विधा- कहानी,कविता,समसामयिक लेख,संस्मरण | आकाशवाणी से निरंतर रचना पाठ, एक कविता पाठ्यक्रम में, एक साँझा संग्रह का संपादन, साहित्यिक त्रैमासिकी में उपसंपादक, महिला कल्याणकारी संस्था में सक्रिय | निवास – बुलंदशहर (उप्र)

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ऐली

“ऐली” उस दिन इंटेरनेट पर एक दूसरे को सूचित कर सब पुराने सहपाठी दिल्ली यूनिवर्सिटी में एकत्र होने वाले थे । धीरेन्द्र तयशुदा स्थान ... Read more

"सिर्फ काली लड़कियां"

।।सिर्फ़ काली लड़कियां ।। - निर्देश निधि “सिर्फ काली लड़कियां” मेरी प्यारी बहन अन्नी आज तुझे हमसे बिछड़े हुए पूरे अट्ठाईस बरस ... Read more

"लावण्या एक विजेता ?"

लावण्या एक विजेता ? ------------------ उस दिन लावण्या मैडम जी ने अपने अंगरक्षक बलदेव को अपने घर उसका हिसाब चुकता करने के लिए बुला... Read more