Suneel Pushkarna

Mumbai

Joined July 2016

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वो तुम हो

चाँद सी मोहक अदाएं हैं जिसकी... वो तुम हो पवित्र चन्दन सा आकर्षण कुमकुम सी कोमलता है जिसकी... वो तुम हो दीप सी दमकती आँखे है... Read more

रात

आँखों में गुजरी फिर भी बहुत छोटी थी कल रात मेरा चाँद मेरी बाँहों में पिघल रहा था सुलगते बदन में कैसे कोई कैसे रह सकता... Read more

आओ थोडा प्यार कर लें

आओ थोडा प्यार कर लें चूम लें तुम्हे आंसुओं से धुली आँखों की पाक नज़रों में बसी उदासी को विरह में जलते ह्रदय से उठती भाप ... Read more

मेरी कोई जायदाद नहीं

मेरी कोई जायदाद नहीं एक दिन मैं तन्हा बैठा था अपने मकान में, चिड़िया बना रही थी घोंसला रोशनदान में. पल भर में ... Read more

बाल दिवस"

सभी बालक-बालिकाओं को "बाल दिवस" की अनंत शुभकामनाएं... 14 नवम्बर "बाल दिवस" छोटा सा जीवन है बच्चों बनाना तुम भी बड़े महान ... Read more

"नश्वर जगत"

"नश्वर जगत" देह वस्त्र है, सांसारिकता सर्वत्र दृष्टिगत है विलीन हो जाना है इसे यही सत्य है... तथापि मिथ्या, प्रपंच, आडम्ब... Read more

ऐसा जीवन

क्लेष,ईर्ष्या,द्वेष,क्रोध रुपी अनल का प्रभंजन यज्ञ की आहुति,उपासना एवं हवन शुद्ध,सुरभित जीवन,निर्मल मन जैसे अग्नि से तप्त हो स्... Read more

भगवान

"भगवान" भूमि गगन वायु अग्नि नीर इन पांच तत्तवों से मिलकर बनता है "भगवान" अर्थात हम सब "भगवान" हैं... परन्तु अपने कर... Read more

ईश्वर

भूमि, अग्नि, वायु, गगन, नीर के सम्मिश्रण के साथ ईश्वर सृष्टि के कण-कण में है व्याप्त मनुष्य इन्हीं पंचतत्वों का है मिलाप...... Read more

व्यथित पर्यावरण

व्यथित पर्यावरण अंगार चण्ड निदाघ ताप धिक् मानव किया तूने प्रकृति का सत्यानाश भू-स्खलन,पर्वत स्खलन,मृदा अपर दन परितंत्र का... Read more

वैशाखी आयी

वैशाखी आयी शस्योत्सव हरित जड़ित नवान्न की झांकी आई हुई प्रकृति नन्दित तरु, विटप पर स्वर्ण क्रान्ति आई नव बालियों की मुक्ता से... Read more

प्रणय मुकुलन

प्रणय मुकुलन विरह के अश्रु बिंदु पर मिलन का इंद्रधनुषी रंग देखा है करुण -वियोग की ज्वाला में प्रणय का रुदन देखा है ... Read more

आशा

आशा आशा, संकल्प, श्रद्धा, ज्ञान का कर वरण तिमिर ने ओढा शुभ्र वितान आ रहा अब अलौकिक,दिव्य विहान संवेदना का किरीट,स्वर्णरश्मि... Read more

मंगलकारी नवरात्रि

चैत्र मास की वासन्तिक मंगलकारी नवरात्रि आदिशक्ति माता का पदार्पण ,करें हम आरती नैवेद्य, अक्षत, रोली, पुष्प-प्रसाद सह माता को असी... Read more

आह्वान

आह्वान संस्कृति की गात पर डार, द्रुभ, पात-पात पर आज पुनः हम आचार, नैतिकता, मानवता का आह्वान करें... द्वेष, भ्रष्टाचार, आड... Read more

भगवे की है उठी सुनामी

"भगवे की है उठी सुनामी , संग मे यूपी डोली है ," "सीएम अपना माँग रही ये , योगी योगी बोली है........" "गोरखपुर बड़भागी है जो , योगी ... Read more

महिला दिवस

"एक विवाह ऐसा भी"- की सभी महिला कलाकारों को महिला दिवस पर समर्पित------ सृष्टि रचयिता, भक्ति स्वरूपा, ममता की पावन सरिता ... Read more

महिला दिवस

वेदों में माता तुम, पुराणों की गाथा तुम नव स्वरूपों की अधिष्ठाता तुम... जननी, सुता, सहचरी, प्राण निहित है तुममे सृष्टि का कल्य... Read more

होली

होली ना शीत, ना ही पावस की जलधार... है ये इंद्रधनुषी फाल्गुनी बयार... इंदु गर्वित है नव यौवन से धरा-नभ प्रफुलित है सब रंग से ... Read more

होली

होली फाल्गुन के सतरंगी कलश का उपहार करो "देव राज मित्तल" से स्वीकार सर्वश्री आदरणीय "जसबीर" संग "दिग्विजय" मस्तक पर शोभित... Read more

होली

होली ना शीत, ना ही पावस की जलधार है ये आदरणीय "कलावती" की इंद्रधनुषी फाल्गुनी बयार... "संजना" गर्वित है नव यौवन से "अंतरा... Read more

नववर्ष

नववर्ष पर मेरे विचारों का यह अनुअंकन व्यतीत होते वर्ष को करे प्रणाम दीं जिसने हमें सुखद अनुभूतियाँ,सान्निध्य में जिसके विस्मृत हो... Read more

मोदी-गांधी

"मोदी" किस अधिकार से तू चरखे से फोटो जोड़ आया था...? "गांधी" बैरिस्टर बड़े घर का सभी कुछ छोड़ आया था... "मोदी" कभी कुर्ता तेरा ... Read more

नूतन वर्ष मांगलिक अभिनन्दन

नववर्ष पर मेरे विचारों का यह अनुअंकन व्यतीत होते वर्ष को करे प्रणाम दीं जिसने हमें सुखद अनुभूतियाँ,सान्निध्य में जिसके विस्मृत ह... Read more

प्रेम

"प्रेम" एक व्यापक एवं दिव्य शब्द है..असीम अनुराग में मनुष्य स्नेहासिक्त हो अपने प्रिय हेतु सर्वसमर्पित होता है... माता-पिता,भगिनी-... Read more

शुभ प्रभात हमारा

व्योम के उर से उदित कर अठखेलियां रवि अपनी रश्मि के साथ तुम्हे नव स्फूर्ति, नूतन ऊर्जा का दे संचार वो क्षण तुम्हे शुभ प्रभात हमार... Read more

सुविचार

1 बड़ी मंज़िलों के मुसाफ़िर छोटा दिल नहीं रखते...! 2 मैं धर्म में विशवास रखता हूँ... इसीलिए ईश्वर और शांति में विशवास रखता हूँ...... Read more

दूरियां

दूरियां दूरियां प्यार को कभी ख़त्म नहीं कर सकती....बल्कि बढ़ा देती हैं एक-दूसरे की महत्ता को.... कभी नदी किनारे नर्म ठंडी रेत पर... Read more

रिश्तों का फूल

रिश्तों का फूल मन में थी मिलने की इच्छा... तभी तो गणपति ने हमको मिलाया है... किसी से नहीं किया, सलाह मशवरा... फिर भी हमने रिश्... Read more

"मेरी यादें"

"मेरी यादें" मैं फिर से बैंक कॉलोनी के अंतिम मकान में जाना चाहता हूँ... कुछ कच्चे-कुछ पक्के अमरुद और अनार तोड़ना चाहता ह... Read more

उदास घर

दिल्ली पहुंचने पर  बंद पड़े दरवाज़े पर  नहीं कर रहा था कोई इन्तजार सूखे हुए कुछ पत्ते  और कबूतरों की बीठ  सीढि़यों को  ढाँपे ... Read more

मित्रता

सभी मित्रों को "मित्रता दिवस" की शुभकामनाएं--------- मित्रता एक अक्षर नहीं... शब्द नही...पंक्ति नहीं... गद्य नहीं...कोई पद्य ... Read more

अवध

ना रही है सुबह-ए-बनारस ना ही रही है शाम-ए-अवध ना ही नवाबों की नफ़ासत ना ही तहज़ीब और ना ही नज़ाकत... रौनक-ए-अवध चली गई ईमान... Read more

इश्क़

जब भी बैठता हूँ कुछ लिखने डूब जाता हूँ उनकी यादों के समंदर में मदहोश कर देती हैं उनकी यादें क्यूंकि.... इश्क़-ए-मौहब्बत की स्याह... Read more

सत्य" नहीं "अर्धसत्य"

ये "सत्य" नहीं "अर्धसत्य" है... बरसों से "कलम" भी बिकती है "कलमकार" भी बिकता है... तभी तो सरेबाज़ार "विद्या की किताबें" बिकत... Read more

मखमली बदन

अक्षर-दर-अक्षर शब्द-दर-शब्द जोड़कर बनाता हूँ कुछ पंक्तियाँ... कुछ गीत... कुछ कविताएँ... जिन्हे उतारना चाहता हूँ तुम्हारे म... Read more

मोदी-मोदी

दूध से सफ़ेद बाल दूध सी सफ़ेद दाढ़ी ढक देते हैं "मोदी" जी आपके आधे चेहरे को लगता हो जैसे बादलों ने ढांक रखा हो चांद को... ल... Read more

पूस की इस चांदनी रात

पूस की इस चांदनी रात तुम चलोगी कुछ दूर साथ? जवानी के जिस रस्ते पर मै चल रहा था वो मुझे सपने में ले जा रहा था मेरे पास साह... Read more

विलीन

हो जाता है "विलीन" धरा के कोख़ में एक बीज.... विशाल दरख़्त में परिवर्तन पाने के लिए धरा के साथ विद्रोह एवं क्रान्ति कर... धरा... Read more

दफ़न

अपने आप में ही दफ़न हुए जाते हैं फिर भी शिकायत है इस ज़माने को हम इसे समझ नहीं पाते हैं इसको समझने में अपने को समझाने में ये उ... Read more

समुद्र मंथन

यदि एक बार फिर से हो जाए... "समुद्र मंथन" तो नहीं होगी लड़ाई "अमृत" के लिए... अब तो लड़ाई होगी "विष" के लिए ... Read more

वक़्त

घड़ी की टिक-टिक करके बढ़ती सुइंयाँ कर जाती हैं इशारा... पल भर में देखना चाहते हो जितना... देख लो उतना... क्यूंकि अगला पल मैंने ... Read more

सफर

सफर में साथ चलने वाले सभी तो नहीं होते हमसफ़र सभी तो होते हैं नितान्त,अजनबी जिन से नहीं होता कुछ भी परिचय फिर भी सफर में ये ... Read more

अजनबी

अजनबी के साथ सफर में हम सफर बनना कितना अच्छा लगता है उस वक्त नहीं होती कहीं उम्र नहीं होता कोई बन्धन होता है तो बस साथ चलते ... Read more