यादें....

बचपन की वो बिसरी यादें, लिख दूँ क्या.! साथ बिताए थे जो लम्हें., लिख दूं क्या.!! मेरे वादे., तेरी क़समें.., लिख दूँ क्या..! चाँद ... Read more

जीवन एक खिलौना है क्या...

🌻🌻🌻 ग़ज़ल 🌻🌻🌻 या रब किस्सा सच्चा है क्या जीवन एक खिलौना है क्या.! नील गगन की., सैर करा दे ऐसा कोई.., चारा है क्या.! पूछ रही... Read more

ग़म हमें सब भुलाने पड़े..

ग़म हमें सब भुलाने पड़े। ख़ुद पे ही ज़ुल्म ढाने पड़े। इस ज़माने के डर से हमें ज़ख़्म अपने छुपाने पड़े। चंद सिक्को मेंं वो बिक गये घर... Read more

ग़म हमें सब भुलाने पड़े...

ग़म हमें सब भुलाने पड़े। ख़ुद पे ही ज़ुल्म ढाने पड़े। इस ज़माने के डर से हमें ज़ख़्म अपने छुपाने पड़े। चंद सिक्को मेंं वो बिक गये घर... Read more

देखकर तुम न यूँ अब..., नकारो मुझे,,

देखकर तुम न यूँ अब......., नकारो मुझे अक़्स हूँ मैं तुम्हारा..........., सँवारो मुझे। दाग दामन पे' मेरे....., लगे हैं......, अगर ... Read more

लौ मुहब्बत की जलाना चाहता हूँ..

नफ़रतों को मैं.., मिटाना चाहता हूँ लौ मुहब्बत की जलाना चाहता हूँ। इम्तिहां मुश्किल बड़ा है इश्क़ का ये इक इसे भी आजमाना चाहता हूँ।... Read more

आपके दिल में क्या है बता दीजिए...

आपके दिल में क्या है बता दीजिए इस मुहब्बत का कुछ तो सिला दीजिए हमने ज़ुर्मे-मुहब्बत तो कर ही दिया आप इस ज़ुर्म की अब स... Read more

क़त्ल होंगे तमाम नज़रों से...

क़त्ल होंगे तमाम नज़रों से ग़र पिलाया यूँ जाम नज़रों से। लब थे खामोश जिसके मुद्दत से लिख दिया उसने नाम नज़रो... Read more

मैं परवाना हूँ शायद...

जन्म जला सा हूँ शायद इक़ अंधियारा हूँ शायद। डग मग जीवन की नैया दूर किनारा हूँ शायद। बर्तन खाली हैं यारो वक़्त का मारा हूँ शाय... Read more

हर ज़िल्लत को सहकर हम...

हर ज़िल्लत को सहकर हम काट रहे हैं हर मौसम। सौदागर थे खुशियों के लेकिन हैं गठरी में ग़म। यूँ आंखों में क़तरे हैं ज्यों फूलों पर... Read more

रुख से परदा हटाना मजा आ गया..

रुख से परदा हटाना मजा आ गया। बिजलियाँ यूँ गिराना मजा आ गया। बात जाने न हमने क्या कह दी मगर देखकर मुस्कुराना मजा आ गया। तोड़कर... Read more

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी ज़िन्दगी ज़िन्दगी दर्द, आँसू, तड़प, बेबसी। सेंकता ही रहा रोटियाँ कुछ पकी कुछ जली अधजली। भूख की देखकर के तड़प हँस रही है... Read more

अंधेरा हमें ख़ुद हटाना पड़ेगा...!

अंधेरा हमें ख़ुद हटाना पड़ेगा उजाला दरीचों से लाना पड़ेगा। मुहब्बत की जब तक रवानी रहेगी बहारों को गुलशन सजाना प... Read more

अगर तू दर्द सबका जान लेगा....

अगर तू दर्द सबका जान लेगा ख़ुदा तेरी रज़ा पहचान लेगा। मिलेंगी ठोकरें बस राह में तब बुजुर्गों का नहीं ... Read more

मेरा है आशियाँ जो जल रहा है...

ज़नाज़ा हसरतों का चल रहा है जवानी का जो सूरज ढल रहा है। कहीं माँ घर से बेघर हो रही जब छलकता दूध का आंचल रहा है। गुमा... Read more

बिना माँ के जीवन गुज़ारा बहुत है...

मिला जख़्म हमको क़रारा बहुत है बिना माँ के जीवन गुज़ारा बहुत है। ख़ज़ाना मेरा सादगी है मगर क्यूँ मुझे ज़िंदगी ने नकार... Read more

अब तो मेरा हिसाब कर दो ना...!

?????? ग़ज़ल ?????? काम तुम बेहिसाब...., कर दो ना छूके मुझको गुलाब..., कर दो ना। ग़र मुहब्बत है इक बुरी..., आदत मेरी आदत खराब...., कर... Read more

क़ैद में रो रहा उजाला है...

उनके चेहरे पे तिल जो काला है उसने कितनों को मार डाला है। चांद बेदाग इक हसीं देखा दुनिया भर से ही वो निराला है। जिं... Read more

जब हक़ीक़त झूठ से टकरा गयी...

जब हक़ीक़त झूठ से टकरा गयी सल्तनत तब झूठ की घबरा गयी। बे-ख़बर थे वक़्त की जो मार से ज़िन्दगी उनकी क़फ़स में आ गयी। ... Read more

जान लेती है कसम से ये नज़ाकत प्यार की

जान लेती है कसम से ये नज़ाकत प्यार की खेलना जुल्फों से' तेरा है कयामत प्यार की।। हो रहे मदहोश सब क्यूँ देखकर आवो-हवा ग़ौर कर मगरूर... Read more

शून्य सा अवशेष मैं...

इन शून्य विहीन आँखों से जब निहारता में शून्य को, तो शून्य सा अवशेष मैं खो रहा इस शून्य में, इंसान भी निज स्वार्थ में हो गया अब शून... Read more

नफ़रतों में घुल रही ये जिंदगी है

नफ़रतों में घुल रही ये जिंदगी है अन्जुमन में हर तरफ बस तीरगी है। पूछता मैं फिर रहा हर इक बशर से मुफ़लिसी में कैद क्यों ला... Read more

बिटिया मेरी सोन चिरैया...!

◆ मधुशाला छन्द (रुबाई) ◆ आँगन की वह वृंदा मेरी या लगती कुंदन सोना रश्मि चंद्रमा सी वह दमकत है अद... Read more

बेदर्द ज़माने ने क्या खूब सताया है...

बेदर्द ज़माने ने क्या खूब सताया है मज़लूम सर-ए-महफ़िल नज़रों से गिराया है। यह बात सितम की है बदनाम किया हमको हर फ़र्ज़ म... Read more

पंख कटा हूँ एक परिंदा

जब जब हमको याद करोगे रोओगे फ़रियाद करोगे। कैद़ रहे इन आँखों में जो अश्क़ों को आजाद करोगे। ख़... Read more

बेटियां

फूल सी खुश्बू लुटातीं बेटियां जब कभी भी मुस्कुरातीं बेटियां। खुशनुमा माहौल होता हर तरफ प्यार से जब खिलखिलाती बेटियां। ... Read more