Noorfatima khatoon

Bhatwalia no . 2

Joined February 2020

Name – Noorfatima khatoon (teacher) father name – Akhtar Hussain mother name -Sabiha khatoon

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ग़ज़ल

तंग हूं मैं तेरे दुनिया के चक्कर से नीचे के चपरासी ऊपर के अफ़सर से क़ौम की क़िस्मत तो ख़ुदा ही जानें किसे फुर्सत आफिस से दफ़्तर ... Read more

मुक्तक

सफाई कर घर में छुप जाएंगे ये हालात कभी न भूल पाएंगे अनुशासन में रहकर तो देखें कोरोना से हम जीत जाएंगे नूरफातिमा खातून "न... Read more

मुक्तक

थोड़ा आलसी बनकर दिखाइए लाकडाउन है घर रहकर दिखाइए जरूरत भर का सामान खर्च करें इस वक्त कन्जूस बनकर दिखाइए नूरफातिमा खातून" ... Read more

ग़ज़ल

चलते -चलते जिन्दगी ठहर गई धुंध भरे रास्ते थे जहां भी नज़र गई जो जहां है सकते के आलम में है जब कोरोना होने की ख़बर गयी अभी ख़ुदा ... Read more

ग़ज़ल

रुठा है कोई अपनी जिंदगानी से जीना चाहता है अब गुमनामी से करता करेंगे तन्हा इस जहां में बच गए गर लहरे सुनामी से अजीब कैफियत होती ... Read more

ग़ज़ल

असल हिन्दुस्तान तो गांव में रहता है शहर तो कब का इण्डिया बन गया है शैतान ही शैतान सरदार किसे चुने लम्हा-लम्हा पहेलियां बन गया है ... Read more

ग़ज़ल

पक्का यकीन हो तो वहम क्या करें शौहर गर हो नशें में बेगम क्या करें जाते -जाते सुनामी बरपा कर गये अब और वो जुलम क्या करते जीना तो... Read more

ग़ज़ल

बड़ी अजीब है ज़माने की फितरते दिल में दफन हो जाएं सारी हसरतें सेहतमंदो का तो बस राज़ है यही न छोड़ें कभीसुबह शाम की कसरतें जिन्द... Read more

मुक्तक

सुख के पल में इतराइए नहीं दुख के पल में घबराइए नहीं जिन्दगी रंगों से ख़ाली हो जाएगा अपनों को हर पल आजमाएं नहीं नूरफातिमा ... Read more

मुक्तक

कभी जीवन तो कभी खुशी खो जाता है जाने अंजाने आदमी से गलती हो जाता है वो एक मालिक और सुनता है सब की वो चुटकी में सुख दुःख के बीज बो... Read more

मुक्तक

मौत के मुंह से निकाला उसने मुझ से पापी को पाला उसने शुक्रिया करते मन नहीं थकता मुझ बेबस को सम्भाला उसने Read more

ग़ज़ल

दिल में तुफान आंखों में बरसात होती है जब भी गुज़रे ज़माने की बात होती है दुःख सुख तो आता जाता रहता है जैसे दिन के पिछे रात होती ह... Read more

दुआ भी चाहिए

मेहनत,लगन, रूपया के साथ दुआ भी चाहिए रोटी, कपड़ा, मकान के साथ हवा भी चाहिए पुराने संस्कारों को हम दिल में संजोए रहें पुराने रीति ... Read more

ग़ज़ल

कह रहे हैं कि कोई बात नहीं कोरोना का कोई इलाज नहीं महामरी तो ‌‌‌फैलती हीं जाय रब लोग बैठे घर में काम काज नहीं हाथ धोवे रखें खूबस... Read more

ग़ज़ल

कुदरत ने क्या इंतजाम किया घर में रहना सुबह-शाम किया गन्दगी तो अब भारत से चली कोरोनावायरस ने ये काम किया सारे भेद भाव मिटते नज़र ... Read more

मुक्तक

बस में नहीं है तकदीर किसी के कई तरह के रंग है जिन्दगी के दिल बेचैन हो तो कहीं करार नहीं ऐसे भी वक्त आते हैं आदमी के ... Read more

उम्मीदों का सूरज

उम्मीदों का सूरज जाने कब चमकेगा उदाशी का जमाना जाने कब बदलेगा मन घबराये राहत की राह न दिखे रब जिन्दगी बढ़ाने का हवा जाने कब चलेगा... Read more

चन्द लम्हों का साथ नहीं चाहिए

चन्द लम्हों का साथ नहीं चाहिए ऐसे हमसफ़र आज नहीं चाहिए जूगनूजो राहें दिखाते रहे हैं सदा वो हसीन माहताब नहीं चाहिए दिले रास आ गया... Read more

गुज़रे ज़माने को याद न करें

गुज़रे हुए ज़माने को याद न करें दिल की दुनिया में परवाज़ न करें कोई क्या समझेगा यारों हमें तुम्हें इन आंसुओ को यूं आज़ाद न करें ... Read more

ज़माने वालों ने मुझे ठुकराया बहुत

ज़माने ने मुझे ठुकराया बहुत जले हुए दिल को जलाया बहुत हम जिसके खातिर जिए मरे उसी ने मुझे रूलाया बहुत दर्द दिल में डूबे हुए कैसे ... Read more

मुक्तक

कभी आंखो की मरकज कभी किरकिरा हो गया महफ़िल में हंसना तनहाई में रोना सिलसिला हो गया किस कदर आया है तुफान जिन्दगी की राहों में "नूरी... Read more

हर दर्द की दवा रखता है वो

हर दर्द की दवा रखता है वो हर गुनाह को माफ़ करता है वो जब भी दिल टूटता है हमारा ज़ख्म को रहम कर भरता है वो शैतान के बहकावे में आ... Read more

मजबूरो की आह से बचिए

मजबूरो की आह से बचिए जिन्दगी में गुनाह से बचिए जिन्दगी में न लाएं तुफान ऐसे क़ौम बादशाह से बचिए खुशियों के बहाने ढुढते रहिए उदा... Read more

प्रकृति

कोरोनावायरस से सहमा सारा संसार है रहम कर खुदा ये तो एक परिवार है वो जमाना था लोग प्रकृति से डरते थे प्रकृति की सुरक्षा के लिए पूज... Read more

कभी छुप के जिए कभी घुट के जिए

कभी छुप के जिए कभी घुट के जिए कभी रो के जिए कभी टूट के जिए है बेचैनी बेकरारी का यह आलम कभी जल के जिए कभी बुझ के जिए ... Read more

जिन्दगी की गहराई में जाकर देखें

जिन्दगी की गहराई में जाकर देखें उम्मीदों के चिराग जलाकर देखें इतिहास फिर दुहराएगा खुद को गिरे हुए को एक बार उठाकर देखें मिटा देग... Read more

सूरज को पानी में डूबते देखा

सूरज को पानी में डूबते देखा जलती शमां को बुझते देखा घर टुटे तो क्या हुआ जब आदमी को ही टुटते देखा नूरफातिमा खातून "नूरी" Read more

दिल को मोम की तरह पिघलने न दीजिए

दिल को मोम की तरह पिघलने न दीजिए भरी महफ़िल में अश्क बहनें न दीजिए हालात को मुट्ठी में कैद कर लिजिए ज़माने को कुछ भी कहने न दीजिए... Read more

उम्मीदों का किरन बाकी है

उम्मीदों की किरन बाकी है ज़िन्दगी की पूरी फिल्म बाकी है हिम्मत न हारो ऐ शिक्षामित्रों अभी ख़ुदा का करम बाकी है ... Read more

पिता,पति फिर बेटा जीने का साधन होगा

पिता,पति फिर बेटा जीने का साधन होगा आज सास तो कल बहु का शासन होगा गरीबों के लिए आर ओ बासमती चावल कहां पीने के लिए नल खाने को क... Read more

अपने हालात का जिकर क्या करते

अपने हालात का जिकर क्या करते पल दो पल का सफर क्या करते तलाश करने लगे साये का यारों पसीने से तर-बतर क्या करते खॾॆ रहने को तो जगह ... Read more

उम्मीदों के अफीम खिलायेगे कब तक

उम्मीदों के अफीम खिलायेगे कब तक रेत पर आशियाना बनायेंगे कब तक मासूम बच्चे की तरह दुनिया मे यारो खिलौना देकर बहलायेगे कब तक हमेशा... Read more

उस्तादों का जहां भी सम्मान होता है

उस्तादों का जहां भी सम्मान होता है वहां का आम आदमी भी महान होता है सबके दिलो पर जो भी राज करता है असल ज़िन्दगी में वही धनवान होता... Read more

कुछ सामान बेचते हैं

कुछ सामान बेचते हैं कुछ दुकान बेचते हैं कुछ हालात के मारे अपना मकान बेचते हैं कुछ ऐसे अक्लमंद हैं किमती ज़ुबान बेचते हैं वक्त ... Read more

दिया से दिया जलाते रहिए

दिया से दिया को जलाते रहिए खुद हंसिए औरो को हंसाते रहिए नहीं फैले नफ़रतो के बादल मुहब्बतो के हवाएं बहाते रहिए औरों से ज़रा हट के... Read more

बेवफा का संगीन अंजाम नहीं होता

बेवफा का संगीन अंजाम नहीं होता मैं हवा हूं हवा का सही मुकाम नहीं होता दिल दुखाने से पहले सोचा होता टुटे दिल को जोड़ना आसान नहीं ह... Read more