pran sharma

Joined July 2016

I am a poet and story writer . I have rnbeen living in Britain since 1965 . My rnworks Is published almost in every Hindi magazines.So far my three literary books are published . They are – Surahi , Ghazal kahta Hun and Paraya Desh .

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ग़ज़ल

ग़ज़ल - प्राण शर्मा ------------- रो रही है तक के अपनी बेबसी को किनकी नज़रें लग गयी हैं सादगी को + दुख न हो उसको ये मुमक... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल - प्राण शर्मा ------------- बीवी का कभी हाथ बंटाना नहीं आता हर मर्द को घर बार चलाना नहीं आता + करते जतन उनको मिटा... Read more