Abhishek prabal

Allahabad

Joined September 2018

Prabal Abhi

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संगिनी भाग 1

हो शांत दीप के ज्वालो सी हो गुल गुलजार ख्यालो सी, हो तुष्टि स्नेह निवालो सी ऐसे कुछ ऊंचे ख्वाब नहीं, हो हँसी चमकता चेहरा गल... Read more

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जो बंया नही करते एहसास उनमे भी होते हैँ अल्फाज़ जाया नही करते पर जज़्बात उनमे भी होते हैं मोहब्बत की निगाह से देखो जनाब इश्क़... Read more

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कोई तो हो.. जो समझ सके हमको हम समझ सके उनको न और समझ हमको न और समझ उनको न जग का गम हमको न जग का गम उनको Read more

* 🇮🇳आजाद भारत 🇮🇳 *

चित्त -मन अधीन हैं पर आज हम स्वाधीन हैं जनमत में षड़यंत्र है पर देश लोकतंत्र है पर कैसे ? रोजगार की होड़ से ! या... Read more

*मानुस-मन*

मानस वन की उक्ति 'प्रबल' नर वहीं पर नजरिया बदल, कुछ दिन, कुछ छड़ या कुछ पल नर वही पर नजरिया बदल, अपने हित पर निति सबल पर गै... Read more

* दोस्ती *

मैं पाखी आकाश का तू पाखी की डोर, मैं प्यासा चातक प्रेम का तू स्वाति घनघोर, मैं तारक तम भोर का तू विद् -प्रकाश की कोर, मै स... Read more

दिल और धड़कन

आज दिल की 'प्रबल'तरंगे उठ रही तूफान सी, आज उन रिश्तों के ऊपर हरकते अनजान सी दिल की धड़कन भी पिरोती गुत्थियां श्मशान सी आज ... Read more