मैं नीतिश कुमार सिंह गाजीपुर का मूल निवासी हूँ शिक्षा में मैं इलेक्ट्रिकल ब्रांच से पॉलिटेक्निक कर रहा हूं
लगभग तीन महीनों से लेखन करता हूँ।
मैं काव्य की सभी विधाओं में रचना करता हूँ
अभी किसी भी प्रकार की पुस्तक का प्रकाशन नहीं हुआ है
समर्क सूत्र – 7524815667
ईमेल – nitishsinghrajput0098@gmail.com

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वापस लौटा दे मेरा बचपन.....

क्या खूबसूरत था वो बचपन, न हमे उनका धर्म पता था न उन्हें हमारा मजहब, ऐसे पलटी बाजी जमाने की अब हम मिलते है भी कभी, वो हमसे मज... Read more

हा , मै चौकीदार बोल रहा हूं

हा जब तेरी जरूरत थी देश को, तू जुमलों की बरसात करता अब तुहि बड़ी आराम से कहता है मै चौकीदार बोल रहा हूं हा जब जवान होते थे शही... Read more

राजनीति और रिश्ते...

राजनीती का कमाल है ऐसा जीजा साले में होती है लड़ाई साले साहब का पोस्ट देखकर, जीजा भून- भून करता है सामने कभी पड़े नहीं, दोनो... Read more

लौट के आजा मेरे दादू....

कैसे भूल जाऊ मैं तुझे... तू बचपन का सहारा था जब जब अकेला पड़ा हूं मै तब तब साथ निभाता था... अब तू मुझसे दूर गया.. सारे सपने छ... Read more

वरना तेरा वजूद मिट जाएगा.....

ख़्याल रखा कर ये ग़ालिब उन तमाम शिल्पकारों का..... जो तेरे महफूज़ होने कि दुआ करते है वरना तेरा वजूद मिट जाएगा..... Read more

राजनीतिक रोटी खाते है......

इनकी बोली इनका काम... कभी न करे सही से काम ये हमको उलझाते है.... राजनीतिक रोटी खाते है हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई... ये आपस में ल... Read more

हम मंदिर वहीं बनाएंगे.....

उठा नशा है मंदिर का... इसे बेकार न जाने देंगे उठा कदम है आगे को... हम लौट के पीछे न आएंगे हमने भी मन में ठाना है कूच करेंगे... Read more

कभी खुशी कभी हम....

कभी खुशी कभी हम... ये ज़िन्दगी की रीत है कभी हस्ना कभी रोना... हम सब की रीत है अगर दुख न होता तो प्रभु तुझे याद कौन करता... ... Read more

मैडम! जब आप बताती है......

जब आप पढ़ाती हैं तो हम खूब पढ़ते हैं आपके जाने के बाद हम खूब लड़ते हैं आपके बताए हुए कंसेप्ट पे हम खूब हस... Read more

हे प्रभु करदे इनका भी उधार.....

देखा न कभी तूजको मैंने माथे रोज टेकाता हूं.... ये प्रभु सुन ले कभी मेरी भी... पावन सी कृपा करदे मुजपे अंधे लुले भी करते है तेर... Read more

बस तू दे देना साथ मेरा..

गुलशन की खुशियां बिखेरने आया हूं...... पर्यावरण को स्वच्छ बनाने आया हूं ...... बस तू दे देना साथ मेरा मैं दुनिया को स्वच्छ बनान... Read more

अम्बर का सीना चीर बरस...

ए सावन के नीर सरस... तू वीर बरस तू नीर बरस.... अम्बर का सीना चीर बरस। प्यासी माटी प्यासा सावन खग, खेती का है आव्हान... विप्ल... Read more

सोच समझ कर करे मतदान.....

सोच समझ कर करे मतदान चूक न जाना बिक न जाना अधीकारो का कर उपयोग सोच समझ कर करे मतदान दारू बीड़ी के चक्कर में अधिकारो को भूल न... Read more

पापा! जरा बता देते मेरे खुशियों पीछे का राज....

पापा! मै क्या लिखूं तुमसा अच्छा इस जग में.... शायद न मिले कोई अम्बर सा तुम मूजपर... छाय किए हर दम अपने घुट घुट कर... खुशी ... Read more

प्रेम जाल में फसा के मुजको....

प्रेम किया था तुझसे जो.... तू अनपढ सा मचल गई नैन मटका किया जो तुझसे.... आखिर तुजको भाया न प्रेम जाल में फसा के मुजको.... अं... Read more

अब बाते नहीं होती...

अब बाते नहीं होती... अब वो राते नहीं होती जब हम बाते करते थे अब वो राते नहीं होती लेखक - कुंवर नितीश सिंह Read more

तुम ही बोलो भारत मां....

क्या लिख दू ये भारत मां.... अपनी अल्फाजों में भूखे नंगे मिलेगे... हर कोने गलियारों में मंदिर मस्जिद में देखा है... सोने की चा... Read more

समय ठहर-ठहर सा गया

आवाजे रुकी-रुकी सी है... चेहरा छुका-छुका सा है बाते ठहरी-ठहरी सी है अब रहना न किसी के साथ........ समय बदल गया ऐसा... आशा नहीं... Read more

अब वो भी जूठे लगते है...

जिस कलम की स्याही से... लिखता था मैं तेरा नाम ऐसी नफरत हुई कलम से.... अब लगता सब जूठा है जब से दूर हुई है तू..... सारे सपने ज... Read more

ये माथे पे तांडव करते है..

इन जयचंदो को सिखलाना है...... इनको इनकी औकात बतलाना है हम जबसे शांत बैठे है.... ये माथे पे तांडव करते है कहदो ये बंद करे ये नौ... Read more

अखंड भारत का निर्माण करो...

सब कहते है वीर हो तुम... छपन इंची छाती है करके चौड़ी छाती अपनी.... अखंड भारत का निर्माण करो। भगवा बांध के सर पे.... भारत का ... Read more

प्रभु का रीत कहा तुम जानो

प्रभु की रीत कहा तुम जानो... दुख आवे तो करो गुणगान सुख आवे तो गए भुलाए... प्रभु की रीत कहा तुम जानो मन में कुंठा लिए फिरे.... ... Read more

राम प्रभु अयोध्या के..

थे राम प्रभु अयोध्या के... पड़े है घर में तम्बू में राम प्रभु का लेने पर .... हम भाजपाई कहलाते है 90 करोड़ हिंदू के मन में...... Read more

आशा न टूटे ऐसी

आशा न टूटे ऐसी....... बाते न रूठे ऐसी हम तुम बात न करते अब.... आलीशान महल में बैठे है हम न हो सके तेरे.... न तू हो सकी मेरी ... Read more

राम मंदिर वहीं बनाएंगे

राम सा न कोई जग में.... वो पुरुषोतम कहलाते थे आज उन्हें अपने ही घर में... तम्बू में रहना पड़ता है उनसा मर्यादा पुरोषतम्... न ... Read more

मां तू भगवान की मूरत है

मां तू भगवान की मूरत है तू मेरे लिए सबसे खूबसूरत है जब तुजसे दूर जाता हूं मैं तू बैठ कर इन्तज़ार करती... तू राह ऐसे निहारती ... Read more