Om Prakash Nautiyal

वड़ोदरा,गुजरात

Joined November 2018

संक्षिप्त परिचय
ओंम प्रकाश नौटियाल
जन्म स्थान -कौलागढ़ , देहरादून ,उत्तराखण्ड
M.Sc(Phy.) ,M.Sc.(Maths), MBA
FIETE,SM-CSI,M-ISTD,SM-IEEE,SM-EMS
EX.General Manager (ONGC)
EX.Chairman ,IETE ,Vadodara Centre
EX. Chairman,CSI , Dehra Dun Chapter
पिता : स्व. श्री दर्शनानन्द नौटियाल
माता : स्व. श्रीमती कुसुम नौटियाल
पत्नी; श्रीमती अर्चना नौटियाल
पुत्र : अनुभव नौटियाल
संप्रति : पठन पाठन , परामर्श, साहित्य एवं समाज सेवा
कविताएं ,कहानियाँ,लेख आदि -विभिन्न पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित
प्रकाशित पुस्तकें -साँस साँस जीवन (काव्य संग्रह) : पावन धार गंगा है (काव्य संग्रह):पीपल बिछोह
में(काव्य संग्रह ):
दुक्के चौक्के छक्के (काव्य संग्रह -शीघ्र प्रकाश्य): आठ संयुक्त कविता संकलन
2006 में ONGC से महाप्रबंधक (इलैक्ट्रोनिक्स एवं कम्यूनिकेशन्स) के पद से सेवा निवृत होने के
बाद परामर्श, पठन पाठन, साहित्य एवं समाज सेवा के कार्यों में व्यस्त रहने का प्रयास
करता हूँ। लगभग आठ सौ से अधिक कविताएं तथा लेख, कहानियाँ इत्यादि पुस्तकों,
पत्र पत्रिकाओं ,ब्लाग आदि में प्रकाशित हुई हैं। मूलतः उत्तराखण्ड वासी हूं किंतु सेवा निवृति के
पश्चात बडौदा,गुजरात में प्रवास है ।

दूरभाष .0265-2635266 : मो.:9427345810 :
E-mail: ompnautiyal@yahoo.com :

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वृक्ष यह अशोक के

- विनीत निर्मलांगी संत तुल्य वानगी हर ऋतु में एक सा रूप तरो ताजगी नभ इंगित कर रहे शीर्ष शर अमोघ से वृक्ष यह अ... Read more

काठ का है जी-ओंम प्रकाश नौटियाल

हम तो आम जनता हैं शरीर काठ का है जी दर्द तनिक नहीं होता गुजरती ठाठ से है जी -1- उन्हें सुरक्षा चाहिए जिनका सद... Read more

झूम झूम निर्भय जलना

सदियों यह अँगना दीप्त रहा तम पी पी दीया तृप्त रहा थी दीप चाह केवल प्रकाश ज्योत पर सदा आसक्त रहा किरण किरण झरता झरना ... Read more

माँ - चंद दोहे

-1- पाया माँ की गोद में, ममता का संसार बडे चैन से सो गया, बचपन पाँव पसार -2- देखे सपना नींद में, अधर खिली मुस्कान बच्चे के आ... Read more

एक दीप प्यार का

प्रकाश प्रसरित करे रंग जीवन में भरे समा है बहार का एक दीप प्यार का तम से संघर्ष को चाक से माटी गढ़े दीप को ... Read more

तेरा गगन मेरा गगन

कितना उदास आज है तेरा गगन मेरा गगन खग से भी वीरान है तेरा गगन मेरा गगन नीरवता के शोर में है मन अजब बेचैन सा सिसक... Read more