Neha

Khairthal

Joined November 2018

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परिवर्तन

Neha कविता May 29, 2020
तम के गहरे बादलों ने घेरा है आज निराशा ने डाला यहां डेरा है थम गयी ज़िन्दगी कैसी ज्वाला है हर तम के बाद नया सवेरा है आधुनि... Read more

माँ से ही सब कुछ

Neha कविता May 10, 2020
माँ से हर अहसास हमारा आत्मीयता भी माँ से हमारी इच्छा पूरी सब कर देती माँ हमारी माँ मैं दिखती ईश्वर की मूरत उम्मीद की किरण घने... Read more

वीर महाराणा प्रताप

भारत भूमि की शान वीरता और बलिदान की पहचान मुगलों का अभिमान चूर किया वो है महाराणा प्रताप शौर्य और पराक्रम जिसका अद्भुत और अनोखा थ... Read more

अनमोल रिश्ता

धरा और गगन सम प्रीती हो सागर की गहराई से गहरी रीति हो प्रेम और विश्वास से भरी जिंदगी हो जीवन राह पर चाहे कितनी कठिन विपत्ति ... Read more

मैं मजदूर

मैं मजदूर निज अरमानों की बलि लगा कर्म पर अडिग रहता सर्दी गर्मी धूप बरसात सबकी मार सह आह तक न करता निशब्द पत्थर में जान डाल सुन्... Read more

आवाज

Neha कविता Apr 15, 2020
इस मौन क्षुब्ध ह्रदय से इक आवाज़ निकलती मन को झंझावत कर असीम वेदना गरजती रह रहकर इक चिनगारी है सुलगती क्यों विकल रुप धारण कर महा... Read more

मनुष्य तू बड़ा महान है

Neha कविता Apr 10, 2020
मनुष्य तू बड़ा महान तू सब गुणों की खान है तू जो चाहे पर्वतों को तोड़ नदियों के रूख को मोड़ दे अम्बर से उड़ान भर पाताल तक खोज करें... Read more

जय हनुमान

मारूति नन्दन पवन सुत वीर हनुमान नमन बारम्बार बधाई हो जन्मोत्सव आया चैत्र शुक्ल पुर्णिमा तिहारा रघुवर दास कहाते सर्व जग के क... Read more

स्वास्थ्य ही जीवन का मूल आधार

स्वास्थ्य ही जीवन का मूल आधार स्वास्थ्य बिना सब बेकार स्वास्थ्य ही जीवन की पूँजी यही प्राणों का आधार नित प्रातः काल आलस्य ... Read more

स्वास्थ्य ही जीवन का मूल आधार

स्वास्थ्य ही जीवन का मूल आधार स्वास्थ्य बिना सब बेकार स्वास्थ्य ही जीवन की पूँजी यही प्राणों का आधार नित प्रातः काल आलस्य ... Read more

युग प्रवर्तक दीप जल

युग प्रवर्तक दीप जल प्रतिदिन प्रतिपल दिव्य ज्योति प्रकाशित कर जग में प्रतिक्षण अज्ञानता रूपी अन्धकार को चीरकर ज्ञान का सिन्ध... Read more

हमारा राजस्थान

Neha कविता Mar 30, 2020
सबसे प्यारा सबसे न्यारा हमारा राजस्थान शौर्य वीरता त्याग से भरा इसका इतिहास हल्दी घाटी रणथंभौर के युद्ध अमर बलिदान वीरांगना... Read more

महादेवी वर्मा

Neha कविता Mar 26, 2020
हिन्दी साहित्य जगत की महान लेखिका बालपन से ही कविता की रही प्रेमिका आधुनिक युग की मीरा कहलाई आपकी हर रचना मन को भाई साहित्य ... Read more

नववर्ष मंगलमय हो

Neha कविता Mar 25, 2020
स्वागत है नववर्ष संग लाना उत्कर्ष नवरंग मधुरिम परिवेश लिए आना नववर्ष नववर्ष तिथि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भारतीय संस्कृति का... Read more

कोरोना....... अब और ना !!!

Neha कविता Mar 21, 2020
कोरोना कोरोना यह कैसी महामारी हैं मानवता पर वार किया बडा भारी है मानवता का शत्रु कोरोना भयकारी है चहुँ ओर फैली हुई यह बीमारी है ... Read more

नारी तुम विविध रूप में हो

नारी तुम श्रद्धा हो नारी तुम अटूट विश्वास हो सुन्दर मुस्कान हो मधुर अहसास हो नारी तुम विविध रूप में हो जीवन की कठिन राह पे ... Read more

अहसास

Neha कविता Feb 15, 2020
अहसास सुखद अनुभूति के भीतर है अहसास दु:ख में उपजे निरन्तर है विश्वाश की हर डोर से बंधा अहसास जीवन का एक हिस्सा है खास ... Read more

शहादत

Neha कविता Feb 15, 2020
वीर शहीदों की बलिदानी गाथा को भी सुनो सर्वस्व समर्पित कर गये निज धरा पे जो धरा पर चित्कार ऐसा हुआ था लहू की होली खेलें ,... Read more

ऋतुराज बसंत

Neha कविता Jan 29, 2020
प्रकृति की मनोरम छटा देख व्याकुल मन हर्षाया चहुँ ओर फैली हरियाली शाखाओं पे कोयल बोली पीत वर्ण की चूनर में धरा सजी सु... Read more

हमारा देश

Neha कविता Jan 26, 2020
भारत की शान वीरों की पहचान तिरंगा देशभक्ति की हर आवाज तिरंगा नील गगन में लहराता तिरंगा भारत भूमि का स्वाभिमान तिरंगा श... Read more

हिन्दी

Neha कविता Jan 10, 2020
आदि काल से चली आ रही जिसकी शान भक्ति रीति के कवियों की बनी अमिट पहचान साहित्य युग में कीर्ति बिखराती निज आन हिन्दी ही है ज... Read more

नव वर्ष

Neha कविता Dec 31, 2019
नववर्ष जीवन की राह पर कुछ ऐसे आना उल्लास व हर्ष की बौछार लाना मन के दर्पण खोल भेद मिटा जाना रवि सम अपनी कान्ति बिछा ज... Read more

हमारी पाखी

सबकी आँखों का तारा हो प्यारी राजदुलारी बिना तुम्हारे तो है जीवन की कहानी अधुरी प्यारी मुस्कान देख तेरी मासूम स... Read more

जन्मदिवस विशेष

जीवन ईश्वर द्वारा प्रदत्त अमूल्य सौगात है संघर्षों से जीत अनमोल बनें यही जज़्बात है सदैव उन्नति के पथ... Read more

सादगी

Neha कविता Nov 29, 2019
बचपन ममता की छाँव में था गुजरा बंधी प्रीत की डोर यौवन जिम्मेदारी में निखरा गृहस्थी चली कभी उभरी कभी गहरी राहों में जीवन पतवा... Read more

बचपन एक फुलवारी

Neha कविता Nov 14, 2019
बचपन एक महकती फुलवारी है जहाँ गम ना कोई जिम्मेदारी है खुशियों का खजाना जीवन के जिस हिस्से में वो बचपन ही था हर्षित... Read more

वीणा मैं तुम्हारी जिसके तुम तार

Neha कविता Sep 11, 2019
वीणा मैं तुम्हारी जिसके तुम तार साज हूँ मैं तुम्हारा तुम उसका सार सुर भी संगीत भी मधुर अहसास जब हो तकरार सुगम हो जाती रा... Read more

गुरू जगत का आधार

गुरू जगत का आधार गुरू की महिमा सबसे महान ईश से बढ गुरू सन्मार्ग पर ला करे उत्थान प्रकाशित करे दीप ज्यों जग गुरू जीवन को ... Read more

भारत की ज्योति

यह भारत की ज्योति इसे बिखरने दो रवि,शशि,नभ इस धरा को करें शत शत बार वंदन जब था कल दुर्जनों का मेला बिखरे प्रस्तर तिम... Read more

राही

Neha कविता Jul 31, 2019
बालपन के सुनहरे पलों में मैंने स्वप्न देखा जीवन की उन्मुक्त आकांक्षाओं में उल्लास देखा जीवन में न निराशा कभी मुझको दबाने पा... Read more

सावन

Neha कविता Jul 28, 2019
देखो आई ऋतु सुहानी सावन की सावन की ऋतु मनभावन की हरित वर्ण की चूनर ओढ़े धरा सज रही रंग बिरंगे फूलों का श्रृंगार लिए जँच र... Read more

नव भारतवर्ष

Neha कविता Jul 25, 2019
माँ भारती के आशीषों पर शुभ दिन आया है | आज फिर से तिरंगे ने परचम लहराया है | चाँद पर सफल परीक्षण हो पाया है | आशाओं के शिखर प... Read more

गुरू की महिमा सबसे महान

Neha कविता Jul 16, 2019
शत् शत् नमन गुरु आपको अभिनन्दन गुरू आपको गुरू की महिमा सबसे महान शब्दों में न हो सके बखान जीवन रूपी भवसागर से पार लगाये ... Read more

विरहिणी

कान्हा तुम अति बडभागी तुम्हरी प्रीत सब मन लागी न बनो निष्ठुर अविनाशी विरहिणी दरस को है प्यासी ज्यों तडपे जल बिन मछरी त्यो... Read more

बेटियाँ

Neha कविता Jun 28, 2019
मान हूँ अभिमान हूँ अपने घर की शान हूँ मैं बाबा के आँगन में थिरकती हुई मुस्कान हूँ भाग्य नहीं सौभाग्य से मिला वरदान हूँ ज... Read more

गर्मी संताप

Neha कविता Jun 14, 2019
सूरज देवता कितनी आग बरसाओगे गर्मी से पीडित लोगों को कितना तरसाओगे भीषण गर्मी में ओर कितना तडपाओगे क्या बादलो को आसमां की... Read more

मन दर्पण

Neha कविता Jun 14, 2019
आज फिर से उठ के बन्दे मन के दर्पण खोल कहीं गूँज रहे है फिर से अलबेले से बोल भावनाओं के दरिया में न बह नई राह बना ले विचारो... Read more

वर्षा आगमन

Neha कविता Jun 12, 2019
उमड़ घुमड कर बदरा छाए आसमां में घनघोर घटा सम छाई तूफान ने भी संग रफ्तार जमाई मानो वर्षा की होगी खूब अगुवाई हर्षित पु... Read more

वृक्ष

मनुष्य के जीवन का आधार है कुछ खास है पेड़ ही तो प्राणाधार है हमे आभास है धरती की शोभा बढ़ाते दिन रात पर्यावरण को ... Read more

केसरिया

Neha कविता May 23, 2019
केसरिया ही केसरिया जन जन के मन बसा है केसरिया देखो आ ही गया फिर से केसरिया राष्ट्रवाद की लहर ले आया विकास की फिर से ... Read more

रंगीला राजस्थान

Neha कविता May 18, 2019
कण-कण में जिसके वीरगाथा इतिहास अनूठा ऐसी राजवंशोंकी धरती से है अपना नाता संस्कृति और कला में जिसकी अलग पहचान रंग रंगीला और सजी... Read more

नन्ही परी

Neha कविता May 16, 2019
तेरी हँसी में रब दिख जाता है सारा तेरी इक मुस्कान पे दिन बन जाता है मेरा मासूम सा चेहरा अठखेलियां तेरी बन गए जीवन का ... Read more

माँ नाम अनमोल

Neha कविता May 12, 2019
ममता के सागर में मोती सी माँ जीवन के हर पथ पर बनी ज्योति माँ अपने अरमानो की बलि लगाकर बच्चों के सपनों को सजाती है ... Read more

अमर सपूतों की हुंकार

Neha कविता Feb 20, 2019
मात्रभूमि हित बलिवेदी शीश चढ़ाने वालों को लहू की होली खेल गए ,अमर जवानों को अमरत्व पा जो निज धरा में विलीन हो गए करते है... Read more

जय हिन्द की सेना

Neha कविता Feb 17, 2019
मात्रभूमि हित सच्ची प्रीत वालों को नमन हर प्रण निभाते जो रक्षार्थ निज चमन अब न चक्षु जलधारा ... Read more

भारत वर्ष

Neha कविता Jan 25, 2019
भारत वर्ष की भूमि का गुणगान जहाँ में हो यही हमारी कामना नवगान यहाँ से हो एकता अखण्डता एवं समरसता की कड़ी भारतवर्ष क... Read more

बरखा रानी

आई प्यारी बरखा रानी संग लाई रूत मस्तानी हर घर आँगन खिली फुलवारी जाने अब किसकी है बारी पेड़ो की शाखो पर लदी हर ड... Read more

अन्नदाता

धरती माँ की गोद में जन्मा धरती पर ही जीवन यापन कर बड़ा हुआ धरती पर ही लगन परिश्रम कर बढ़ने वाला सर्दी गर्मी ... Read more

सुहानी भोर

आई सुहानी भोर फैला उजियारा चहुँ ओर प्रकृति की मनोरम छटा छाई दूर दूर दूर हो चूका तम बीती निशा के साथ नवयुग अभ्युदय का हो ... Read more

चंचल मन

Neha कविता Nov 23, 2018
चंचल मन उड़ता पुरजोर पवन में अरमानो के पंख लिए नील गगन में कभी विश्वासों की डोर बाँध जाता आशाओं की डगर को जाता व्याकुल मन दर... Read more