मुझे लेखन में रुचि है।लेख लघुकथा मुक्तक कविताएँ नज्म ग़ज़ल लिखती हूँ।आप मेरा फेसबुक पटल पढ़ सकते हैं।

Books:
अनेक साझा काव्य
एकल काव्य “अनकहे जज्बात”

Awards:
साहित्य संगम और आगमन संस्था द्वारा सम्मानित।आगमन संस्था दिल्ली प्रदेश सचिव।

Copy link to share

मुक्तक

मेरी आंखों को पढ़ लो तुम बड़ी ही उदास रहती हैं ,, तेरी उल्फत में दिन ओ रात यूं ही चुपचाप बहती हैं ,, तूझसे दूर रहकर अब गुज़ारा ह... Read more

आस की भोर

आस की भोर मुझे बनना है बनके किरणें मुझे बिखरना है डूबते चाँद की हसरत छोड़ी उगते सूरज के साथ चलना है। निध... Read more