ओम प्रकाश फुलारा ' प्रफुल्ल '

गरूड़ जिला बागेश्वर उत्तराखण्ड

Joined December 2018

ओम प्रकाश फुलारा ‘ प्रफुल्ल ‘
पिता – स्व0 बिष्णु दत्त फुलारा
सहायक अध्यापक हिंदी
नवोदित साहित्यकार
लेखन क्षेत्र कहानी , कविता, दोहे, हाइकू आदि
रचनाएँ- काव्य संग्रह अंकुर एवं महक ( अप्रकाशित) अपना मयोली संक्षिप्त इतिहास ( अप्रकाशित )

Copy link to share

डमरू घनाक्षरी

डमरू घनाक्षरी गरज गरज कर बरस चपल घन, तड़प उठत अब सकल जगत मन। पग पग पल पल लगत अगन यह बढ़त चलत अब जलत रहत मन। सन सन सन सन... Read more

भूल न जाना बचपन की गलियां

भूल न जाना इन गलियों को जिन में बीता है बचपन छोड़ रहे हो साथ हमारा क्या जी पाएंगे तुम बिन भूल न जाना............. इन गलियों क... Read more

कुछ ऐसा ही है

समझ नही आता कैसी चली सत्ता की रीत सुख साधन होकर भी रहना सदा भयभीत। बनी कमेटियां, बने नियम,होता संशोधित संविधान पर कहीं न दिखा ह... Read more

सीख रहा हूँ

देखो अभी मैं सीख रहा हूँ बच्चे से जवान जवान से बूढा हो रहा हूँ देखो अभी मैं सीख रहा हूँ। बचपन में सीखा जो जवानी में काम न आया... Read more

गंगा की व्यथा

मुझे धरती पर लाना भगीरथ का अरमान था अपने पूर्वजों के प्रति उसके दिल में सम्मान था ब्रह्मा जी आज्ञा से उतर आई धरा पर करना जन जन का... Read more

विरह गीत ( हे प्रिय! अब तो आ जाओ तुम )

हे प्रिय ! घनघोर घटाएँ छा गई आज नील गगन में रिमझिम बरसे मेघा ऋतु पावन सावन में हर तरफ फैली हरियाली सूखा पड़ा है मेरे मन में खु... Read more