शब्दों से प्यार करता हूँ लिखने का शौक रखता हूँ…

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हिंद की माटी......

हिंद की माटी से बना माटी मे मिल जाऊंगा माँ भारती की खातिर मर मिट भी जाऊंगा धरती माँ का आँचल अपने लहू से भीगा जाऊंगा बुरी नजर रखने... Read more

.....

भूला तो नही होगा तू अभी कल की ही तो बात थी घर मे घुसकर मारा था तूझे बचा ले तू खुद को इतनी भी तेरी तो औकात नही थी हिंद की आग को... Read more

स्त्री ने ही जन्म दिया.....

स्त्री ने ही जन्म दिया स्त्री ने ही पालन पोषण किया स्त्री ने ही दिया प्यार सहकर तिरस्कार जीवन भर हर मोड़ पर निभाया साथ फिर भी ह... Read more

नेता जी......

नेता जी आजकल थोड़े ज्यादा व्यस्त हैं क्या करें इस रुट की सभी लाइनें सुस्त हैं पाँच वर्ष बीत जाने दो सब दुर्सुत करेगें फिर तो आपके... Read more

शब्द महल......

शब्दों का महल बनाना है मजबूत नीव रख एक आधार बनाना है दिल से दिल तक पहुँच इक सुंदर संसार बनाना है लिख लिख कर शब्द अपने एक मुकाम... Read more

न मै राम न मै रावण......

न मै राम न मै रावण न ही हूँ मै श्रावण कलयुग का इंसान हूँ हाँ जी मै बेईमान हूँ हमेशा दूजे पे ऊँगल उठाता खुद की तरफ हैं जो चार ऊ... Read more

गणतंत्र दिवस.......

अपने तिरंगे को सलाम वीर जवानों को प्रणाम शत शत नमन करता हूँ उन सबको जो हो गए हैं देश की माटी पे कुर्बान गणतंत्र का आया उत्सव ... Read more

हम पढ़े लिखे थोड़े कम है.......

हम पढ़े लिखे थोड़े कम है इसलिए जीवन मे मिर्च मसाले थोड़े कम है पर उपर वाले का कर्म है दुआ मे उससे मांगते रहम है ए मेरे खुदा अपनी... Read more

नव वर्ष...

न्यू वाली नही इसमे कोई बात है बदलना कैलेंडर को हर साल है हिंदी महीनों के हिसाब से तो अपना नव वर्ष कुछ समय पश्चात है लेकिन हम ठहर... Read more

सर्द होती ये रातें.....

सर्द होती ये रातें कोई ओडे़ कंबल कोई आग है तापे जाड़े से बचने हेतू ओड के लिहाफ रुम हिटर है चलाए जो थोड़ा संपन्न है वह शरीर क... Read more

ये जिंदगी सिगरेट के जैसी है.....

ये जिंदगी सिगरेट के जैसी है समय उसको ऐसे पीता है कि सुख धुँआ और गम राख मे तबदील हो जाता है सुखी धुँए की तरह हवा मे उड़ता है एंव ... Read more

नाराज न होना अंदाज न खोना.......

नाराज न होना अंदाज न खोना कुछ पाने के लिए बेहिसाब न रोना अधूरा बेशक रहे जाए दिल का कोना फिर भी साहेब आप जमीर मत खोना हर अंधेरी र... Read more

एक नारी होना गुनाह है क्या......

इक नारी होना गुनाह है अपने बारे मे सोचना गुनाह है या फिर जीना ही गुनाह है...... क्यों हमें अपने जज्बातों को मारना पड़ता है क्यो... Read more

ओह चुनाव आ गए.....

ओह चुनाव आ गए अरे बाबा ये तो दिन कमाल आ गए हो हल्ला फिर से मचेगा आरोप प्रत्यारोप का दौर चलेगा प्रत्याशी इक दूजे की उड़ाएगें ज... Read more

मेरे शब्द.....

अक्सर जब खुद से दूर जाता हूँ तो लिख लेता हूँ खुद को समेटकर फिर वापस वहीं पाता हूँ कुछ ख़्वाब बुन लेता हूँ कभी तो छला जाता हूँ... Read more

यूं ही तेरा आना जाना.....

वो तेरा यूं ही मिलना मिल के फिर बिछड़ना सांसों मे मेरी घुल जाना लबों पे तेरा नाम आना लगता है सब कुछ पुराना काश न आती तू ऐसे तो... Read more

वो अंजान....

मासूम सा था नादान सा था वो इश्क हैरान परेशान सा था चेहरे पर लटकती थी जो जुल्फें लगता उससे वो बेईमान सा था वो जो कच्ची उमर का इश्... Read more

राम मंदिर....

राम मंदिर बना लो अयोध्या को सजा लो भेजा है राम को जो वनवास साहब उनको भी तो वापस बुला लो मंदिर मे तो सदियों से रहते आए भगवान अ... Read more

इश्क बदनाम हुआ......

इक रोज इश्क बदनाम हुआ भरी महफिल सरे आम हुआ सफेद पोशाक पहन के भी रंगीन उनका मिजाज हुआ गली गली चल रहे किस्से थे बाँट दिए मोहब्बत ... Read more

भूख....

वो चोर नही था खुद की बेबसी पर उसका जोर नही था वो आनाथ था इसलिए समाज मे भी उसका कोई और नही था लाचारी का मारा था छोटा सा बालक वो... Read more

आम आदमी....

आम आदमी की मांग रोटी कपड़ा और मकान नही बेचना चाहता कोई अपना ईमान हर कोई चाहता है सम्मान..... लालच का ये ऐसा खेल दिखाते आम आदम... Read more

किसी के दिल के अल्फाज.......

किसी की चाहत अल्फाजों मे लिख रहा हूँ शायद मै उसके जज्बातों को समझ रहा हूँ किसी को किसी के लिए तरसते देखा है आँखों से उसकी आँसूओं... Read more

बनारसी इश्क......

मै हो गया बनारस तू मुझमे अस्सी घाट सी बसती है घूमता फिरता हूँ तुझमे हर तरफ तू ही तू दिखती है गंगा घाट है तू मेरा जिस मे लगा क... Read more

बाल दिवस.....

नन्ही आँखें बड़े सपने आस पड़ोसी सब लगते थे अपने सच्चा मन भोली सूरत करते थे मासुमियत से शरारत भरी हरकत बचपन था कितना सुहाना न... Read more

भूखे को रोटी का निवाला दे दो......

किसी भूखे को रोटी का निवाला दे दो किसी गरीब को शिक्षा का उजियारा दे दो हो अगर काबिल तो किसी को सहारा दे दो छत और वस्त्र नही है जि... Read more

दोस्त दोस्त.......

वो दोस्त दोस्त करते रहे हम उनकी खुशीयों के वास्ते मरते रहे काश दोस्ती का सिलसिला यूँही चलता ए मेरे दोस्त तू कभी न मुझसे बिछडता व... Read more

ईश्वर.......

ईश्वर..... अंजान की आँखों से लगातार आँसू बहे जा रहे थे....... एक छोटी बच्ची के चेहरे पर मुस्कान थी...... क्योंकि वह ईश्वर और... Read more

माँ....

माँ..... जिसने मुझको जन्म दिया बड़े ही प्यार दुलार से मेरा पालन पोषण किया मेरी नटखट शैतानियों को भी नजरअंदाज कर मुस्कुरा दिय... Read more

न तहज़ीब है न तमीज है........

न तहज़ीब है न तमीज है बड़े दिल फेंक और बदतमीज है जिंदगी के समुद्र में गोता लगा रहे हैं परायों से अंजान रिश्ता निभा रहे हैं ... Read more

लड़ लेंगे तुझसे ए जिंदगी......

लड़ लेंगे तुझसे ए जिंदगी आँखों में आँखें डाल के रजा मंजूर हो न हो जंग के लिए ललकार है करती रही दगा तू मुझसे हर मोड पे तेरी दु... Read more

ऐ दोस्त मेरे...

ए दोस्त मेरे कब से था इंतजार तेरा आ बैठ ये घर है तेरा मुझको न थी खबर तेरे आने की मिलने को तुझसे बेचैन है दिल मेरा कब मिलेंगे को... Read more

ये दीपावली ऐसी सोच वाली.....

दीपावली आ गई है और हर साल की तरह इस वर्ष भी लोग इस बहस मे लगे हुए है कि पटाखे नही छोड़ो कोई कह रहा है कि क्यों नही छोड़ो लेकिन कुछ ... Read more

हरि हरि की माला...

जो हरि हरि की माला जपते पकड़े गए नाबालिगों का शोषण और दुराचार करते बने बैठे हैं ये जो धर्म के ठेकेदार लूट लेते अपने ही लोगों की ... Read more

सीने मे दबाए बैठे हैं.....

सीने मे दबाए बैठे थे गम को भुलाए बैठे थे खुद को समझाए रहते थे बस हर दिन हर पल यही कहते थे गुजर जाएगें ये दिन भी जो मेरे न थे ... Read more

स्त्री....

स्त्री ही परम सत्य है उससे ही जगत है ज्ञान की देवी भी एक नारी है सृष्टि सृजन मे अहम भूमिका तुम्हारी है कण कण मे अंश स्त्री का है... Read more

न तू गलत न मै सही.......

न तू गलत न मै सही ये तो वक्त की साजिशें थी कि दूरियां हो गई..... गलतफहमी का धुँआ जब छटेगा तब सब कुछ साफ साफ दिखेगा और फिर म... Read more

नारी और नर.....

नारी और नर जैसे लहरे और समंदर क्या है इनमे अंतर कोई ये बताए क्यों इनमे भेद जताए जब होता दोनो का संगम सृष्टि मे एक नया शिशु लेत... Read more

न मै मंदिर मे......

न मै मंदिर मे हूँ न मै मस्जिद मे हूँ न किसी चौराहे पे न किसी चौबारे पे हूँ फुर्सत से देख ए बंदे मै तेरी मन की दीवारों मे हूँ ... Read more

न वफा मिली न वफादार रहे....

न वफा मिली न वफादार रहे जिंदगी तेरा हर पल शुक्रगुज़ार रहे तू पल पल मुझको सिखाती रही रंग लोगों के दिखाती रही........... वक्त का... Read more

यौवन को बचा के रखा......

यौवन को बचा के रखा सबसे छुपा के रखा कतरा कतरा इश्क मे भीगा सा तेरा हर लम्हा होंठों पे तेरे मुस्कान है दिल मे मचा तूफान है पल प... Read more

वो बचपन..........

वो अल्हड़ पन वो मस्ती वो बचपन की बस्ती किताबों मे खोई सी थी वो मासूम सी हस्ती क्या हसीन थी वो यादों की कश्ती........ वो स्कू... Read more

सब की दिवाली....

न ये तेरी न ये मेरी ये सब की दिवाली है ये अंधकार पर प्रकाश के पर्व वाली है यह सबके साथ मिलकर बनाने वाली है अंधेरा है जिस गर... Read more

आली रे आली ये दिवाली....

आली रे आली ये दिवाली नही है अब ये दिलवाली होंठों पे फरेबी मुस्कान और जेब है खाली पटाखो की जगह अब बजा रहे हैं हाथों से ताली वा... Read more