पियुष राज 'पारस'

दुमका ,झारखंड

Joined January 2017

नाम-पियुष राज ‘पारस’
उम्र-18 साल
पता-ग्रा- दुधानी
जिला+पो+थाना-दुमका ,राज्य-झारखण्ड ।
पिन कोड -814101
अध्यनरत- बी.आई.टी सिंदरी ,धनबाद ।
शाखा-सिविल इंजीनियरिंग (सेकेंड ईयर)
संपर्क -9771692835

Books:
मुसाफिर (साझा काव्य संग्रह()
बेटियाँ ( साझा काव्य संग्रह)

Awards:
सारस्वत सम्मान ,बेस्ट स्टूडेंट अवार्ड,काव्य सागर सम्मान,काव्य विभूषण सम्मान,साहित्य के दमकते दीप साहित्यकार सम्मान,हिंदी साहित्य सेवा सम्मान

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कट गया चालान (हास्य व्यंग्य)

_(एक गरीब किसान का लड़का 2nd हैंड बाइक खरीदता है और उसी दिन उसका चालान कट जाता है,पूरा पढ़िए ये हास्य कविता )_ कट गया चालान.... ... Read more

होली से पहले पापा क्यों घर आए है...?

*पुलवामा हमले के बाद लिखी मेरी नई कविता* _"एक सात साल का बच्चा अपनी माँ से पूछता है जब उसके पापा होली से पहले तिरंगे में लिपटकर घ... Read more

मेरी माँ

मेरी माँ तेरी ममता की आँचल में ना जाने कब मैं बड़ा हुआ तेरी अंगुली थाम कर ना जाने कब मैं खड़ा हुआ मेरी हर गलतियों को करके माफ... Read more

हां ,हम झारखंडी है.....(कवि पियुष राज 'पारस')

_"वैसे तो हम सब हिंदुस्तानी है ,पर ये कविता इसलिए लिखा हूँ क्योंकि जब झारखंड के लोग दूसरे राज्य जाते है तो वहां उनका वेश-भूसा ओर बोल... Read more

आज का समाज .....(पियुष राज 'पारस')

मेरी नई कविता *आज के समाज में जो हो रहा है उसी को बयां करने की कोशिश ...* उम्र लग जाती है शोहरत कमाने में वक़्त लगता नही इज्जत... Read more

अभी पूरा आसमान बाकी है...

अभी पूरा आसमान बाकी है असफलताओ से डरो नही निराश मन को करो नही बस करते जाओ मेहनत क्योकि तेरी पहचान बाकी है हौसले की उड़ान मत ... Read more

संस्मरण-"प्यारा डोलू"

"प्यारा डोलू" जब से मैंने होश संभाला है,तब से मैं अपने घर में गाय, कबूतर,तोता,कुत्ता आदि जानवरों कॉ घर के सदस्य की तरह देखा है। म... Read more

ग़ज़ल-ये तुम क्यों भूल गए

ग़ज़ल-ये तुम क्यों भूल गए मैंने तुम से प्यार किया था.....ये तुम क्यों भूल गए तुमको सब कुछ मान लिया था ये तुम क्यों भूल गए सुबह ... Read more

माँ के चरणों में चारों धाम.....

माँ के चरणों में चारो धाम.... ईश्वर को कहाँ ढूंढे रे बंदे ईश्वर ही माँ का दूजा नाम वो ही कृष्ण है वो ही राम माँ के चरणों में च... Read more

सचिन चालीसा...(पियुष राज)

आज 24 अप्रैल सचिन तेंदुलकर के जन्मदिन पर विशेष "सचिन चालीसा" जय-जय सचिन उजागर जय असंख्य रनो के सागर जोर-जोर से शाॅट लगाते सार... Read more

कुछ पल मेरे साथ बिताओ तो कभी..(पियुष राज)

विधा-ग़ज़ल काफिया-ओ रदीफ़-तो कभी ************************* चाहती हो मुझे अगर बताओ तो कभी देख कर मुझको मुस्कुराओ तो कभी यूँ ना त... Read more

होली के रंग मोदी के संग....

होली के रंग मोदी के संग... कही उड़े रंग तो कही उड़े गुलाल यूपी में साईकिल का हो गया बुरा हाल साईकिल में बैठकर राहुल ने लगा दी ... Read more

आई रे होली...

आई रे होली ... देखो रे देखो आई रे होली रंगों में डूबी है यारों की टोली लगा रहे सब एक-दूजे को रंग भाभी भी खेल रहीं है भैया के स... Read more

मुझसे भी कोई प्यार करे ....

मुझसे भी कोई प्यार करें... एक अरमान हैं दिल में मुझसे भी कोई प्यारी-प्यारी बात करें दे हमेशा साथ मेरा मुझसे भी कोई प्यार करे... Read more

परीक्षा का मौसम....(पियुष राज)

परीक्षा का मौसम... सर्दी अच्छी है,गर्मी अच्छी है बरसात में नहीँ है कोई गम सबका सर है चकराने लगता जब आता है परीक्षा का मौसम ... Read more

वो रास्ता.....(पियुष राज)

वो रास्ता... जिस रास्ते से गुजरती थी वो वो रास्ता मुझे उसकी याद दिलाता है जब भी गुजरता हूं उस रास्ते से तो उसका चेहरा मेरी आँख... Read more

मेरे हर दर्द की,तू ही एक दवा है..(भाग-1)

मेरे हर दर्द की,तू ही एक दवा है..(भाग-1) चाहे क्यों ना दे ये दुनिया कितने भी जख्म मुझे मुझसे जुदा नहीँ कर सकता कोई भी तुझे य... Read more

हमारा प्यारा हिंदुस्तान -(पियुष राज)

हमारा प्यारा हिंदुस्तान सबसे अलग है जिसकी पहचान जिस पर है हम सब को अभिमान जिसकी है हम सब संतान वह है हमारा हिंदुस्तान हिन्द... Read more

अनमोल है बेटियां...(कवि-पियुष राज)

अनमोल है बेटियां अगर बेटे हीरा है तो हीरे की खान है बेटियां अपने घर-गांव-देश की पहचान है बेटियां अगर बेटे सूरज है तो गंगा की... Read more