Naresh Pal

Barielly

Joined December 2017

एक छोटी कलम ।
मैं वर्तमान में प्रवक्ता भूगोल के पद पर कार्यरत हूँ ।कविता,गजल,एवं कहानी आदि के लेखन में रूचि है । मेरी शैक्षिक विरासत एम्0 ए0 (भूगोल,अर्थशास्त्र ) एल0टी0में है ।
मेरा जन्म स्थान बदायूं जिले की तहसील बिसौली में एक छोटे गाँव सरौरी में है ।मेरी बचपन की पारिवारिक स्थति कमजोर रही है ।
मेहनत करना पूर्व शौक रहा है ।गरीबी, कमजोरी ,सामाजिक ,व् आर्थिक समस्याएं बहुत ही समीप से देखी हैं ।लेखन कार्य में रूचि रही है ।समाज के मजबूर लोग, उनकी समस्याएं आदि के प्रति दुःख,उनकी संवेदनाएं मजबूर करतीं हैं।जिन्होंने मुझे लिखने को मजबूर कर दिया है । उनका जीवन सुखमय हो।

Books:
अभी नहीं

Awards:
No

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वो बीते हुए पल

वो बीते हुए पल हमें अब् याद आते हैं गाँव के। वो बचपन के दिन हमें याद आते हैं गाँव के।। आँगन में नीव का पेड़ था एक बड़ा हड़ा भरा ... Read more

तपा रहे हो

तपा रहे हो इसे जानते हैं कि अटूट होता है। दिखा रहे हो इसे मग़र पानी में बुझने के बाद ही मजबूत होता है।। किन्तु अब छुपा के रख... Read more

गरीबी है उसके घर में

गऱीबी है उसके घर में ,कौन सा खजाना है। लूट लिया उसे भी दिन में ,वो अनजाना है।। कल झोपडी थी अपनी,जिशम से भी प्यारी जला गया कोई अ... Read more

तेरे सवालों का जबाब

तेरे सवालों का जवाव मुशिक्ल हुआ मुझे। कोशिश ए लगा हूँ ,मत देना वरदुआ मुझे।। दविश बोझों की साकिया,मुझपे वेशुमार है होके टशन में... Read more

खुली रखी है

हमारी किताब ऐं जिंदगी की जन्म से खुली रखी हैं। जितना हमें दिया है, हमने वो सब जोड़ बनाके रखी हैं।। हमारे दिल में नहीं है कि ढेरों... Read more

जंतर लिए

बैठे हैं उधर वो हाथ में जंतर लिए। आ रहे हैं इधर वो फिर हाथ में मन्तर लिए।। अग़र की जलती प्यालियाँ हैं भीतर रखी सजी बाहर हैं भिखा... Read more

अकेले में

वो यादें आती हैं जब बैठे हो अकेले में । जैसे तड़पता है कोई घुसे जब कबेले में।। कहां डालें हम कल की उन परछाइयों को खिर रही हैं वो... Read more

तहजीब निकला

विसवास के अंधेरों से मजबूर होके तहजीब निकला। हम सिर सहलाते रहे मनु का ,दोश्त मजीद निकला।। सीख कहाँ मानी शहद समझ के पीते रहे नासम... Read more

क्या जानूँ कुदरत क्या है

आदमी के वश में रहके में क्या जानूँ कुदरत क्या है। आँखें देखता हूँ शाम तक, क्या जानूँ मैं इशरत क्या है। दिन निकलते ही चौराहे पे ह... Read more

नसीहत कुछ भी नहीं

भले आदमी के मुहं पे थुक जाए,नसीहत कुछ भी नहीं। नँगा ग़लीयों में नाचे कूदे,मग़र,फजीहत कुछ भी नहीं।। अजीब चलन है जमाने का शर्म वाकी ... Read more

*बताना क्या है*

हमें कितनी मोहब्बत है तुमसे,बताना क्या है। गीत रह जाएंगे गुंन गुनाने के लिए,जताना है।। हमारे बुजुर्गों के हौशले नहीं पढ़े तुमने अ... Read more

हथकरियां बहुत चाहिए ।

जरूरत पड़ रही है यकायक हथकरियां बहुत चाहिए।। बीमारों के दिमाग़ में गन्दगी सड़ी मखरियाँ बहुत चाहिए।। चाट लेंगी लिपट के बदबू भरी कुछ ... Read more

*सरहद के पार कर दो*

हटा दो दुश्मनों को दूर उन्है सरहद के पार कर दो । ये दिखें ना काफ़िर इधर मामला आर पार कर दो ।। बक़्त आ गया है पिला दो जूनून को अकूत... Read more

*मोहब्बत का दस्तूर ऐसा *

मुद्दतों से चला आ रहा है ,मोहब्बत का दस्तूर ऐसा। है आया क्यों दिल में आज,ये गमगीन फितूर ऐसा।। सारा जहां हमारा है यह कहना लाजिमी ... Read more

*उस पार हमें *

अपनी किश्ती को ले जाने दो तुम ,उस पार हमें। आ गया है गुजर के जाना,अपनी रफ़्तार पे हमें।। जिकर उन फितरतों का किया है बार बार तुमसे... Read more

*तुम्हारे सवालों में*

उलझ के रह गयी जिंदगी अपनी तुम्हारे सवालों में। यार सब तरफ बो सी रखीं हैं फसादें,हमारे खयालों में।। दिखाया है कोई करिश्मा अब तक,ढ... Read more

*दांव आजमाने लगी हैं*

दाँव आजमाने लगी हैं सियासतें,गाँव में नगर में। कब तक चुप रहके बैठेंगे अब, कौओं के शहर में।। मिठास दिखती थी हलक में तव ,पहरुओं के... Read more

*मन चाहे जो करिए*

कुछ नहीं होता है यहां ,मन चाहे जो करिए । जहां आदमी मालिक हो, कतई मत डरिये ।। यहां पे जिंदगी खराब है, तो बस वेसबूर की ग़लीयों से ... Read more

*रिझाया तो बहुत*

रिझाया तो बहुत मग़र ,नहीं पयामों के पाबन्द निकले। बाँहें उठा के दिखाया तो बहुत ,मग़र नहीं पसन्द निकले।। मेरी फुंगाँ को कभी सुना तु... Read more

*करिए कुछ करिए*

करिए करिए मुलाज़िम,जमुरियत के लिए कुछ तो करिए। मौक़ा दो संवरने का सरकार, और खुद भी सुधरिये ।। तुम तखत पे आसीन हुए तो कुछ जिम्मेदार... Read more

*धरम भी कहें हम *

पलने लगे इंसानियत जिगर में,तो इसे धर्म भी कहें हम। निकल जाए आँखों से नफरत,तो आई शरम भी कहें हम। खंडहर को नज़ाकत दिखाने से ,क्या फ... Read more

*रोष दिखाने का *

तुम्हारी तरह बक़्त कहाँ है, हमें रोष दिखाने का । करते रहो बदतमीजी भर ,हमें खौप से डराने का।। हम जुट जाते हैं काम पे ,तो सर करके छ... Read more

*इंद्रधनुष के समय *

मन प्रफुल्लित हो छोटी बूंदें, बैठीं -आकर -इंद्रधनुष -पर । तन बेध रहीं रवि की किरणें बन प्रत्यंचा के प्रखर शर ।। कुछ लटकी भटकी ... Read more

*प्राप्त तुम्हे यह अधिकार *

Naresh Pal गीत Jan 18, 2018
निर्ममता के निर्मम बन्दों ,प्राप्त तुम्हें यह अधिकार। अपनी थपकी गोद सुलाते , औरों को देते दुत्कार ।। अपनी खुशियां अप में बांटे, मे... Read more

*बदला बदला *

बदला बदला सा दिखता है मौसम आजकल। हुआ उतारू धोखा देना ,मौसम---- आजकल। बरसाती मांसों के बादल ,हुए ----ठंड से पीले । लगे वरसने तार... Read more

*फिर भी है समझाना *

माना तू ग्यानी है मानव ,फिर भी है समझाना । अभी चेत जा समय शेष है ,फिर होगा पछतांना। बच कर कहाँ जाएगा प्यारे, मौत डाल गयी डेरा । ... Read more

*चुप बैठें *

तुम बहरे हो तो क्या ? हम सुनके भी चुप बैठें । वेदम समझते हो तो क्या ,हम पिटके झुक बैठें।। हमारा सलाद बनाने की जोखिम मत लो मिंया... Read more

*तुमने पढ़ा नहीं*

दिल ए अखबार पे छ्पा है क्या ? तुमने पढ़ा नहीं । मेरी कशिश को क्यों ?अपनी दिले परत में गढा नहीं।। हरेक वरक़ पे मेरी ,अनगिनत लकीरें... Read more

*काले *

Naresh Pal गीत Jan 17, 2018
तन के काले मन के काले । एंडी से चोटी तक काले।। फिर भी कहते 'पुरषोत्तम,। कहो नीच हो,याकि उत्तम । हंस नहीं बन सकते अप्रिये, चाहे ... Read more

*नेक है जो आज भी *

नेक है जो आज भी, वो ख़ाक छानता है । तरेरता है आँख जो , वो पाग छानता है ।। हैं सत्यता की रेखियां , विसवास कीजिये वे ना जाने आपको , ... Read more

*जिंदगी से प्यारा है*

Naresh Pal गीत Jan 17, 2018
गुरु का भजन करना ,हमें जिंदगी से प्यारा है। भूल कैसे जाऊं जिसने,ये जीवन सँवारा है ।। बालक में अबोध था ,जब धरती पे आया । रहना है क... Read more

*बोटी बोटी ले जा रे*

किंचित भी ना मुझे छोड़ना, बोटी बोटी ले जा रे । मेरी क्या है ?मैं तुच्छ तुम्हें,शब्द और थुक जा रे ।। ढक लूंगा चीथड़ों से शर्म, ले लू... Read more

*हैं अपनी आशाएं*

अपने हाथों और क्या है ?हैं अपनी आशाएं । होंगी या ना होंगी पूरी, वस बैठे हम पछताएं।। सहम रहे हैं सभी रास्ते ,गलियाँ डरीं हुयी हैं... Read more

*उड़ना संभल संभल के*

उड़ना संभल संभल के पंछी,उड़ना संभल संभल के। अपलक दृष्टि डाल दूर तक,तव कदम उठाना तल के।। जाना है जिस ओर दिशा में ,तुम उस पर दृष्टि ... Read more

*काम पर जाए *

वेचारा रोज वह, मेहनत के काम पर जाए । मस्त होके करता है शाम तक,मन लगाये।। डाँटता है वो भरी दुपहरी में,आके बीच में वजन थोड़ा उठाता... Read more

*शान्ति मिलती रहे*

जहां भी हो वो आत्मा,वस शान्ति मिलती रहे। जन्नत में उनकी हमेशा,वो कान्ति खिलती रहे।। मैं अकिंचन हूँ ,खुश रहें वो अपनी ठौर पे वहां... Read more

*मछलने लगे*

वो तोड़ने को चाँद हैं,हंसके मन्छलने लगे । जब से दादी की गोद में हैं, सम्भलने लगे ।। हौशला देखके मासूम का आँखें हंसती हैं दूध के ... Read more

*हाथ से निकल जाएगा*

ये बक़्त है , फिर हाथ से निकल जाएगा । पता नहीं ये चाँद फिर, कहाँ ढल जाएगा।। ले लो ना उजाला अभी तुम , इसी हाल में पता नहीं ये , फ... Read more

*अंधता कब दूर होगी*

चाहता हूँ मैं पूंछना ,यह अंधता कब दूर होगी। छलती रही इस तरह तो,कब यह मजबूर होगी।। थमा गया कौन उनको, भेद क्यों खुलता नहीं है शाप... Read more

*उदास आये *

पत्थर उठाके फेंके ,लौटे तो उदास आये । सियासत के प्यारे को ,उन्माद रास आये ।। जब भी पूंछो तो यार ,मजबूरी ही बतावे है तिजारत का त... Read more

*बोला नहीं करते*

समझदार कभी ज्यादा, बोला नहीं करते । तिजारत बाले कभी ,वाट तोला नहीं करते।। तोते बोलते हैं ,रटाई गई तहजीब हमेंशा तकदीर बेचने वाले... Read more

*नहीं बता पा रहे हैं हम *

अपना दर्द किसी को नहीं बता पा रहे हैं हम। यों ही सहने का हुँनर नहीं बता पा रहे हैं हम ।। कभी बारहबी में हुआ था दर्द ठूंठ का पाँव... Read more

*बेटियों के बाप*

बेटियों के बाप हैं तो क्या प्राणों की सांस उनमें बसती हैं।। पाके गोद हंसती है वो जैसे आंगन में किरण हंसती है।। हमें कितना वेशु... Read more

*मिलने वाला नहीं है *

उनकी फ़रियाद में कुछ ,मिलने वाला नहीं है । जाना वेजान पत्थर वो पिघलने वाला नहीं है ।। हमें याद है अगरबत्तियां जलाने का शौक वो धु... Read more

*एकांत नहीं मिलता*

एक पल अमन हो , वो एकांत नहीं मिलता। हर कोई वजह में उलझा शांत नहीं मिलता।। याद है मुझे बहुत पहले की,वो सुबह आ जाते थे अब् इस दुन... Read more

*गमों का खजाना*

विरासत में मिला है ,गमों का खजाना। मुझे रास आ गया है , इनको निभाना ।। आ और आ मजबूर हो जाए तो कहना बड़ा मजबूत है यार , तेरा बस्त... Read more

* कंगूरे पे बैठे हैं*

कंगूरे पे बैठे हैं यह देखिए करिश्मा हम रास्ते के फलक में खड़े,यह है नसीव अपना।। हमें डर है कि रुखसत ही सलामत रहे तुम समेंट लो मु... Read more

*शांत लहरों को मत छेड़ो*

शांत लहरों को मत छेड़ो,आँखें लाल हो जाएंगी। ग़र तासीर गरम हो उठी,तो फिर काल हो जाएंगी।। बो बात अलग है कि हमें आग उगलना नहीं आता आ... Read more

*अब् तो घूम लिया है *

अब् तो घूम लिया है तुमने, पूरा यह संसार। बन्द करो अब् नयना नर्तन,पथ के यायावार।। दो छोड़ लकीरें महा घिनौनी दूर हटा दो खंजर फेंको ।... Read more

* समय *

दौड़ रहा है पकड़ो इसको,कदापि व्यर्थ मत जाने दो। खाली मस्तक के मंदिर में,एक नई किरण तो आने दो।। जीवन में कब हो जाए उजाला, भला पता रह... Read more