नाम : डॉ०प्रदीप कुमार “दीप”
जन्म तिथि : 02/08/1980
जन्म स्थान : ढ़ोसी ,खेतड़ी, झुन्झुनू, राजस्थान (भारत)
शिक्षा : स्नात्तकोतर ,नेट ,सेट ,जे०आर०एफ०,पीएच०डी० (भूगोल )
सम्प्रति : ब्लॉक सहकारिता निरीक्षक ,सहकारिता विभाग ,राजस्थान सरकार |
सम्प्राप्ति : शतक वीर सम्मान (2016-17) मंजिल ग्रुप साहित्यिक मंच ,नई दिल्ली (भारत)
सम्पर्क सूत्र : 09461535077
E.mail : drojaswadeep@gmail.com

Books:
१. मैं नारी हूँ !
२. आदमी का मन
३. दीपशिखा
४. अन्नपूर्णा

Awards:
१. शतक वीर सम्मान , मंजिल ग्रुप साहित्यिक मंच ,नई दिल्ली
      २. रचना प्रतिभा सम्मान, मंजिल ग्रुप साहित्यिक मंच,नई दिल्ली
      ३. हिन्दी सेवी सम्मान , विश्व हिन्दी रचनाकार मंच ,नई दिल्ली
      ४. अदबी उड़ान युगल साहित्य सम्मान ,अदबी उड़ान, उदयपुर (राज०)
      ५. काव्य भूषण सम्मान ,अर्णव कलश एसोशिएशन (हरियाणा)
      ६. काव्य शिरोमणि सम्मान, महाराणा प्रताप संग्रहालय, हल्दीघाटी, राजसमंद (राज०)
      ७. श्रेष्ठ रचनाकार सम्मान , विश्व हिन्दी रचनाकार मंच, नई दिल्ली 
८. गणतंत्र दिवस सम्मान – 2018
९. अंतरा शब्द शक्ति सम्मान-2018
१०. भाषा सारथी सम्मान- 2018
११. ग्लोबल आईकन अवार्ड-2018(ACFI)

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नारी हूँ मैं ! ------------- नारी हूँ मैं ! कोई पत्थर नहीं ! मुझमें भी हैं...... एहसास निर्मलता और मानवता | सदियों से ही... Read more

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गुरू की गरिमा का अवसान ! गुरू का पद वैदिक काल से ही सतत् गरिमामय रहा है ,पर आज अक्सर देखने में आता है कि कुछेक असामाजिक तत्वों ने... Read more

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राजस्थान के लब्धप्रतिष्ठित लेखक , समीक्षक , और सामाजिक कार्यकर्ता श्री मनोज अरोड़ा की पुस्तक " रामायण प्रसंग " स्वामी विवेकानन्द द... Read more

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" साहित्य समाज का दर्पण है " ------------------- लेखन ऐसा चाहिए,जिसमें हो ईमान | सद्कर्म और मर्म ही,हो जिसमें भग... Read more

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पुरूष हूँ ! --------------- पुरूष हूँ ! कोई पत्थर तो नहीं ! मुझमें भी है ... एहसास ! निर्मलता ! और मानवता | सदियों से ही... Read more

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" हुनर " ---------- मुझ में भी था हुनर ! टीलों पहाड़ों और वृक्षों पर चढ़ने का | बहते झरने बहती नदियों और बहती हवा की ... Read more

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"भारत में लोकतंत्र : उद्देश्य एवं उपलब्धियाँ " ============================ जन का जनता के लिए ,जन का ऐसा कार | अपनी मर्जी से चु... Read more

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साहित्यकार और पत्रकार का समाज के प्रति दायित्व

साहित्यकार और पत्रकार का समाज के प्रति दायित्व ----------------------------------------------------- लेखन ऐसा चाहिए , जिसमें... Read more

बेटी

" बेटी " --------------- हरी घास पर क्षण भर बैठी ! ये भारत की शान | मन में एक उमंग है होठों पर मुस्कान || यही आन है .... ... Read more

शोभा की अभिव्यक्ति

"शोभा की अभिव्यक्ति" ---------------------------- क्या शोभा ? अभिव्यक्त हो सकती है ! हाँ ....................... शोभा कि अभिव्य... Read more

एटम बम

जीवन के रंगमंच पर अभिनय से पूर्व...... आओ सँवार दूँ प्रिय ! साकर करके निज भावों को अपने हाथों से || पहना दूँ ......... गजरा ... Read more

मैं जाग चुकी हूँ

" मैं जाग चुकी हूँ " ------------------------- हाँ मैं नारी हूँ ! सदियों से ही.... और सदियों तक भी ! अपनाया है मैंने ! सृजनश... Read more

राष्ट्र निर्माण और विकास में महिलाओं की भूमिका

" राष्ट्र निर्माण और विकास में महिलाओं की भूमिका " ============================ "नारी" विधाता की सर्वोत्तम और नायाब सृष्टि है | ... Read more

आधार

"आधार " ----------------- झीने पट में झिलमिल करती ! एक अलबेली नार | बैठ तरंगिनी के तट पर ! करती स्वेच्छाचार | निरख रही है... Read more

नादानी

" नादानी " --------------- याद है मुझे ! वो नादान........ नटखट बचपन | कितना आजाद था ? कितना मगरूर था ? ना कोई कर्तव्य ! ना... Read more

तट की व्याकुलता

तट की व्याकुलता -------------- कभी व्यथित देखा है ? नदी के तट को ! हाँ !!! मैंने देखा है ! एक बार नहीं कई बार !! जब बाँध... Read more