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गृहणी

आहिस्ता आहिस्ता वक्त ने दस्तक दी ज़िन्दगी का मोड़ ही अचानक बदल गया। अभी पहली सुबह चाय का प्याला, मधुर संगीत, मेर... Read more

तुम तक

मेरा अक्स तुम से, मेरा साया तुम से, हर राह चले, हर मोड़ चले बस इक ओर, तुम्हारी ओर ना अब कोई ख्वाहिस ना कोई जुस्तजू बस इक इ... Read more

मेरी बेटी

सिमट गई दुनिया मेरी एक नन्ही सी कली में, सो गए अरमान मेरे उसकी मधुर हँसी में, वो बन गई मंज़िल और राह भी मेरी ज़िंदगी की, अक्स उसक... Read more