मुझे लेखन में रुचि है।लेख लघुकथा मुक्तक कविताएँ नज्म ग़ज़ल लिखती हूँ।आप मेरा फेसबुक पटल पढ़ सकते हैं।

Books:
अनेक साझा काव्य
एकल काव्य “अनकहे जज्बात”

Awards:
साहित्य संगम और आगमन संस्था द्वारा सम्मानित।आगमन संस्था दिल्ली प्रदेश सचिव।

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कालू मामा

मोटी मोटी तोंद को पकड़े कालू मामा कितने तगड़े ताव मुछों को देते रहते बिन बात पर कैसे बिगड़े मामी पर गुर्राते रहते मामी भागी आतीं ... Read more

माँ

**** सुखद और सुंदर एहसासों की जीती जागती तस्वीर है माँ " कितना पवित्र और पाक .. .सा रिश्ता...है ना . माँ और उसके अंश का.. ... Read more

नमी बेबसी की

आँखों में नमीं बेबसी की है या .. कमीं तेरी चाहत की है... यूँ लम्हा लम्हा पिघल कर हम... ... खामोश जिए जाते हैं.... लगी दिल की जीन... Read more

हाइकू

******** हर्षित मन पाकर है गर्वित प्रेम सफल! ************* Read more

तुम आ जाओ

कभी ऐसा ना हो अजनबी राहों में कहीं खो जाओ। मुकद्दर से चुराया है तुम्हें.. अनजान किस्से सा भूलकर समय सा न कहीं हो जाओ। अँधेरा ... Read more

आशीष

आशीष माँ तेरा ही था.. लेखनी को जो मेरी बल मिला.... अल्फाज उभरे जेहन में ऐसे.... नित नया आयाम मिला ... सम्बल मिला....ऐसा मुझे..... Read more

मुक्तक

मेरी आंखों को पढ़ लो तुम बड़ी ही उदास रहती हैं ,, तेरी उल्फत में दिन ओ रात यूं ही चुपचाप बहती हैं ,, तूझसे दूर रहकर अब गुज़ारा ह... Read more

दोहा

निर्मल मन में रोज ही, आते नवल विचार, प्रभु चरणों में बैठकर, मिले वही पर सार।। निधि भार्गव Read more

पेड़

मत छीनों मुझसे हरियाली मेरी छाया सबको प्यारी रो रो कर मैं रूदन हूँ करता वार कुल्हाड़ी का जब पड़ता मेरे कष्ट का मर्म भी समझो इस ... Read more

दोहा

रोज-रोज मैं देखूँ सपने, होते नहीं साकार, नींद ऐसी सौतन है, डाले खलल हजार।। निधि भार्गव Read more

कविता

रात के कदमों में झाँझर मत बाँधना दबे पांव आने दो नींद में जो खोए हैं ना ख्वाब मेरे रूनझुन से उनकी कहीं जाग ना जाएं मन अवचेतन स... Read more

"मैं तुम्हारी हूँ"

कभी मेरी खातिर कितने स्वप्न पलकों की गलियों में संजोए थे तुमने वो स्वर्णिम एहसास कि..तुम मेरे हो,और मैं तुम्हारी,कितने ही सु... Read more

आखिर कब तक

#अब #हर #माँ #की #व्यथा--- ************** पार्वती आक्रोश से भरी हुई बरतनों पर अपना गुस्सा उतार रही थी।जोर जो... Read more

अक्स

अक्स तेरा मुझे जानिब तेरी यूँ करता है। तीरगी चीर के जैसे उजाला बिखरता है। मेरे नैना तेरी तस्वीर को तरसते हैं। मेरे जज़्बात तेरी च... Read more

ग़ज़ल

हर कदम पर ख़ता करे कोई । ज़ुल्म सहके दुआ करे कोई । दिल्लगी ने तो दिल तोड़ दिया , अब प्यार से अदा करे कोई । है आजकल बेवफ़ाई का... Read more

गीत

वियोग व्योम सा विस्तृत होकर मन की धरती को है घेरे। आस लगी है जिस जिस जन से खड़े हुए हैं आंखे फेरे। तुम पर अवलंबित गीत लिखे जो क्या ... Read more

देह हूँ मैं

हाँ देह हूँ मैं.... मुझे भी लगती है भूख औ प्यास... जली हूँ कभी मैं... विरह अगन में.. कभी शीतल ब्यार मुझे डसती है...... बड़ी ... Read more

दर्द के हिस्से

दर्द के भी अनगिनत हिस्से होते हैं... जाने कितने दबे सहमें किस्से होते हैं दिल में यादों का तूफान लिए कितनी ही मुस्कुराहटें छुपक... Read more

ग़ज़ल

********************* दिल ने मेरे , तेरे दिल को पैग़ाम भेजा है । नज़रों ने मेरी , तेरी नज़रों को सलाम भेजा है । *****************... Read more

लफ्ज़ों की गहराई

लफ्ज़ों की गहराई में जाना कभी.. लाखों उम्मीदें और भावनाएँ मिलेंगी मरी... सोच से परे होंगे ख्याल...और सिर्फ अंदर तक होगी नमी ही नम... Read more

मानवता

भाव नि:स्वार्थ दिलों में लेकर... करो सेवा मानवता की दीन हीन को ना कभी धिक्कारो प्रतिपल है उन्हें आवश्यकता भी ... दोगे जो, वो ही ... Read more

गुफ्तगू वो रात की

गुफ्तगू वो रात की पहली मुलाकात की छुअन वो हवाओं की मधुर तेरे साथ की बेसाख्ता पुकारतीं रहीं मुझे वो एक आस सी वो वादियाँ गुलाब क... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल इस हिज्र के मौसम में तूफान उठाने को तुम याद बहुत आए हलचल सी मचाने को। इक घर की जुस्तजू में ये क़ब्र पाई हमने दो... Read more

यादें

आजकल ना जाने क्यूँ तुम्हारी कमी खलती है बहुत... बंद दरवाज़ो में तुम्हारी यादें सिसकती है बहुत... ख्वाहिश हैं मेरी , मैं बनूँ ... Read more

मनमानियाँ इश्क की

उफ्फ ये मनमानियाँ इश्क की... तुझसे ही मिली रूमानियाँ इश्क की.... तेरी खुमारी के साए में जीती हूँ... उफ्फ ये बेकरारियाँ इश्क की...... Read more

मैं नहीं भटकती

मैं नही भटकती मेरे अरमान भटकते हैं... नियति की स्याह चादर ओड़े दर्द में देखो कितना तड़पते हैं भयावह अँधेरी रातों में मरहम तो सि... Read more

ग़ज़ल

कर्ज था कोई जो उतार आए जिंदगी तुझको हम गुज़ार आए। हमने तो कोई भी खता ना की दर्र जितने मिले उधार आए। हम भी शिकवे गिले भुला दे... Read more

विदाई

स्मृति सारे घर को भीगी आँखों से निहार रही थी। ऐसे देख रही थी जैसे पता नहीं कभी लौटना होगा भी या नहीं।मैंने कहा.चल स्मृति नीचे सब इंत... Read more

आस की भोर

आस की भोर मुझे बनना है बनके किरणें मुझे बिखरना है डूबते चाँद की हसरत छोड़ी उगते सूरज के साथ चलना है। निध... Read more

आभासी दुनियाँ

ये सच है.... तुम हो.... मुझमें कहीं... यथार्थ से , आभासी दुनियाँ का द्वंद झेला है मैंने.... लगातार कितने दिनों उलझते प्र... Read more

थोड़ा सा दिन

थोड़ा सा दिन बचा कर रखा है तुम्हारे लिए.... आओगे न तुम? खुले किवाड़ को तकती मेरी व्याकुल निगाहें आतुर हैं वो पदचाप सुनने के ल... Read more

रज़ा में दिन गुजारिए।

कब तलक करोगे शिकवा यूं ज़िंदगी से अब तो रजा में इसकी ही दिन गुजारिए * * हूँ कब से यूं खड़ी मैं दिल थाम कर के अपना अब छोड़ कर गम... Read more

"पीली सी धूप"

पीली सी धूप पहनकर जो इठलाई थी मन के आँगन में वो तुम ही थी न? मेरे कानों में गूँजते तुम्हारी झाँझर के स्वरों ने देखो कितन... Read more

"कटु सत्य"

जीवन के कटु सत्यों ने बहुत तड़पाया है.... सोचती हूँ तो रूह काँप सी जाती है... सांसें सीने में घुट जाती है... जब भी याद आतें हैं व... Read more

ग़ज़ल

ग़ज़ल दिल अगर मचले तो जज़्बात लिखने लगती हूँ आँख रोती हैं तो आघात लिखने लगती हूँ रोज़ दिखलाती है जादूगरी क़लम मेरी चंद अल्फ़... Read more