Pankaj Gupta

Joined August 2016

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मेरा शहर.

कि मेरे शहर का हाल मत पूछ मेरे दोस्त, यहाँ तो अब जमीन-ए-शमशान भी महेंगी हो गयी है. जिस पेड़ पर बनाये थे परिन्दों ने घोंसले, उस पेड़... Read more

राष्ट्रीय ध्वज.. मन की बात...!!

मैं आपका राष्ट्रीय ध्वज हूँ.. आज आप मेरे भी मन की बात सुनिए. लगता है आप लोग मुझे भूल गए हैं. साल में सिर्फ १५ अगस्त और २६ जनबरी ... Read more