Prabhleen Kaur Gill

Punjab

Joined November 2018

I like poetry

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माँ जैसा ना फरिसता कोई

सबसे सुंदर सबसे प्यारी मेरी माँ, हर श्रय से लगती न्यारी मेरी माँ I माँ है यारों असल रुप भगवान का, इस जैसी न मिले कोई दुनियां मे... Read more

माँ जैसा ना फरिसता कोई

सबसे सुंदर सबसे प्यारी मेरी माँ, हर श्रय से लगती नियारी मेरी माँ I माँ है यारों असल रुप भगवान का, इस जैसी न मिले कोई दुनि... Read more