पंकज भूषण पाठक प्रियम

गिरिडीह,झारखंड

Joined March 2018

कवि,लेखक व पत्रकार
(पत्रकारिता एवं जनसंचार,हिंदी तथा ग्रामीण विकास में स्नातकोत्तर) प्रसार भारती से वाणी प्रमाण पत्र।
गत दो दशक से लेखन और पत्रकारिता कार्य मे लगे हैं।राष्ट्रीय चैनल और पत्र पत्रिकाओं में कार्य का अनुभव। देशभर की पत्र-पत्रिकाओं में सैकड़ों रचनाएं प्रकाशित। क्षेत्रीय फीचर फिल्म और कई डॉक्यूमेंट्री व लघु फिल्मों का निर्माण। सम्प्रति झारखंड सरकार में संचार सलाहकार के रूप में कार्यरत और आकाशवाणी रांची संपादकीय पैनल में शामिल। सम्पादक- स्वच्छता प्रहरी।

Books:
1.प्रेमांजली
2.अंतर्नाद
3.लफ्ज़ समंदर
4.मेरी रचना
5.पीरियड्स:द रेड ब्लड स्टोरी(कहानी संग्रह)
6.मुझे छूना है आसमां
7.नारी-एक आवाज़
8.तेवर(जल्द प्रकाशित)

Awards:
साहित्य सेवी सम्मान(अ.भा.हिंदी साहित्य सम्मेलन 2003)
हिन्द गौरव सम्मान(संगम साहित्य संस्थान,2018)
साहित्य भूषण सम्मान(काव्य रंगोली,2018)

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चुनावी जाल

चुनावी जाल सियासी खेल के हर शख्स का राज़ मैं लिख दूँ बदलते देश के हालात पर अल्फ़ाज़ मैं लिख दूँ। कभी आया नहीं बरसों, कभी ना हाल ... Read more

श्री राम के नाम

राम के नाम मन्दिर मामला सुप्रीम कोर्ट में श्रीराम बसेंगे अब एयरपोर्ट में। फिर अयोध्या बना फैज़ाबाद राम का घर कब होगा आबाद? पू... Read more

अमावस की रात

अमावस की रात बताओ ऐ कवि! तूने पूनम की रात पर बहुत लिखा चाँदनी और चाँद पर तो खूब लिखा पर कभी क्या अमावस पर लिखा? कहोगे! आखिर क... Read more

शुभ दीवाली होगी

शुभ दीवाली होगी मन का तिमिर जब मिट जाएगा तन का भेद जब सिमट जाएगा प्रस्फुटित होगा जब ज्ञान प्रकाश अमावस में भी चमकेगा आकाश घर... Read more

बिगड़ता अंदाज़

बिगड़ता अंदाज हूँ माना कि बदलते दौर का बिगड़ता अंदाज हूँ लेकिन तेरे कदमों से ही तो बढ़ता मैं आज हूँ। नए दौर की नई बातें, तुमको ह... Read more

एक दूजे के लिए

एक दूजे के लिए जाने उसमें ऐसी क्या कशिश थी?न चाहते हुए भी मेरी नजरें उसकी ओर चली जाती थी। क्लास में काफी दिनों तक हम दोनों दो कि... Read more

स्पंदन

मुक्तक स्पंदन है तो तनमन है, उसी से बंध जीवन है गति जो मंद पड़ जाए,समझ लो बंद जीवन है अगर थकहार भी जाओ,कभी तुम हार ना मानो समय ... Read more

सम्भालो मुझे

बसा लो मुझे अपने दिल से न ऐसे तो निकालो मुझे गैरों पे नहीं भरोसा,तुम्हीं सम्भालो मुझे। मैं तुम्हारा मुकद्दर हूँ दिल से ही पूछ... Read more

वो माँ है

छोटी-छोटी बातों का रखती जो ध्यान मोटी-मोटी बातों से रहती जो अनजान नीचे धरती पे देखा जो इक भगवान वो माँ है..वो माँ है..हाँ वो ही त... Read more

धारा 497

दोहे-कोर्ट का फैसला। निर्णय कैसा कर दिया,लेकर के संज्ञान। इक झटके में हर लिया,तूने सबके प्राण।। रिश्ते नाते बह गए,यौन तृप्ति... Read more

सरकार

सरकार कागज़ी जो घोड़ा दौड़ाए हाथी को भी हवा उड़ाए घोषणाओं की भरमार है समझ लो यही सरकार है। मंत्री,सन्तरी नेता अफ़सर जनता को लगव... Read more

हिचकी

हिचकी करो ना याद तुम इतना,मुझे हिचकी सताएगी करूँ जो याद मैं तुझको,तुझे हिचकी रुलाएगी। हमारी हिचकियों में ही,कहीं ना जा निकल जाए ... Read more

तेरा इश्क़

ये तेरा इश्क़ कैसा है? जो मुहब्बत की नुमाईश हो,उसे चाहत समझते हो। मेरी आंखों में देखो तो,तुम पलकों में रहते हो। ये तेरा इश्क़ कैस... Read more

किस राह चलूँ

किस राह चलूँ? क्या भूलूँ और मैं क्या याद करूँ किसको छोड़ूं,किसके साथ चलूँ? कौन अपना ,कौन पराया है यहां किसकी मानूँ किसपे एतबार ... Read more

आरक्षण

आरक्षण ************* पहन के चश्मा रेबन मंहगी बुलेट सवारी सजी स्वर्ण आभूषण। और उफ्फ! ये फैशन फिर करती बुलंद नारे दे दो हमें... Read more

नहीं मरता कवि

दिवंगत कवि केदारनाथ सिंह की स्मृति में उनकी प्रमुख कृतियों को दर्शाती मेरी कविता। 🙏🙏सादर श्रद्धाजंलि🙏🙏 नहीं मरेंगे कभी ******... Read more