नाम- ओमेन्द्र कुमार शुक्ल पिता का नाम – श्री सुरेश चन्द्र शुक्ल जन्म तिथि – १५/०७/१९८७ जन्मस्थान – जिला-भदोही ,उत्तर प्रदेश वर्तमान पता – मुंबई,महाराष्ट्र शिक्षा – इंटरमीडिएट तक की पढाई मैंने अपने गांव के ही इण्टर कॉलेज से पूर्ण किया,तदनुसार मै इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की पढाई खत्म करने के बाद मै नौकरी के सिलसिले में मुंबई आया तथा पुणे के सिम्बायोसिस कॉलेज से पत्राचार के माध्यम से म.बी.ए. ।
निवास- मुंबई ,
महाराष्ट्र
लेखन – कविता ,गजल ,हाइकू ,उपन्यास ,कहानी ,गीत ।
मो. न. -9702143477

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जीवन संघर्षो भरा है

“भाग उठा होके परेशान जीवन के झंझावातों से दर्द बहुत है इस जीवन में हर पल चुभते है काँटों से , छोटी बातें,अधूरी यादें सब छूट यहा... Read more

अध्यात्म विमुख होता जग

“एक दुविधा सी मन में उठती है दिल असमंजस से भर जाता है ज्ञान की डोली में जब कोई विद्या की अर्थी छोड़ जाता है , करके शिक्षा का उद्... Read more

।।गणतंत्र बना गवारतंत्र ॥

“गणतंत्र बन गया गँवारतंत्र अब कुछ लोगो के कुंठित विचारों से सच्चाई कर रही मुजरा कोठे पे अंधे कानून के उन राहों पे , हो गया बहुत ... Read more

॥ सत्ता के स्वार्थी ॥ हाइकू

पैसठ साल बर्बादी भारत की सुध ना आई , गरीब लोग अर्धनग्न शरीर जलता पेट , मिटे गरीब ना गरीबी है मिटी सत्ता लोलुप , हुआ ह... Read more

वीर हिन्द के वासी हम

“हम वीर हिन्द के वासी है हमसे ना टकराना तुम हो जाओगे खण्ड-खण्ड प्रतिखण्ड हमसे ना टकराना तुम, क्या भूल गए उस सागर को एक घूंट में... Read more

गणतंत्र मुबारक हो तुमको

"हर चौराहे पे जहां सीता लुटी जाये और चंद रुपयो मे वर्दी बीक जाये नेताओ के ऐश मे देश बलि हो जाये वह गणतंत्र मुबारक हो तुमको , ज... Read more

एक कविता भारतीय सेना के नाम

"आज कुत्तो ने शेरो को छेडा है शेरो कि मांद मे किया बसेरा है बहुत हो गया है अब भाईचारा सब्र का बांध अब तोडा है, टुट पडो अब इन गि... Read more

बिकाऊ मिडीया

"सुबह-सुबह वो अखबार के पन्ने कुछ नये समाचार ले आते है खाली पडे इस मन मे फिर से वो ढेर सारी बाते भर जाते है, कहीं आतंक के मुद्दे... Read more

मेरे सपनो का विजय पर्व

"किस जीत कि हम बात करे और कौन सा विजय मिल पाया है ना तो बुराई मिटी है यहा अभी और ना सच जिन्दा रह पाया है, मासुम चेहरोे मे बसता ... Read more

कटघरे मे जीवन है

कटघरे मे जीवन "मन हि मन है अब नाराज यहां ना मन का कुछ कर पाता हू जीवन जीने कि लालसा लेकर खुद से हि पराया हो जाता हू, रोज सुबह उ... Read more

मजदुर हूं मै,मजबुर नही

"जीवन कण्टक भरा है मेरा ना हार मै कभी मानने वाला हर दर्द मै सहके जी लेता हू मजदुर हू मै, मजबुर नही , सिमटके रह जाती है कहानी अ... Read more

विमुद्रिकरण

जिस मुद्रा के खातिर, बदले थे तेवर हमने आज उसीने छिन लिये हमसे हि तेवर अपने, भूल गये थे सब रिश्ते नाते जग से था मुह मोड लिया खत... Read more

गजल

गज़ल :-- तू महलो कि रानी है जन्नत सी तेरी कहानी है । मै विराना सा सायर हु विरानी मेरी जवानी है । अबला सी तु चंचल है सरपत... Read more

गजल

"हर पल गुजर रहा है,अब धीरे-धीरे कोई इश्क कर रहा है,अब धीरे-धीरे, बादलो बरस जाओ जरा आज फिर कोई याद कर रहा है,अब धीरे-धीरे, व... Read more

गजल

"नहीं मांगु खुदा से मै और भी कुछ जो इक बार गर तु मुझे मिल जाये , और भी हंसी हो जाये ये तराने फिर जो तेरे लबो के यहां गीत मिल जा... Read more

गजल

"नहीं आती है नींद मुझे रातो को तुम रोज ख्वाबो मे आना छोड दो, ना हंस पाता हु मै तेरी खामोशी से यूं खामोश रहके सताना छोड दो, ... Read more

गजल

"ऐ !खुदा क्यु खफा है तु आज मुझसे जरा मुझे इस खफा कि खता तो बता हु जुस्तजु मे तेरी फिरता मै दर-बदर रहता है किस जहां मे तु,पता त... Read more

गजल

"रोज-रोज ख्वाबो मे आना छोड दो होठो पे नये गीत गुनगुनाना छोड दो, नाकाम है तुम्हारी कोशीशे सारी यहा हर बार तुम ये इश्क जताना छोड... Read more

भारत कि तस्वीर

"फटे पूराने कपडो मे,वो बाहर घुमके आता है गरीबी नाचती रहती है,और वो भूखा सो जाता है, तरसती हुयी निगाहे,दो रोटी के निवाले को सुबह स... Read more

बदलता परिवेश और परिवार

"समय बदला,बदले रिश्ते और बदला घरबार है दुनिया बदली,जहां है बदला और बदला परिवार है, गुजरे वो दिन यारो जब घर छोटे बन पडते थे रिश्त... Read more

वृक्ष हमारे जीवनसाथी

"दर्द से शिथिल इस दुनिया मे कौन है मेरा नाम ये तो मेरी माटी जाने अथवा जाने राम, ना सुख कि मै आस करु ना करु किसी से कभी मै राग... Read more

"याद आते हो हमेशा,चोरी-चोरी"-गजल

"देखा करते है तुझे हम चोरी-चोरी इश्क करते है तुझे हम चोरी-चोरी, नही हटती निगाहे चांद से मुखडे से दिल मे समाने लगी है तु चोरी-चो... Read more

"नया वर्ष मंगलमय हो "

"हर साल आते है ,ये नये साल आते है पूराने छुट जाते है,नये सब साथ आते है नये वादे,नये इरादे,नये रिश्तो का संगम हो रखो ध्यान कभी प... Read more

"इश्क करना नही आता " -गजल

"हंसना नही आता, हमे रोना नही आता रहूं पास जो तेरे,तो खफा होना नही आता, लिखे थे यहां मुकद्दर मे कुछ साज जो मेरे आज भी उन्हे हमे ... Read more

"बेटियाँ पराया धन होती है ||”

“नन्हे-नन्हे क़दमों से घुटनों के बल तेरा चलके आना बैठ गोंद में मेरी फिर चंचलता अपनी फैलाना , अपने नन्हे-नन्हे हाथो से चेहरे प... Read more

"बेटियाँ पराया धन होती है ||”

“नन्हे-नन्हे क़दमों से घुटनों के बल तेरा चलके आना बैठ गोंद में मेरी फिर चंचलता अपनी फैलाना , अपने नन्हे-नन्हे हाथो से चेहरे प... Read more

||बदहाल किसान |हाइकू ||

||बदहाल किसान |हाइकू || “पालनहार होता विमुख आज अधिकारों से , लुटते इन्हे प्रकृति और नेता बिखरे आंसू , पेट की आग खत्म होत... Read more

||बचपन की याद दिलाता है ||

“वो बचपन के भी क्या दिन थे वो पापा की डांट,माँ की दुलार और दादी का प्यार वो पीपल के वृक्षों पर गिद्धों का मंडराना चहक-चहक चिड़ियों... Read more

||खादी ,खाकी और मीडिया ||

“हुयी मुलाकात खाकी और खादी की नीलामी के बाजार में हाल पूछ एक दूजे का हुए मशगूल शब्दों के व्यापार में, सबसे श्रेष्ठ हु मै अब भी ... Read more

||मेरी नन्ही परी ||

“नन्हे नन्हे क़दमों से अपने वो पास जो दौड़ी आती है लग गले से वो मेरे फिर किस्से सभी सुनाती है, मम्मी की डांट,दादी का प्यार हस हंस... Read more

||विरह की वेदना ||

“टुकुर टुकुर वो आखों से ताके जुबां से कुछ कह ना पाये सावन की हरियाली भी दिल की अगन बढ़ा जाये , पिया गए परदेश जो हमरे नैनन में जल... Read more

||इंद्रधनुषी जीवन ||

“कुछ नगमे अधूरे अब भी है कुछ गीत नए होठो पे बाकी है सपनो के उस दर्पण में कुछ ख्वाब अभी भी बाकी है , इंद्रधनुषी इस जीवन में फिर ... Read more

||बदलते गांव और हम ||

“सहसा कुछ बीते वर्षों में देखो कैसे बदले है गांव होते थे खेत खलिहान कभी जहाँ आज कारखाने लगे पड़े है वहां , प्रदुषण को नित्य बढ़ाते... Read more

||संघर्षो भरा जीवन ||

“भाग उठा होके परेशान जीवन के झंझावातों से दर्द बहुत है इस जीवन में हर पल चुभते है काँटों से , छोटी बातें,अधूरी यादें सब छूट यहा... Read more

||गणतंत्र और गँवारतंत्र ||

“गणतंत्र बन गया गँवारतंत्र अब कुछ लोगो के कुंठित विचारों से सच्चाई कर रही मुजरा कोठे पे अंधे कानून के उन राहों पे , हो गया बहुत ... Read more

||देशहित के लिए खुद में परिवर्तन जरुरी ||

“हर साल बदलते जाते है हम कैलेंडर नए -नए से घर में ना सोचा कभी है हमने कुछ बदलाव करने की खुद में , देख समाचार देश दुनिया के रोज ... Read more

||टुटा दिल ||

“आज फिर से ये वक्त कुछ बेरहम सा लगता है क्यूँ बसंत का मौसम ये पतझड़ सा मुझको लगता है , क्यूँ महफ़िलों में छाया है तन्हापन क्यूँ स... Read more

||एक विद्यार्थी का माँ को सन्देश ||

“माँ नहीं पढ़ना है मुझको अब ना विद्यालय मै जाऊंगा अनपढ़ रहना है अच्छा ना गाली तुझे मै दिलाऊंगा, पढ़-लिखके लोग जहाँ पे अपने ही देश ... Read more

“क्यूँ बहके है आज अरमान फिर से”

“क्यूँ बहके है आज अरमान फिर से क्यों आँखे नम हो आयी है पिया मिलन को क्यूँ तड़पा दिल क्यूँ बहारे फिर खिल आयी है , वो यादे जो रूठी ... Read more

||इश्क़ की राह ||

“कुछ यादें सुनी सुनी सी रोती है अब भी दिल में कुछ वादे तन्हा तन्हा से बिखरे पड़े है लब पे, यादों की उन शाख पे फिर से कुछ फूल नए ... Read more

“तुम थे ना कभी वादों में मेरे”

“तुम थे ना कभी वादों में मेरे ना ही थे कभी इरादों में क्यों आया दिल सहसा तुमपे चंद मीठी मीठी बातों में , क्यूँ जीना बनता है गद्द... Read more

||बेवफा इंसान ||

“कैसे करे उम्मीदे वफ़ा हम हर शख्स यहाँ बेवफा होता है होता है जो दिल के पास बहुत खंजर वही चुभोता है, हर दिल बेवफा हुआ यहाँ है हर ... Read more

||इश्क़ का दर्द ||

“तुम जब जब याद आओगे हरदम मुझको तड़पाओगे बसे हो जो तुम यादों में मेरे हर लम्हा ख़ामोशी बढ़ाओगे , टूटे वादे ,रूठे किस्से नए अरमान कौ... Read more

||पुराने प्रेम की दस्तक ||

“सालों लगे भुलाने में तुमको फिर से याद तुम क्यूँ आये हो पत्थर दिल कर गए थे जिसको उससे मंदिर नए बनाये है , यादों की चिता में जली ... Read more

||प्रेम की बगावत ||

“बिन तेरे सबकुछ हारा हूँ मै गम का तेरे मारा हूँ सुना-सुना है हर लम्हा यादों में हर पल गुजारा हूँ जब प्यार अकेला हो जाता है बिन ... Read more

||कागज के टुकड़े ||

“कहते है तस्वीरें होती है कागज की पर ताकत बहुत होती है इनमे कहीं पत्थर दिल में प्रेम आभास तो कहीं आँखे होती है नम इनसे , वो भूली... Read more

||अधूरी मुलाकात ||

“बेहिचक उन गलियों की ओर आँखे फिर से खीच जाती है आना जाना तेरा होता था जिनमे कभी उन क़दमों के निशां में खो जाती है पाने को एक झलक ... Read more

||अधूरे ख्वाब ||

“एक ख्वाब लिए आखों में जिन्दा पुतले ढल जाते है पुरे करने को हर ख्वाब हमारे रह जाते है खुद के ख्वाब अधूरे बसती है ख्वाबों की एक द... Read more

अजनबी

“मुद्दतो से दबे थे राज जो दिल में उन्हें बहकने से कैसे रोक पाता बड़ी हसरते थी उस खुद्दार दिल की उन्हें बंदिशों में कैसे रख पाता, ... Read more

||तन्हापन ||

“लगा है आज अपनापन फिर छूने इन तन्हाईयों को समेट तन्हा सासों की डोर कर वीरान फिर इस जीवन को कहता कहानी आज फिर इस पतझड़ से जीवन की... Read more