अध्यापक(विज्ञान ) मध्यप्रदेश

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उसे पाने की खातिर....

उसे पाने की ख़ातिर क्या कुछ नहीं किया मैंने दिन को उसे देखते रहे रातों को सोचा मैंने निगाहें बस देखते रहना चाहती थी सिर्फ उन्हें उ... Read more

कुछ सोच रहा हूँ मैं.....

कुछ सोच रहा हूँ मैं पर क्या सोच रहा हूँ मैं? सही सोच रहा हूँ...या गलत पर कुछ सोच रहा हूँ मैं.... सोचने के बाद क्या, जो सोचा है व... Read more

बेटी का हक़

 बेटी का हक़     कवियों ने बेटी पर कईं कविताएं लिखी    किसी ने बेटी की महिमा किसी ने व्यथा लिखी   मैंने सोचा क्या कविता लिखने ... Read more

बस तेरी अब याद है.....

बस तेरी अब याद है... तर्ज़:-(चुपके-2 रात दिन) (1) प्रियतम प्यारे मोहना बस तेरी अब याद है.. वो तेरा अक्रूर संग मथुरा को जाना... Read more