Pallavi Goel

Joined November 2018

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माँ,बस एक लकीर हूँ मैं

आपके आॅचल से उठती एक अदृश्य सी सुगंध की मुरीद हूँ मैं। सौम्य से चेहरे पर उठती हल्की सी मुस्कान पर मुस्काती ख़ुशनसीब हूँ मैं ।... Read more