Pratibha Smriti

Joined November 2018

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कोरोना

सिंधु घाटी सभ्यता जैसे, पतन कहीं फिर हो ना मानव का संहार कर रहा, चैनिज रोग कोरोना वर्षों से मैं कहती आयी , मेरी बात सुन... Read more

मैं तो मेरे जैसी हूँ

मैं तो मेरे जैसी हूँ ************** मैं जैसी थी वैसी हूँ । नकल नहीं करना औरों की मैं तो मेरे जैसी हूँ । थककर चकनाचूर हुई... Read more

पिता

माँ नैया , पतवार पिता हैं । जीवन का आधार पिता हैं । नहीं मुझे चिंता रोटी की , जब तक पालनहार पिता हैं । जिस माँ ने... Read more

मेरी माँ

शीर्षक :- मेरी माँ 🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹 बहुत सरल और भोली -भाली माँ की तो हर बात निराली । पापा जो कहते कर जाती , अपनी बुद्धि नही... Read more

मेरी माँ

बहुत सरल और भोली -भाली माँ की तो हर बात निराली पापा जो कहते कर जाती , अपनी बुद्धि नहीं लगाती । जोर से कोई बात करे तो ,... Read more