NIRA Rani

Joined August 2016

साधारण सी ग्रहणी हूं ..इलाहाबाद युनिवर्सिटी से अंग्रेजी मे स्नातक हूं
.बस भावनाओ मे भीगे लभ्जो को अल्फाज देने की कोशिश करती हूं …साहित्यिक परिचय बस इतना की हिन्दी पसंद है..हिन्दी कविता एवं लेख लिखने का प्रयास करती हूं..

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सशक्त होती आज की नारी

NIRA Rani लेख Oct 12, 2016
स्वयं की शक्ति को संगठित कर सशक्त होती आज की नारी .... संस्कारो मे नही दायित्वो मे लिपटी है आज की नारी .दायित्व निर्वाह मे अगर्... Read more

सिमटती दुनिया बिखरता परिवार

NIRA Rani लेख Aug 23, 2016
सिमटती दुनिया बिखरता परिवार वातावरण मे नेट (इंटरनेट) का जाल और मस्तिष्क मे माया जाल ,दिग्भ्रमित होती युवा पीढी ,और विलुप्त होती भार... Read more