Puran Bhandari

देहली

Joined November 2018

संछिप्त परिचय

मेरा जन्म वर्ष १९५९ में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भंडारी परिवार में हुआ और
माता पिता ने नाम दिया पूरन चंद।
विज्ञान विषय से इन्टरमीडिएट की शिक्षा प्राप्ति के बाद देश की राजधानी दिल्ली आ गया | यहां दिल्ली विश्वविद्यालय से वाणिज्य विषय में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की |

हिन्दी, पंजाबी एवं अंग्रेजी भाषाओं को सरलता से लिख, पढ़ व बोल सकता हूं ।गुजराती भी पड़ लिख लेता हूँ। मैं अपने माँ बाप का सदैव ऋणी रहूंगा । जिन्होने मुझे इतनी खूबसूरत दुनियां दिखायी | मेरे लिए वो सर्वोपरि हैं क्यों कि उन्होंने सामाजिक नीति और इन्सानियत का पाठ पढ़ाया और मैं समझ सका कि मेरा धर्म इंसानियत है |

मेरा एक प्यारा सा दोस्त है जो कठिन समय मै सदैव मेरी मदद करता है | मेरे लिए वो एक प्रेरक है |

३३ वर्षों तक मैं सरकारी सेवा में रहकर होम मिनिस्टरी एवं वाणिज्य मंत्रालम के विभिन्न विभागों में कार्यरत रहा और दिसम्बर २०१४ में स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति ले ली ।

में तो केवल अपने जीवन के आस पास होने वाले अनुभव व छोटी बड़ी सामाजिक घटनाओं को बस शब्दों में उड़ेलने कि कोशिश करता रहता हूं । अतयव मेरी सभी रचनायें मौलिक जीवन के अनुभव व सामाजिक विषयों पर आधारित रहती हैं |

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घाव

घाव रह सकते थे तुम मेरी ज़िन्दगी मे फूलो की तरह क्यों बिखेर दिये कांटे राहो मे मेरी तो उम्र गुजरी है कांटो... Read more

नोटबंदी की बरसी

नोटबंदी की बरसी कौन कहता है नाकाम हुई नोटबंदी इसने तो सफलता के नये आयाम छू लिये नोटबंदी ने जनता को उसकी हद ब... Read more

कन्या भ्रूण हत्या

कन्या भ्रूण हत्या धरती पर फैली हैं हरियाली, क्यो इसको नजर लगाते हो | बेटी होती है धरा समान, क्यो इसको कोख मे मरवाते हो र... Read more

माँ

माँ शुक्र है खुदा का माँ मिली मिलती ना माँ तो दुनियां में आता कैसे इतनी खूबसूरत दुनिया है लुत्फ इसका उठाता कैसे साथ नह... Read more

माँ

माँ धरती माँ से प्यार है मुझे, उसकी कोख का मान करूँगा | जिस माँ ने जन्म दिया, उसका मै सम्मान करूँगा ।।... Read more