से बढ़कर भाग्य जगमगाये। बेटी... Read more

भाई

भाई पर कविता एक माँ के कोख से जन्म लेने वाले दो भाई अलग अलग दिशाओं में जा रहे है , , जब कि अलग अलग माँ के कोख से जन्म लेने वाले... Read more

यादे

यादे पर कविता यादो के समंदर में कोई चला जाए ,, वो तो समंदर की तलहटी में ही बैठ जाए । जब हवा ,यादो की खुशबु लेकर आए ,, तो ऊ... Read more

काला हिरण

ये केसा इस सदी में वन्य प्राणी अपमान ,, जो बना है नायक से खलनायक सलमान ,, हिरण को क्यों बनाया है सबसे खतरनाक,, इसल... Read more

चुनरी रानी

ओ चुनरी रानी कहा चल दी गजरारे बाल वहा क्या हाल पांव में पायल आँखों में काजल नजर है बिंदास पर मन क्यों है उदास ... Read more

वन्य जीव की दुर्दशा

हो गई प्रदूषित नदिया रानी कैसे साँस ले मीन रानी। यह मनुष्य ही बंदोबस्त में नही जानी । मर मर के जी रहे है जल प्राणी । गर्मी म... Read more

बेटी

बेटी बेटी कभी न दीजिए उस घर में श्री मान ,,, जिस घर में खिले न बेटी की मुस्कान ।। वो हंमारी पायल सी कली है दहेज भेड़ियों ... Read more

चाँद की इच्छा

सितारों ने चाँद से पूछा चंदा जी जाना कहां ? चंदा ने जवाब दिया सितारे बेटे अँधेरा है चमकना वहां । ठंड है सफेदी चादर ओढ़ना व... Read more

पुष्प ,सुमन , फूल

फूल ,पुष्य ,सुमन पर कविता हे इन्सान ! में एक बगीचे का फूल तेरी चरणों का बना धूल । तोड़कर मुझे फेक देता खुशबु लेकर इठल... Read more

इश्क की अदा

तेरी अदाओं में इश्क का मोहताज है ,,, वो बला क्या जाने जो नजरो का अंदाज है । कम्प कम्पी चादर में ठंडी हवा का झोंका कहा ? रोम रोम... Read more

प्रकृति

प्रकृति पर कविता ऊंचे वृक्ष ,घने जंगल चहु और छाए मंगल । दर्पण जैसा आकाश नील जैसा पानी बहता जैसा आचंल यह समुद्र की रान... Read more

हनुमान

आज् हनुमान जी के चित्र पर कविता 👇 अंजनि के लाल वाह रे तेरा क्या है कमाल ,, जब तु छोटा था सूरज को निगला था तब तेरा म... Read more

गरीबी

गरीबी पर कविता गरीबी मन का वहम है जो कर्म का रहम है । जो देखी नही कभी भी गरीबी वो क्या जाने दर्द की करीबी । धनवान को ... Read more

जज्बा

जज्बा देश के खुनी आतंकियों का झटका है ,, इसलिए औंधा मुह का लटका है ,, हमारा वीर जवान कही नही भटका है । जज्बा सीने में ... Read more

गरीबी

गरीबी पर कविता गरीबी मन का वहम है जो कर्म का रहम है । जो देखी नही कभी भी गरीबी वो क्या जाने दर्द की करीबी । धनवान को ... Read more

सास बहू

सास बहू आजकल देखने में आता है कि सास भी कभी बहु थी । पर मेरा यह मानना है कि जब सास ,बेटी नही थी यह आभास क्यों नही होता , और जब ... Read more

समंदर

समंदर की गहराई में हम कहा उतर गए ,, इश्क की तम्मना में जमाने से भी टकराए गए । समंदर ने मुझसे कहा कि आओ मेरी गहराई में उतरो ... Read more

स्कूल के बच्चे कैसे है

स्कूल के बच्चे कैसे सीखेंगे बात 1998 की है , एक भील आदिवासी के इलाका मजरा ठोला में इ जी एस शाला में गुरूजी के पद पर मेरी नोकरी... Read more

आशा

आई धरा पर सूरज की लाल चमकती किरणे ,, पर्वत भी आगे सामने नतमस्तक हुआ ,, जैसे कि मन आशा का भोर हुआ । खिल खिले यह आशा के सुमन ,,... Read more

आंतकवादी

आंतकवाद पर कविता इंसान में इंसानियत का विवाद गैर कानूनी कार्य है आंकवाद । फल फूल रहे है चोरी ,बलात्कार, दंगे फसाद , अपहरण... Read more

आँशु

आँशु पर कविता अक्षु में कोई गम , जो छुपा कर हंमे हँसा रहा है । नयन में वो पानी ,जो चहरे पर पसीना बहा रहा है । मेहनत वो करे ... Read more

विश्वास

ह्रदय में जगे वो आस ,जिसकी हंमे है तलाश ,, ह्दय में अद्श्य रहते , जो हरि का निवास । हरि का निवास ,वो है सच्चा विश्वास । ... Read more

नारी

नारी पर कविता नारी त्याग की मूर्ति है दया ,ममता , प्रेम की सागर में डूबती है नारी सोलह श्रगांर का स्वाभिमान है घर गृ... Read more