Copy link to share

विदाई के बाद आई बेटी की याद

" विदाई के बाद आयी बेटी की याद " तुम मुझ सी हो या, मैं तुम सी हूँ। पहेली सुलझाने में ही, वक्त गुजर जाता है। क्या कहूँ क... Read more

संकल्प

बहुमजिंला इमारत की मुडेंर पर खडी थी वो, अपने दोनों हाथों को फैलाये चिडियों की तरह उड़ने को तैयार।और आँखों के आगे आ रहे थे शादी के बाद... Read more