तू रोना सीख!!

कविता/निमाई प्रधान'क्षितिज' *तू रोना सीख !!* ~~~•●•~~~ तू ! रोना सीख । अपनी कुंठाओं को बहा दे... शांति की जलधि में अ... Read more

याद

सांसें! ज़रा आहिस्ता बहना ! वो जब याद आती है न , तुम्हारी ज़रूरतें भूल जाता हूँ मैं ।। -@निमाई प्रधान'क्षितिज' Read more

अभिलाषा/कविता/निमाई प्रधान'क्षितिज'

"अभिलाषा" ~~•●•~~ भेदभाव समूल मिट जाए जगत् से हो ऐसी हम सबकी अभिलाषा !! मानव-मानव में रक्ताणु एक-से हैं जीवंतता के परमाणु ए... Read more

एकांत/हाइकु/निमाई प्रधान'क्षितिज'

एकांत/हाइकु/निमाई प्रधान'क्षितिज' -------------------------------------------- [१] मेरा एकांत सहचर-सर्जक उर्वर प्रांत! ... Read more

कोहरा/हाइकु/निमाई प्रधान'क्षितिज'

*हाइकु त्रयी* ~~~●~~~ [१] कोहरा घना जंगल है दुबका दूर क्षितिज! [२] कोहरा ढांपे न दिखे कुछ पार ओझल ताल [३] हाथ रग... Read more

पत्र/ताँका/निमाई प्रधान'क्षितिज'

"तांका" •••••• [१] अंतिम विदा ! अश्रुओं की तपन गुलाबी सांझ हमारे प्रेम पत्र स्पंदित हैं आज भी!! [२] पायल बजी या... Read more

कृषक,फसल/हाइकु/निमाई प्रधान'क्षितिज'

[१] कृषक रुष्ट बचा आख़िरी रास्ता क्रांति का रुख़ [२] दुःखी किसान सूखे खेत हैं सारे चिंता-वितान [३] जय किसान न क... Read more