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बताओ आकाश

सुना था, फलक सारे सितारों का घर है चाहे, कोई चटकीला हो या मद्दम सितारा चाहे, वह झुंड मे झिलमिल बहती आकाशगंगा हो या एकांकी ध्... Read more

ग़ज़ल

तुरपने याद की, यूँ सिये जाते हैं कुछ नहीं और,तो जिये जाते हैं राब्ता ही किसी से जरूरी तो नहीं यूँ भी सबसे दुआ सलाम किए जाते है... Read more

ग़ज़ल

बाहर से सब सुनहरा है भीतर दुख इक गहरा है..... महफिल महफिल हँसता जो दिल मे लेकर सहरा है......... बदन उमर की गाड़ी से निकला ... Read more

ग़ज़ल

बेसुकूनी, बेक़रारी ब-अदब बख़्शा जिन्दगी तूने हमे क्या न हक़ बख़्शा --------------------------- मेरी आज़ादी है मानिन्द उस परिन्द... Read more