पूरा नाम :- डॉ.निशा माथुर
वर्तमान/स्थायी पता:-बी-12, सेन कॉलोनी, पावर हाउस रोड, रेलवे स्टेशन, Jaipur302006
फोन नं/वाटस एप नं ई मेल:- 8952874359, mathurnisha1@gmail.com
शिक्षा :- एम. ए. लोक प्रशासन & Business Administration from AIIMS
जनम :-6 अप्रेल,रूचि -:-Kavya srajan, गायन, नृत्य, पेंटिंग्स -सभी क्षेत्रो मे अवॉर्ड

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तुम इतना जो मुस्कराती हो,

तुम इतना जो मुस्कराती हो, तुम हरदम इतना जो बिंदास मुस्कराती हो, लगता है खुद से कहीं खुद को चुराती हो। शेफालिका के फूल सी न... Read more

कुछ गङबङ है!!

कुछ गङबङ है!! देख रही हूं कुछ गङबङ है ये बेचैनी और ये हङबङ है!! मौहब्बत नयी दिखे,है जालिम बोली में भी तेरे खङखङ है!! बद... Read more

कैसे तुम बिन

कैसे तुम बिन कैसे तुम बिन चैन धरूँ पिया, कैसे धङकते मन को समझाऊँ, छलक रही नैनों की गगरीया, कैसे ये गीत विरह का गाऊँ। आंग... Read more

कुनमुनी नींदे!!

कुनमुनी नींदे ना जाने किस ख्याल में खोयी हुई, पलकों पे नाचती सी कुनमुनी नींदे!! तेरी यादों की मखमली चादर ओढी हुई दिल में झाँ... Read more

एक कमरे की जिन्दगी!!!

एक कमरे की जिन्दगी!!! एक कमरे में बसर करती ये जिन्दगी जाने कहां कब क्यूं खत्म होती जिन्दगी!! खिलखिलाते से बचपन लिये खिलती ... Read more

ये इत्र सी स्त्रियां !!

ये इत्र सी स्त्रियां !! (विधा- छंदमुक्त स्वतंत्र ) ये इत्र सी स्त्रियां !! महकाती फुलवारियां, रूह रूह कोने कोने, चहकती ज़ि... Read more

घूँघट पट से नयन झांकती

घूँघट पट से नयन झांकती (विधा- छंदमुक्त स्वतंत्र)) जब चांदनी मेरी छत पे पिघले पूनम का चांद मचलता हो, जब बरखा रानी बिजुरी को छेङ... Read more

छोटी सी बच्ची बन जाऊं!!

छोटी सी बच्ची बन जाऊं!! (विधा- छंदमुक्त स्वतंत्र ) कभी कभी दिल करता है छोटी सी बच्ची बन जाऊं छोङ तमाशा दुनियादारी का मां के... Read more

ऐ दिल जरा बचपन की गलियों से गुजर आऊं!!

ऐ दिल जरा बचपन की गलियों से गुजर आऊं!! (विधा- छंदमुक्त स्वतंत्र)) ऐ दिल जरा बचपन की गलियों से गुजर आऊं गरमी की छुटियों को तगङे ... Read more

औरत

औरत ----(विधा- छंदमुक्त स्वतंत्र) कैसे?औरत का घर के हर, कोने कोने में बसता है जीव। ख्वाबों की शालो को जीवन भर, उधेङता बुनता है जी... Read more

प्राण निमंत्रण

प्राण निमंत्रण चाँद तू कुछ और निखर, अपनी चंद्रिका पे इनायत कर, उर बीच पनार के छालों को, हाथों पे सजाकर रक्खा है। प्राण का फाग... Read more

तीये की बैठक

"तीये की बैठक" तथागत का हंसता सा चित्र पुष्प हारों से हो रहा सुवासित कोविद, आगन्तुक सभी उपस्थित अब होगा गरूण पुराण वाचित!! पर... Read more

एक कमरे की जिन्दगी!!!

एक कमरे की जिन्दगी!!! एक कमरे में बसर करती ये जिन्दगी जाने कहां कब क्यूं खत्म होती जिन्दगी!! खिलखिलाते से बचपन लिये खिलती ... Read more

साँस साँस चंदन हो गयी

साँस साँस चंदन हो गयी मैं! नीर भरी कुंज लतिका सी साँस साँस महकी चंदन हो गयी छुई अनछुई नवेली कृतिका सी पिय से लिपटन भुजंग हो... Read more

होठो की बंसी

होठो की बंसी तू ही माला, तू ही मंतर, तू ही पूजा, तू ही मनका का कहूं के, मेरी धड़कन पे गंगाजल सी प्रीत लिखूं। तू है मधुबन में,... Read more

हाय! खोखली तालियां!!!!

हाय! खोखली तालियां!!!! अलसवेरे ढोलक की थाप, नौबत बधाईयां सुरों की सप्तक संग, और संगीत में रूबाईयां किन्नरों की किस्मत में, कै... Read more

सफेद साङी

अवसान के समय स्वरमय पहना दिया सफेद कफन सभला दी गयी बंदिशो और प्रथाओं की ढेरों चाबियां जिस सिन्दूरी रिश्ते को वो मनुहार से जीती आयी... Read more

गर्भिणी

वो तिल तिल, तन मन से हार दौङती, गर्भिणी! चिंतातुर सी, बढता उदर लिये! झेलती चुभते शूल भरे अपनों के ताने, भोर प्रथम पहर उठती ढेरों ... Read more

काहे को ब्याहे महतारी ?

सौंधी माटी की खुश्बू को यूं चाक चाक ढल जाने दो, छोटी सी कच्ची है गगरिया, तन को तो पक जाने दो। मधु स्मृतियों के बीच पनपते बचपन को ख... Read more