Dr.pratibha d/ sri vedprakash
D.o.b.8june 1977,aliganj,etah,u.p.
M.A.geo.Socio. Ph.d. geography.पिता से काव्य रूचि विरासत में प्राप्त हुई ,बाद में हिन्दी प्रेम संस्कृति से लगाव समाजिक विकृतियों आधुनिक अंधानुकरण ने साहित्य की और प्रेरित किया ।उस सर्वोच्च शक्ति जसे ईश्वर अल्लाह वाहेगुरु गॉड कहा गया है की कृपा से आध्यात्मिक शिक्षा के प्रशिक्षण केंद्र में प्राप्त ज्ञान सत्य और स्वयं को आपके समक्ष प्रस्तुत कर रही हूँ।

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ललकार

आर्यावर्त सप्त सैन्धव सिंहजीत भारत कहलाया है इसकी पावन माटी को माता कहकर बुलाया है चरण पखारे लहराता सागर, हिमालय ने मुकुट सजाया ह... Read more

शिक्षा की करुण पुकार

आयोजन। शिक्षा की पुकार दिनांक 8अप्रैल 2017 लघुकथा शिक्षा की करुण कथा कल रात शिक्षा एक शिक्षक को साथ लेकर मेरे पास ... Read more

तेरी मोहब्बत

तेरी वेखुदी ने मुझे न जाने कहाँ पहुँचाना है जान गया हूँ कि अब ये दिल वेगाना है बड़ रहा है ज्यों ज्यों दर्दे जिगर मेरा लग रहा इश... Read more

तुम्हें

तुम्हें देखकर आ गया हमको तो मुस्कुराना थामा है हाथ मेरा नहीं छोड़ राहैं जाना जब याद तेरी आये ऐ दिलबर मेरे खुदाया तू बन के समीर ... Read more

जल

जलदिवस आयोजन प्रथम प्रयास जल ईश्वर ने जब दृष्टि रची तो पंच तत्व विस्तार किया पृथ्वी के तिहाई हिस्से पर जल जीवन आधार दिया क... Read more

निरीह गौरया

आज सुबह प्रार्थना के बाद जब विश्राम के लिये चली तो पंखुरी की चीं ची ने मुझे आवाज़ दी आँख में आँसू थे मैंने पूछा क्या हुआ ? जो उसने ... Read more

दरश बिन

तुमसे बिछुड़े मोरे प्रभ जी भई छः मासी की रैन दरश बिन दूखन लागे नैन,दरश बिन दूखन लगे नैन जल बिन जैसे मीन अधीरा बिन सावन जैसे रो... Read more

बसंती पुरवइया

चली बसन्ती पुरवइया और बाग हुआ मतवाला नन्ही कपोलो से सज गया तरुवर का पत्ता डाला करे अलाप की कोयल तैयारी, छाने लगी नव हरियाली खिल... Read more

बेटियां ?

जीवन को जीवन बनाती बेटियां बेटो का जीवन सजाती है बेटियां इस सृष्टि को सतत बनाती बेटियां फिर क्यों कोख में मारी जाती बेटियां घर... Read more

तलाश

हाज़िर हूँ अपनी छोटी सी कोशिश के साथ वक़्त वेवक्त चौक में दौड़ती थी जो शाम अब हर रोज वही मैं शाम तलाशती हूँ जो बस् गया मे... Read more

खिड़की

खिड़की भोर भई खिड़की मैं खोली बड़े हौले से खिड़की बोली कभी हृदय के पट को खोलो सत्य पुंज को कभी टटोलो बड़ा अंधेर फैल रहा ह... Read more

भू -घटा संवाद

वारिश का मौसम और वरसात आत्मा की पुकार परमात्मा से सुनिए धरा क्या कहती है घटा से एक आत्मीय संवाद भू घटा ... Read more

हर सीख बेटियों को--------

नहीं सीख बुरी कोई पर सब बेटियों के लिए क्यों है नहीं रीत बुरी कोई फिर बेटियों के लिए क्यों है विवेकपूर्ण परिधान हो है सही ये बात ... Read more

साक्षी और संधू हमे आप पर गर्व है

साक्षी संधू हमें तुम पर गर्व है छोटे छोटे गांव से,छोटे छोटे राज्य से नारी को पुकारती,जय हो भारत माँ भारती जयति जय माँ भारती जय... Read more

आओ स्वतंत्रता दिवस मनाएं

आओ स्वतंत्रता दिवस मनाएंआओ स्वतंत्रता दिवस मनाएं लालकिला पर तिरंगा फहराएं मातृ भूमि पर हो गए शहीद जो वीर सपूतों की गाथा को गायें ... Read more

पिय नहि समझे

पीर जिया की पिय नहीं समझे जग को दिखान से का होय जाहि आँख न समझे आँख की व्याधा नीर बहाये से का होय जाहि नदिया बन गई नैनन कोरें म... Read more

जय जवान जय किसान

राष्ट्र कहे सुन ओ जवान जय जवान जय किसान हैं हिम से शीतल सूर्य समान मातृभूमि के तुम अभिमान कर्मठता 'बा'और 'भावे' की ... Read more

याद करो कुर्बानी

[8/8, 6:09 PM] Dr Pratibha: आओ याद करें क़ुरबानी खोये हमने जो बलिदानी स्वप्न संजोया अखण्ड भारत ऐसे महापुरुष त्यागी ज्ञानी लड़े... Read more

छाती

छाती माँ की ममता से पूरित छाती प्रसव पीड़ के बाद छाती शिशु को स्तन पान करवाती ईश्वर की अनुपम दें है छाती मानव शक्ति भण्डार है... Read more

नग्नता को रोकना होगा

यदि संस्कृति बचाना चाहते हो यदि भारीतयता बचाना चाहते हो आध्यात्म को समझना होगा इस नग्नता को रोकना होगा समाज में सौहार्द चाहते ह... Read more

हुंकार

कई छिपे गद्दार कन्हैया से घर में कई ज़ाकिर कई मीर है कहीँ सत्ता लोलुप आँखों में लालच की दिखती लकीर है तक्षशिला को खो दिया कुछ जे.... Read more

एक सुबह

एक सुबह देखी मैंने खंजन तरुवर साख पे वो बैठी थी नैन बसी कोई अभिलाषा वो हृदय आस लिए बैठी थी आते जाते हर पंक्षी को वो विरल भांति ... Read more

वो वैश्या

मैंने एक वैश्या को देवी से ऊपर देखा एक पण्डित को उसके कदमो में गिरते देखा समझ न आया फिर भी लेकिन दृश्य ये देखा मैंने एक वैश्या को... Read more

घुटती सिसकियां

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वही आवाज़

SUPRABHAT मित्रों आज फिर से उसने आवाज लगाईं जो मुझे सुनाई मीरा सूर काली औ कबीरा सूफी सांत औ गाये फकीरा तू मेरा है मैं हूँ ... Read more

सबक

सबक रोज ज़िन्दगी देती है हमें मिलती नहीं दोस्ती कहती है हमे जो मित्र दोस्त हमराही कहते रहे आज नज़र भर न देख पाते है हमे अनजानी... Read more

मुक्ति

कर्म योग्यता और संस्कार सबसे ऊपर मेरा प्यार निस्वार्थ प्रीत जो मन लाये मैं मेरा उसका मिट जाये चाहे कोई विकट हो मेरा भक्त मु... Read more

संगीत दिवस

सारा दिन हुई योग की चर्चा आओ अब गीत शारदे गा लें संगीत की बज उठे तरंगे उमंगो में सरगम सजा लें गीतिका वरखा सुनाए साज़ बूंदों क... Read more

झुलस

धरती के झुलसते आँचल को अम्बर ने आज भिगोया है झूम उठे वायु संग तरुवर बूंदों में शीत पिरोया है ये महज़ एक झांकी है सोचो हमने क्य... Read more

प्रेम

जीवन अधूरा प्रेम बिना भक्ति अधूरी प्रेम बिना है समर्पण अधुरा ही प्रेम बिना है हर भाव अधुरा प्रेम बिना ज्ञान अधुरा अध्यात्म अ... Read more

पापा

मुझे लगता नहीं पापा कि कोई दिन विशेष हो तुम्हें याद करने के लिए भी तुम तो रोज मेरे शीशे में मुझे पूछते हो और कैसी है कब घर आएगी ... Read more

मुक्ति

कर्म योग्यता और संस्कार सबसे ऊपर मेरा प्यार निस्वार्थ प्रीत जो मन लाये मैं मेरा उसका मिट जाये चाहे कोई विकट हो मेरा भक्त मु... Read more

अफ़सोस

अफ़सोस जताने ये मन निकला क्यों ज्ञान में खोखलापन निकला हम करते रहे श्रेष्ठ सिद्ध स्वयं को मन से न अहम का घुन निकला परिवार बिना म... Read more

मिथक

कल्पना में मत उलझ है मिथक सारा जगत सत्य से रु-ब-रु हो जन्म से आरम्भ जो हो इससे परे मैं हूँ सदा अदृश्य जो सदृश्य भी हो तू ब... Read more

साथ

जिनके साथ चले हम घर से वे तो दूर बड़े रे निकले सोचा चोट अब स्वस्थ हो गई देखा घाव घनेरे निकले जिनको समझ रौशन सूरज वो घोर अँधेरे ... Read more

हमें

सबक रोज ज़िन्दगी देती है हमें मिलती नहीं दोस्ती कहती है हमे जो मित्र दोस्त हमराही कहते रहे आज नज़र भर न देख पाते है हमे अनजानी... Read more

तुम

तुम प्रेम के मीठे अहसास में भक्ति के तुम दुरूह मार्ग में नहीं प्रयास प् सकता तुमको तुम समर्पण के सरल भाव में कर्मयोगी परमहंस य... Read more

नमन

मन्द पवन कहे मतवारी गाये यही कोयलिया कारी प्रातःनमन सर्वोच्च शक्ति को जिसने महकाई सृष्टि सारी 29 जुलाई2016 Read more

दर्द

मालूम है उसे कहाँ होता है वो ज़ालिम वहीँ पर चोट देता है बनके समझदार हमेशा ही करीने से मेरा दिल तोड़ देता है हंसकर फिर मुझसे वो... Read more

भक्ति भाव

कुछ भी कर सकते हो तुम सर्वश्रेष्ठ सर्व समर्थ हो तुम शब्दों के मोती बन जाते भक्ति भाव जग देते तुम अदृश्य रहो कण कण में दिखते ... Read more

पतन

हमारा आध्यात्म कमजोर हुआ हमारी संस्कृति अपंग होने लगी फिर सभ्यता खोने लगी नारी तब रोने लगी। पतन फिर होने लगा मार्ग पथभ्रष्ट ... Read more

हरियाला सावन

हरा भरा हरियाला सावन मन भाये मतवारा साजन प्यासी प्रीत धरा की जागी उर को वुझावे आ नीलगगन महक उठी अब डाली डाली गाए मल्हार कोयलि... Read more

स्टेशन मास्टर

कल एक संस्मरण पड़ रही थी यही फेसबुक पर जो रेलवे से सम्बंधित था ध्यान हूँ आरहा कि किसका था पर मेरे मन को छूट चला गया और 3जुलाई2014की ... Read more

मानव मन

मैली चादर मानव का मन चातुर्य कला में निपुण है आदम ज्ञान की बातें गीता दर्शन कर्म का चन्दन पर औरों का मन संस्कार की पोथी पण्ड... Read more