OP Agarwal

Joined July 2016

I have written around 2500 English poems, 100 Hindi bhajans, 10000 seir (qata) in Urdu, 3000 ghazals, 3000 dohe, 1000 rubaiyan, 1500 mahiye, 1500 haiko, 500 Kah Mukarniya and other 200 nazms in Urdu in the 40 years of my poetic career.

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ग़ज़ल

चलो दीवानगी से दिल लगायें., घड़ी भर को खुशी से दिल लगायें,, है पैकर आदमी धोखा-धड़ी का., भला क्या आदमी से दिल लगायें,, अंधेरा... Read more

ग़ज़ल

अँधेरों से अगर घबरा रहा हूँ., उजालों से भी धोका खा रहा हूँ,, सुलझने का नहीं मिल पाया मौक़ा., मैं उल्झन में सदा उल्झा रहा हूँ,, ... Read more