हुआ यूँ की ज़िन्दगी थोड़ा ठहरी और वक्त मिला भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करने का तो अपने आस-पास घटने वाली समस्याओं से मन कसमसाया और अचानक ही दृश्य शब्दों के रूप में परिवर्तित होकर कागज़ पर उभर आये | अभी तक मेरी तीस से अधिक रचनाएँ कई राष्ट्रीय समाचार पत्र और पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी है |आज भी अपने पाठकों के लिए नियमित रूप से लिख रहा हूँ….

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पैसा बहुत कुछ है लेकिन सब कुछ नही

वर्तमान मनुष्य पैसे के लिए पागल हुआ घूम रहा है| जिसे देखो अधिक से अधिक पैसा कमाकर अमीर बनने और अपने जीवन को अधिक सुविधायुक्त बनाने क... Read more

तपस्या और प्रेम की साकार प्रतिमा है “नारी”

नारी तुम केवल श्रद्धा हो, विश्वास रजत नभ पग तल में। पीयूष स्रोत सी बहा करो, जीवन के सुन्दर समतल में॥ प्राचीन समय से स्त्रियों के... Read more

नारी एक कल्पवृक्ष

प्रेम नारी का जीवन है |अपनी इस निधि को वो आदिकाल से पुरुष पर बिना किसी स्वार्थ के पूर्ण समर्पण और इमानदारी के साथ निछावर करती आई है ... Read more

‘कन्याभ्रूण’ आखिर ये हत्याएँ क्यों?

पंकज “प्रखर” कोटा राज. बेटा वंश की बेल को आगे बढ़ाएगा,मेरा अंतिम संस्कार कर बुढ़ापे में मेरी सेवा करेगा| यहाँ तक की मृत्यु उपरान्त म... Read more

नारी सृष्टि निर्माता के रूप में

आज के लेख की शुरुआत दुर्गा सप्तशती के इस श्लोक से करता हूँ इसमें कहा गया है... विद्याः समस्तास्तव देवि भेदाः, स्त्रियाः समस्ताः स... Read more

तकनीकी के अग्रदूत राजीव गांधी का शिक्षा के प्रति दृष्टिकोण

हमारे भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी का कहना था कि देश के प्रत्येक व्यक्ति तक शिक्षा का प्रसार होना चाहिए| यदि प्रत... Read more

‘वसुधैव कुटुम्बकम’ विश्व एक परिवार

हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति समूचे विश्व की संस्कृतियों में सर्वश्रेष्ठ और समृद्ध संस्कृति है | भारत विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता का... Read more

प्रेम एक अनुभव

कबीरा मन निर्मल भया जैसे गंगा नीर पीछे-पीछे हरि फ़िरे कहत कबीर कबीर|| यदि मनुष्य का मन निर्मल हो जता है तो उसमे पवित्र प्रेम उपजता ... Read more

“कस्तूरी कुंडल बसे , मृग ढूंढे बन माहि” समाधान स्वयं में ही छिपा है

आज के इस आपाधापी के युग में हर व्यक्ति अनेक प्रकार की समस्याओं से घिरा हुआ है कोई न कोई ऐसी समस्या हर व्यक्ति के जीवन में है जिससे प... Read more

“नज़रे बदलो नज़ारे बदल जायेंगे” आपकी सोच जीवन बना भी सकती है बिगाढ़ भी सकती है

सकारात्मक सोच व्यक्ति को उस लक्ष्य तक पहुंचा देती है जिसे वो वास्तव में प्राप्त करना चाहता है लेकिन उसके लिए एक दृण सकारात्मक सोच की... Read more

“अच्छे दिन आने वाले है” आ गये किसानो के अच्छे दिन

राजनैतिक परिस्थितियाँ इतनी दुर्भाग्यपूर्ण हो गयी है कि देश का सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति हमारा अन्नदाता किसान आज विकट परिस्थितियों से ज... Read more

हिन्दू मुस्लिम समन्वय के प्रतीक कबीर बाबा

आज धर्म के नाम पर एक दुसरे पर छींटाकसी करने वाले तथाकथित हिन्दू और मुसलमान जो शायद ही धर्म के वास्तविक स्वरूप की परिभाषा जानते हो ऐस... Read more

भारत का महान सम्राट अकबर नही महाराणा प्रताप थे

राजस्थान की भूमि वीर प्रसूता रही है इस भूमि पर ऐसे-ऐसे वीरों ने जन्म लिया है जिन्होंने अपने देश की रक्षा में न केवल अपने प्राणों को ... Read more

स्त्री और नदी का स्वच्छन्द विचरण घातक और विनाशकारी

स्त्री और नदी दोनों ही समाज में वन्दनीय है तब तक जब तक कि वो अपनी सीमा रेखाओं का उल्लंघन नही करती | स्त्री का व्यक्तित्व स्वच्छ निर्... Read more

सफलता की आधारशिला सच्चा पुरुषार्थ

मानव ईश्वर की अनमोल कृति है लेकिन मानव का सम्पूर्ण जीवन पुरुषार्थ के इर्द गिर्द ही रचा बसा है गीता जैसे महान ग्रन्थ में भी श्री कृष्... Read more

“अवसर” खोजें, पहचाने और लाभ उठायें

लेखक परिचय:- वास्तविक नाम पंकज कुमार शर्मा एवं साहित्यिक नाम “पंकज प्रखर” है ,बी.एड. एवं एम.ए. (हिन्दी साहित्य और इतिहास) वर्तमान सम... Read more

विद्यार्थी परीक्षाओं से डरें नही बल्कि डटकर मुकाबला करें

प्रिय विद्यार्थीयों जैसा की आप लोग जानते है की कुछ ही दिनों में बोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं शुरू होने जा रही है ऐसे में आप लोगों के प... Read more

वैलेंटाइन डे युवाओं का एक दिवालियापन

प्रेम शब्दों का मोहताज़ नही होता प्रेमी की एक नज़र उसकी एक मुस्कुराहट सब बयां कर देती है, प्रेमी के हृदय को तृप्त करने वाला प्रेम ईश्व... Read more

राम केवल एक चुनावी मुद्दा नही हमारे आराध्य है

राम केवल चुनावी मुद्दा नही बल्कि हमारे आराध्य होने के साथ-साथ हमारे गौरव का प्रतीक है | ये देश जो राम के आदर्शों का साक्षी रहा है ये... Read more

वाणी की देवी वीणापाणी और उनके श्री विगृह का मूक सन्देश (वसंत पंचमी विशेष लेख)

वसंत को ऋतुराज राज कहा जाता है पश्चिन का भूगोल हमारे देश में तीन ऋतुएं बताता है जबकि भारत के प्राचीन ग्रंथों में छ: ऋतुओं का वर्णन म... Read more

आधुनिकता के इस दौर में संस्कृति से समझौता क्यों

आज एक बच्चे से लेकर 80 वर्ष का बुज़ुर्ग आधुनिकता की अंधी दौध में लगा हुआ है आज हम पश्चिमी हवाओं के झंझावत में फंसे हुए है |पश्चिमी दे... Read more

एक महान सती थी “पद्मिनी”

एक सती जिसने अपने सतीत्व की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान कर दिया उसकी मृत्यु के सैकड़ों वर्ष बाद उसके विषय में अनर्गल बात करना... Read more

हिन्दू धर्म और अवतारवाद

हम जब बात करते है भारतीय संस्कृति और विशेषकर हिन्दू धर्म की तो इसमें “अवतारवाद” ये शब्द ज्यादातर सुनने को मिलता है भगवान् कभी राम ब... Read more

गौरवशाली राष्ट्र का गौरवशाली गणतांत्रिक इतिहास

गणतन्त्र दिवस यानी की पूर्ण स्वराज्य दिवस ये केवल एक दिन याद की जाने वाली देश भक्ति नही है बल्कि अपने देश के गौरव ,गरिमा की रक्षा के... Read more

अद्भूत व्यक्तित्व है “नारी”

भारत वर्ष ना केवल महापुरुषों का देश है बल्कि ये उन महान भारतीय नारियों का देश है जिन्होंने इस देश को विवेकनन्द, महर्षि रमण ,अरविन्द ... Read more

आरक्षण का दंश

वर्तमान समय में हर क्षेत्र में आरक्षण विद्यमान है,|चिकित्सक, इंजिनियर, अध्यापक लगभग सभी क्षेत्रों में आरक्षण का विष घुला हुआ है | यद... Read more