देह शब्द है भाव आत्मा
यही समुच्चय मेरा परिचय

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मुस्कुरा के जियो

डर के नहीं मुस्कुरा के जियो प्यार को दिल में समों के जियो हाथ थाम के कुछ बातें कहो अपना किसी को बना के जियो धीरे-धीरे जिंदगी गु... Read more

वो तेरी एक भूल

सुबह उगते हुए सूरज से मैंने पूछा यहां जो उग रहा है तू कहीं तो ढल रहा होगा किसी की नींद आखों से चुराने तू यहां आया कोई तो तेरे ना... Read more

कैसे सारे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा है?

जिस देश का कानून खड़ा है जैसे हो अंधा और पुलिस थानो में हो जैसे पंडो का धंधा मुठभेड़ो के नाम पर हत्या होती है निर्दोषों की चौरा... Read more

सत्य

सत्य की खोज में निकल आया था सागर के पार जाने कितने पथ और मेरे पाँव उन पर मिले झरनो की अविरल धार मेरी चेतना में सिमटी हुई असंख्य... Read more