मैं बेसिक रूप से स्टेज आर्टिस्ट और डायरेक्टर हूँ। रामलीला में विशेषज्ञता रखता हूँ। इसके अतिरिक्त अन्य सभी धार्मिक नाटक- कृष्ण लीला, हनुमान लीला, शिव लीला, गणेश लीला और महाराजा अग्रसेन लीला भी करता हूँ। पूरे देश भर में मेरे शोज़ होते हैं। थोड़ा सा शौक लिखने का भी रखता हूँ

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माँ तो बस माँ होती है

माँ का आँचल जैसे ममता की छत माँ के पांवों में तो होती जन्नत डाँट में उसकी हमारी ही भलाई और छिपी रहती बेपनाह मुहब्बत माँ से ही लग... Read more